टी20 वर्ल्ड कप में भारत के ऊपर पाकिस्तान की जीत के बाद पूर्व क्रिकेटर वकार यूनुस भावनाओं में इस कदर बह गए थे कि जीत को धर्म के चश्मे से देखना शुरू कर दिया. जब उनका यह शर्मनाक रूप पूरी दुनिया ने देखा तो जमकर आलोचना हुई. अब वकार यूनुस (Waqar Younis) को भी अपनी गलती का एहसास हो गया है. उन्होंने भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए माफी मांगी है. कहा कि किसी को ठेस पहुंचाना उनका मकसद नहीं था. गलती हो गई. खेल का धर्म से कोई लेना-देना नहीं है. बता दें कि वकार ने एक टीवी शो के दौरान कहा था कि
सबसे अच्छी बात जो रिज़वान ने की. माशाल्लाह उसने ग्राउंड में खड़े होकर नमाज़ पढ़ी. हिंदुओं के बीच में खड़े होकर. और वह मेरे लिए बहुत-बहुत स्पेशल चीज थी.’
एक पूर्व क्रिकेटर का
ऐसा बयान किसी के गले नहीं उतरा. फिर शुरू हुआ आलोचनाओं का दौर. मशहूर क्रिकेट कॉमेंटेटर हर्षा भोगले ने अपने
सोशल मीडिया पेज पर लिखा कि वक़ार यूनुस जैसे रुतबे वाले इंसान के लिए यह कहना कि हिंदुओं के आगे रिज़वान की नमाज़ पढ़ना उनके लिए बेहद स्पेशल था, उनके द्वारा सुनी गई सबसे निराश करने वाली बातों में से एक है. इस दौरान उन्होंने वकार से माफी की उम्मीद भी जता दी. अब वकार युनूस का माफीनामा आया है. उन्होंने ट्वीट किया है,
'परिस्थिति ऐसी थी कि मैंने जोश-जोश में कुछ ऐसा कह दिया जिससे कइयों की भावनाओं को ठेस पहुंचा. मेरा मकसद ऐसा कभी नहीं था. वाकई में गलती हो गई. जाति, धर्म और रंग से परे खेल लोगों को एकजुट करता है. #माफी' In the heat of the moment, I said something which I did not mean which has hurt the sentiments of many. I apologise for this, this was not intended at all, genuine mistake. Sports unites people regardless of race, colour or religion. #apologies 🙏🏻 — Waqar Younis (@waqyounis99) October 26, 2021
बता दें कि नमाज की घटना भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान भारतीय टीम की बल्लेबाजी के दौरान हुई. मैदान पर भारतीय पारी के दौरान ड्रिंक्स ब्रेक लिया गया. विराट कोहली, ऋषभ पंत क्रीज़ पर मौजूद थे. तभी विकेटकीपर मोहम्मद रिज़वान मैदान पर बैठे और नमाज़ अदा करने लगे. रिज़वान के ऐसा करने से मैच में कोई खलल नहीं पड़ा.