भारतीय टीम के पूर्व गेंदबाज़ी कोच भरत अरुण विराट कोहली के टेस्ट कप्तानी छोड़ने के फैसले से हैरान हैं. कोच भरत अरुण का कहना है कि विराट का ये फैसला उनके लिए बेहद हैरान करने वाला था. वे जब भी विराट से मिलते थे तो उनमें भारतीय टीम की कप्तानी करने का एक अलग ही जुनून नज़र आता था. खासतौर पर टेस्ट फॉर्मेट में जिसमें विराट को कप्तानी से बेहद लगाव था. अरुण ने ये भी कहा कि उन्हें इस बात का ज़रा भी अंदाज़ा नहीं था कि विराट टेस्ट की कप्तानी छोड़ देंगे. उनके हिसाब से अगले एक-दो साल तक कोई भी विराट को कप्तानी से नहीं हटा सकता था. अरुण ने इस बारे में न्यूज़9 से बात करते हुए कहा,
'मैं व्यक्तिगत रूप से हैरान था कि विराट ने कप्तानी छोड़ दी. क्योंकि जब भी हमारे बीच बात होती थी तो उनमें देश को लीड करने का एक जुनून नज़र आता था. वो चाहते थे कि भारत वर्ल्ड क्रिकेट में एक प्रमुख शक्ति बने और मुझे लगता है कि उन्होंने इसके लिए एक अद्भुत नींव भी रखी. मुझे पर्सनली ऐसा लगता है कि विराट के पास भारतीय टीम की कप्तानी के लिए अभी दो साल और थे.'
अरुण का मानना है कि भारतीय टीम की कप्तानी करना आसान काम नहीं. जब आप कप्तान के तौर पर मैदान में होते हैं तो आपका दिमाग हर समय चलता रहना चाहिए. साथ ही किसी भी खिलाड़ी में बतौर कप्तान तुरंत फैसले लेने की क्षमता होनी चाहिए. अरुण का मानना है कि इस मामले में पूर्व कप्तान एमएस धोनी सबसे बढ़िया थे, लेकिन विराट भी कम नहीं हैं. अरुण ने कहा,
'मैंने एमएस धोनी को करीब से देखा है, उनसे ज्यादा शांत दिमाग किसी के पास नहीं हो सकता. अगर आपके पास ऐसा दिमाग है जो कूल है, खेल के जोड़-भाग को समझता है. तो ऐसे में एक झटके में डिसीजन लेना आसान हो जाता है. क्योंकि डिसीजन डायनामिक भी होना चाहिए. आपको तुरंत फैसले लेने होते हैं. प्राइम मिनिस्टर के बाद ये देश का सबसे मुश्किल काम है. इसलिए मुझे लगता है जिसमें ये प्रेशर झेलने की क्षमता है उसे ही कप्तान होना चाहिए.'
विराट ने 2021 T20 वर्ल्ड कप के बाद T20 फॉर्मेट से भारतीय टीम की कप्तानी छोड़ दी थी. जिसके बाद उन्हें वनडे कप्तानी से भी हटा दिया गया. और अब जनवरी महीने में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 1-2 से टेस्ट सीरीज हारने के एक दिन बाद ही उन्होंने टेस्ट कप्तानी छोड़ने का भी ऐलान कर दिया. लंबे अर्से बाद पहली बार विराट कोहली साउथ अफ्रीका वनडे सीरीज में बतौर बल्लेबाज़ के तौर पर नज़र आए. विराट ने इस सीरीज के तीन मैच में 38.67 की औसत से 116 रन बनाए थे. जिनमे दो अर्धशतक भी थे. विराट की जगह रोहित शर्मा को टीम का कप्तान नियुक्त किया गया है. अब देखना होगा वो इस ज़िम्मेदारी को कैसे संभालते हैं.