कोहली को इस मसले पर क्रिकेट लेजेंड सचिन तेंडुलकर और पूर्व ओपनर गौतम गंभीर का भी सपोर्ट मिला है. इन दोनों ने ही ICC के इस फैसले की आलोचना की है.
# सबसे शुद्ध फॉर्मेट को छोड़ दें
भारत और श्रीलंका के खिलाफ गुवाहाटी में होने वाले पहले T20I से पहले मीडिया से बात करते हुए कोहली ने कहा,'मेरे हिसाब से, इसमें बदलाव नहीं होना चाहिए. जैसा कि मैंने कहा, डे-नाइट टेस्ट क्रिकेट के इस फॉर्मेट के कॉमर्शलाइजेशन की दिशा में एक और कदम है. साथ ही इससे टेस्ट के प्रति लोगों में उत्साह भी पैदा होगा, लेकिन इससे बहुत ज्यादा छेड़छाड़ नहीं की जा सकती. मुझे तो नहीं लगता.'कोहली ने कहा कि वह पांच दिवसीय क्रिकेट में इकलौता जो बदलाव चाहते हैं वह डे-नाइट ही है. कोहली ने कहा,
'मेरे हिसाब से टेस्ट क्रिकेट में जो सबसे बड़ा बदलाव आना चाहिए वह है डे-नाइट टेस्ट.'कोहली का मानना है कि अगर टेस्ट क्रिकेट को चार दिन का कर दिया गया तो आगे चलकर लोग इसे तीन दिन का करने के लिए कहेंगे. कोहली ने कहा,
'फिर आप सिर्फ और सिर्फ नंबर्स, मनोरंजन जैसी चीजों की बात करने लगते हैं. मैं सोचता हूं कि इसके बाद आपके इरादे सही नहीं रह जाते क्योंकि फिर आप तीन-दिन के टेस्ट की बात करते हैं. मेरा मतलब है कि आप इसे कहां खत्म करेंगे. फिर आप कहेंगे कि टेस्ट क्रिकेट विलुप्त हो रहा है. इसलिए मैं इसे जरा भी बढ़ावा नहीं देता. मुझे नहीं लगता कि यह क्रिकेट के सबसे शुद्ध फॉर्मेट के लिए सही होगा. क्रिकेट किस तरह शुरू हुआ था, और आपको पता है कि पांच-दिनों का टेस्ट इंटरनेशनल लेवल पर होने वाली सबसे बड़ी परीक्षा थी.'

Sachin Tendulkar फाइल फोटो, रॉयटर्स.
आईसीसी के इस प्रस्ताव पर बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कहा था कि
'अभी पहले हमें ये प्रस्ताव मिले. इसके बाद हम इसे देखेंगे और कोई कमेंट करेंगे. अभी इस पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा.'
# स्पिनर्स का नुकसान
कोहली के समर्थन में उतरे सचिन तेंदुलकर ने कहा कि टेस्ट से पांचवां दिन हटाने से स्पिनर्स का बहुत नुकसान होगा. सचिन ने मुंबई मिरर से बात करते हुए कहा,'स्पिनर्स घिसी हुई बॉल के साथ बोलिंग करने, पांचवें दिन विकेट पर पड़ी दरारों का फायदा उठाने का इंतजार करते हैं. यह सब टेस्ट क्रिकेट का हिस्सा है. स्पिनर्स से यह लाभ छीनना सही नहीं है. यहां T20 है, वनडे क्रिकेट है और फिर 100 बॉल क्रिकेट है. टेस्ट, क्रिकेट का सबसे शुद्ध फॉर्मेट है. इससे छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए.'सचिन ने सुझाव दिया कि ICC अगर टेस्ट क्रिकेट में बदलाव ही चाहती है तो उसे पिचों की क्वॉलिटी सही करने पर काम करना चाहिए. सचिन ने कहा,
'मेरे हिसाब से ICC को बेहतर क्वॉलिटी की पिचें देने पर फोकस करना चाहिए. बाकी का काम बॉल को करने दें, स्पिन, सीम, स्विंग और बाउंस. इससे गेम अपने आप बेहतर हो जाएगा. इससे ज्यादा रिजल्ट्स भी आएंगे.'इससे पहले गौतम गंभीर ने भी इस फैसले की आलोचना की थी. गंभीर ने इस आइडिया को बकवास करार दिया था.























