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वैभव के पास हर तरह का गेम है!

वैभव ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ 96 रन की पारी खेली. 47 गेंद की इस पारी में उन्होंने 8 चौके और सात छक्के लगाए. वैभव ने 31 गेंदों में अपने 50 रन पूरे किए.

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वैभव सूर्यवंशी ने क्वालिफायर 2 में सेंचुरी लगाई. (Photo-PTI)

वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) ने पूरे IPL में फैंस का जमकर मनोरंजन किया. क्रीज पर आते ही उनका जो अटैक शुरू होता था, वह उनके आउट होने तक जारी रहता. इस बीच, फिर कोई तुरर्म खां गेंदबाज आ जाए, वैभव को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. उनकी इस विस्फोटक अंदाज को देखकर ही कई लोग उन्हें केवल 'हिटर' या 'स्लॉगर' कहने लगे. इसी बहाने उनकी मैच्योरिटी पर भी सवाल उठाने लगे. लेकिन, वैभव ने दूसरे क्वालिफायर मुकाबले में इस ओपिनियन को भी बाउंड्री के पार पहुंचा दिया.

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मुश्किल में थी राजस्थान रॉयल्स

वैभव ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ 96 रन की पारी खेली. 47 गेंद की इस पारी में उन्होंने 8 चौके और 7 छक्के लगाए. वैभव ने 31 गेंदों में अपने 50 रन पूरे किए. यह उनके करियर की सबसे धीमी पारी थी. लेकिन इस पारी में वैभव ने दिखाया कि वह कंडीशन और जरूरत के मुताबिक गियर बदल सकते हैं. राजस्थान रॉयल्स की पारी शुरू हुई और चौथी ही गेंद पर यशस्वी जायसवल पवेलियन लौट गए. तीसरे नंबर पर उतरे ध्रुव जुरेल भी वैभव का साथ नहीं दे सके. टीम का स्कोर 2 विकेट पर 9 रन था. यह वह समय था, जब वैभव को एहसास हुआ कि आज उन्हें टीम के लिए सिर्फ हिटर नहीं, बल्कि एंकर का रोल निभाना होगा.

वैभव की मैच्योरिटी ने किया हैरान

वैभव ने इसके बहुत संभलकर बल्लेबाजी की. वह हमेशा की तरह अल्ट्रा अग्रेसिव जोन में नहीं दिखे. जो गेंद उनकी रडार में आई, उन्होंने उसे हिट किया. लेकिन, अच्छी गेंदों का सम्मान भी किया. वैभव ने यहां कंपोजर दिखाते हुए लगातार स्ट्राइक रोटेट की, ताकि न तो उनपर ज्यादा दबाव आए और न ही सामने वाले बल्लेबाज पर. इस दौरान उनकी रनिंग बिटवीन द विकेट ज्यादा नजर आई. वैभव अपने विकेट की कीमत समझ रहे थे. 

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वह जानते थे कि टीम को एक डिफेंडेबल स्कोर तक पहुंचाने के लिए उनका टिका रहना कितना अहम है. एक ऐसे मैच में जहां जीत टीम को फाइनल पहुंचा सकती है और हार टूर्नामेंट से बाहर. इस तरह के दबाव में भी वैभव ने जो बल्लेबाजी की, उसने साबित किया उनके पास हर तरह का गेम है. एक मैच्योर बल्लेबाज की सबसे बड़ी पहचान होती है, कंडीशंस के मुताबिक अडैप्ट करना. क्वालिफायर-2 में यही दिखा. 

वैभव अपने नहीं टीम के स्कोर के बारे में सोच रहे थे. उनपर सबसे तेज शतक बनाने का दबाव नहीं था. दबाव था तो बस टीम को मुश्किल से निकालने का. यही कारण था कि जब वह 96 के स्कोर पर आउट हुए तो वह काफी निराश हो गए. लिपसिंक देखकर लगा कि उन्होंने खुद से कहा, 

'क्यों मार दिया' 

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वैभव ने इस सीजन तोड़े कई रिकॉर्ड

इस पारी में भी वैभव सूर्यवंशी का रिकॉर्ड तोड़ने का सिलसिला नहीं रुका. वैभव ने इस पारी में IPL में अपने 1000 रन भी पूरे कर लिए. वह सबसे कम गेंदों में 1000 रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं. इस सीजन में वैभव के नाम अब 776 रन हो चुके हैं. वह IPL के एक सीजन में सबसे कम उम्र में 700 रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं. 

IPL में सबसे तेज 1000 रन 

रैंक बल्लेबाज का नाम सामना की गई गेंदें
1 वैभव सूर्यवंशी 440
2 आंद्रे रसेल 545
3 टिम डेविड 560
4 ट्रैविस हेड 575
4 फिल साल्ट 575

 

सबसे कम उम्र में IPL में 700 रन बनाने वाले खिलाड़ी

खिलाड़ी का नाम उम्र सीजन
वैभव सूर्यवंशी 15 साल 63 दिन 2026
साई सुदर्शन 23 साल 227 दिन 2025
शुभमन गिल 23 साल 257 दिन 2023
विराट कोहली 27 साल 193 दिन 2016
केन विलियमसन 27 साल 292 दिन 2018
डेविड वॉर्नर 29 साल 213 दिन 2016
जॉस बटलर 31 साल 258 दिन 2022
क्रिस गेल 32 साल 239 दिन 2012
क्रिस गेल 33 साल 239 दिन 2013
सूर्यकुमार यादव 34 साल 260 दिन 2025
विराट कोहली 35 साल 195 दिन 2024
माइकल हसी 37 साल 359 दिन 2013
फाफ डु प्लेसिस 38 साल 309 दिन 2023

वैभव की पावरप्ले हिटिंग में भी अब एक बड़ा रिकॉर्ड है. उन्होंने इस सीजन पावरप्ले में 233.63 के स्ट्राइक रेट से 521 रन बनाए हैं. उन्होंने इस मामले में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज डेविड वॉर्नर का रिकॉर्ड तोड़ा है. वॉर्नर ने 2016 में सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से खेलते हुए 467 रन बनाए थे. वैभव के लिए यह सीजन यादगार और शानदार रहा. 

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