संजू सैमसन (Sanju Samson) को छोड़कर भारत के सभी बल्लेबाज फॉर्म में हैं. ऐसे में टीम मैनेजमेंट 9 अक्टूबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ (IndvsWI) रांची में होने दूसरे T20I मैच में चेंज कर सकता है. इस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) को अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) के साथ पारी का आगाज करने के लिए भेजा जा सकता है. भारतीय टीम यहां जीत हासिल करने पर 5 मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त बना लेगी. लेकिन, टीम के लिए सैमसन का खराब प्रदर्शन चिंता का विषय बना हुआ है.
संजू की जगह मिलेगा वैभव को मौका! खराब फॉर्म को कब तक इग्नोर करेगा टीम मैनेजमेंट?
Ind vs WI 2nd T20I : टीम इंडिया को वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरा T20I 9 अक्टूबर को रांची में खेलना है. इस दौरान ओपनर Sanju Samson को टीम से ड्रॉप किया जा सकता है. उनकी जगह Vaibhav Sooryavanshi को टीम मैनेजमेंट आजमा सकता है.

सैमसन पिछली चार पारियों में सिर्फ 29 रन ही बना पाए हैं. इनमें उनका हाईएस्ट स्कोर भी 11 रन ही रहा है. उनकी इस असफलता के कारण भारत को इन मैच में अच्छी शुरुआत नहीं मिल पाई. लेकिन, पिछले मैच में कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई में मिडिल ऑर्डर ने उनकी असफलता का टीम पर खास असर नहीं पड़ने दिया. अय्यर ने अपने करियर के 68वें मैच में अपनी पहली T20I सेंचुरी जड़ी.
यही कारण है कि दूसरे मुकाबले में सूर्यवंशी को मौका मिल सकता है. उन्होंने अब तक मिले अवसरों पर यह साबित कर दिया कि वह खेल के सबसे छोटे फॉर्मेट के लिए सटीक बैटर हैं. उनके पास कई तरह के शॉट हैं और वह अपने अटैकिंग स्टाइल से विपक्षी टीम को शुरू में ही दबाव में ला सकते हैं.
भारतीय टीम मैनेजमेंट ने उन्हें मौका देने के बजाय अब तक अभिषेक और सैमसन की ओपनिंग जोड़ी का ही समर्थन किया है. हालांकि, जापान में एशियन गेम्स में सूर्यवंशी और अभिषेक ही पारी का आगाज कर रहे थे. सैमसन तब नंबर 3 पर बैटिंग के लिए उतरते थे. टीम मैनेजमेंट ने अब तक सैमसन के प्रति अपना समर्थन जारी रखा है. लेकिन, वो अभी तक उम्मीद पर खरा नहीं उतर पाए हैं.
ऐसे में वेस्टइंडीज के खिलाफ चल रही ये सीरीज सैमसन के फ्यूचर के लिए काफी अहम साबित हो सकती है. वर्ल्ड कप में अपने अच्छे प्रदर्शन के दम पर वो कब तक अपनी जगह बरकरार रख सकते हैं?
उधर, 15 साल के सूर्यवंशी ने अपनी प्रतिभा के बावजूद यह भी जान लिया है कि इंटरनेशनल क्रिकेट एक अलग ही चीज है. इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भारत की 0-3 से हार में उन्होंने 14, 13 और 15 रन बनाए. एशियन गेम्स में भी उन्होंने 18 और 35 रन बनाए. एक यंग प्लेयर के लिए यह स्कोर खराब नहीं हैं. लेकिन सिर्फ प्रचार के कारण उन्हें टॉप लेवल क्रिकेट में जल्दबाजी में शामिल नहीं किया जा सकता है. इसलिए टीम मैनेजमेंट सूर्यवंशी को एक और मौका देने से पहले सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार करेगा.
ये भी पढ़ें : 2016 से भी बेहतर खेल रहे विराट! डिविलियर्स का कोहली को लेकर बड़ा दावा
पेस अटैक में भी हो सकता है चेंजभारत अपनी पेस बॉलिंग कॉम्बिनेशन में भी चेंज कर सकता है. लखनऊ में खेले गए पहले T20I मैच के पहले ओवर में ही मयंक यादव ने 16 रन लुटा दिए थे. वह बीच के ओवरों और अंतिम ओवरों में भी महंगे साबित हुए. ऐसे में ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी को टीम में शामिल किया जा सकता है. उन्हें नई गेंद से बॉलिंग करवाने के बारे में भी मैनेजमेंट सोच सकता है. हालांकि, ODI सीरीज के दौरान यह प्रयोग खास सफल नहीं रहा था.
वहीं, स्पिन विभाग की बात करें तो कुलदीप यादव और अक्षर पटेल के साथ मिलने से टीम को मजबूती मिली है. इन दोनों ने पहले मैच में दो-दो विकेट लिए थे. इसके अलावा, युवा ऑलराउंडर नमन धीर का प्रदर्शन भी भारत के लिए सकारात्मक पहलू है. उन्होंने अपनी ऑफ स्पिन बॉलिंग से 31 रन देकर तीन विकेट लिए थे.
वेस्टइंडीज के बैटर्स को उठानी होगी जिम्मेदारीवहीं, वेस्टइंडीज को अगर पलटवार करना है तो उसके बैटर्स को बड़ा स्कोर बनाना होगा. क्योंकि भारत ने पिछले मैच में उसके 171 रन के स्कोर को बौना साबित कर दिया था. वेस्टइंडीज के पास T20 के माहिर खिलाड़ियों की कमी नहीं है. इनमें कप्तान शे होप, शिमरोन हेटमायर, रोवमैन पॉवेल, रोस्टन चेज और रोमारियो शेफर्ड शामिल हैं. बैटिंग निश्चित रूप से वेस्टइंडीज का मजबूत पक्ष है. लेकिन, टीम इंडिया को चैलेंज करने के लिए उन्हें कम से कम 220 रन बनाने होंगे. बॉलिंग में उसकी टीम बाएं हाथ के स्पिनर अकील हुसैन से अच्छा प्रदर्शन की उम्मीद करेगी.
वीडियो: दलीप ट्रॉफी में वैभव सूर्यवंशी का धमाका, अर्धशतक के साथ बनाए कई रिकॉर्ड











