टीम इंडिया का कोच बनने के लिेए 10 लोगों ने अप्लाई किया था. जिसमें से बोर्ड ने इन 6 लोगों को शॉर्टलिस्ट किया है. बीसीसीआई की क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी, जिसे सीएसी कहते हैं, कोच पद के लिए 6 दावेदारों का इंटरव्यू 10 जुलाई को करेगी. सीएसी में सौरव गांगुली, सचिन तेंडुलकर और वीवीएस लक्ष्मण हैं. कोच बनने के लिए रवि शास्त्री, वीरेंद्र सहवाग, टॉम मूडी, रिचर्ड पाइबस, डोडा गणेश, लालचंद राजपूत, लैंस क्लूजनर, राकेश शर्मा, फिल साइमन्स और उपेंद्रनाथ बह्मचारी ने अप्लाई किया था. इनमें से शास्त्री, सहवाग, मूडी, साइमन्स, पाइबस औऱ राजूपूत से सीएसी मिलेगी. जबकि साउथ अफ्रीका के धांसू ऑलराउंडर रहे लांस क्लूजनर को फिलहार वेटिंग लिस्ट में रखा गया है. जानिए कौन हैं ये 6 जिनका इंटरव्यू होना है और किस कारण अटक सकता है इनका मामला...
# रवि शास्त्री, उम्र- 55 साल
टीम इंडिया का कोच बनने के लिए रवि शास्त्री को सबसे आगे माना जा रहा है. टीम के साथ बतौर टीम डायरेक्टर काम कर चुके शास्त्री का रिकॉर्ड अच्छा रहा है. अगस्त 2014 से अप्रैल 2016 तक किसी भी कोच की गैर मौजूदगी में शास्त्री ने टीम को ट्रेन किया. इन्हीं के अंडर टीम 2015 वर्ल्ड कप और 2016 में वर्ल्ड टी-20 के सेमीफाइनल्स तक पहुंची. इसी बीच फरवरी 2016 में टीम ने करीब 8 हफ्तों के लिए टेस्ट में नंबर वन रैंकिंग भी अपने नाम की. रवि शास्त्री यूं तो एक्सपीरियंस और रिकॉर्ड के हिसाब से इस पोस्ट के लिए सबसे आगे हैं. साथ ही कप्तान विराट कोहली की भी पहली पसंद शास्त्री ही हैं. कोच चुनने में कप्तान की अहम भूमिका रही है. लोचा- मगर एक साल पहले जब कोच पद के लिेए इंटरव्यू हुए थे तो रवि शास्त्री ने भी अप्लाई किया था, मगर ओवर कॉन्फिडेंस इतना था इंटरव्यू देने खुद नहीं आए और विदेश में छुट्टियां मनाते हुए स्काइप पर इंटरव्यू देने की पेशकश की थी. इस पर दादा या सौरव गांगुली ने इंटरव्यू लेने से मना कर दिया. और इसे डैकोरम खराब करने वाला स्टेप बताया. दोनों में काफी तू-तू मैं-मै हुई. और अब फिर एक बार शास्त्री को सौरव के सामने पेश होना है.
# वीरेंद्र सहवाग, उम्र- 38 साल
पहले क्रीज पर खड़े खड़े बॉलर्स का धुआं निकालने के लिए मशहूर हुए और रिटायरमेंट के बाद अब अपने सेंस ऑफ ह्यूमर के लिए. ट्विटर पर सबसे ज्यादा एक्टिव रहते हैं औऱ लोगों की खूब टांग भी खींचते हैं. वीरू ने कोच बनने के लिए जब अप्लाई किया था, तो उसमें सिर्फ दो लाइन लिखी थी. मैंने अभी की टीम इंडिया के लगभग हर प्लेयर के साथ क्रिकेट खेला है और मैं आईपीएल में किंग्स इलेवन का मैंटर भी हूं. जिस पर बोर्ड ने उन्हें रिप्लाई किया कि अपनी पूरी प्रोफाइल और टीम को कैसे आगे ले जाएंगे, इस पर अपना विज़न भेजें. शास्त्री के बाद वीरू को कोच पद के लिए सबसे आगे माना जा रहा है.
लोचा- जानकार मानते हैं कि सहवाग का इंडियन क्रिकेट में योगदान गजब का है. मगर जब बात आती है कोच पद की तो अभी सहवाग के पास न तो कोचिंग का कोई एक्सपीरियंस है और न तो वो ऑफ द फील्ड सीरियस दिखते हैं. अपनी ऊल-जलूल बयानबाजी के चलते भी उनकी इमेज हल्की पड़ी है. अभी चैंपियंस ट्रॉफी में इंडिया-पाकिस्तान के फाइनल से पहले भी इसी तरह की बयानबाजी के चलते ट्रोल हुए थे.
# टॉम मूडी, 51 साल
ऑस्ट्रेलिया के थॉमसन मेसन मूडी, जिन्हें टॉम मूडी के नाम से जाना जाता है, श्रीलंका के कोच रह चुके हैं. पिछले 12 सालों में ये तीसरा मौका है जब मूडी ने टीम इंडिया का कोच बनने के लिए अप्लाई किया है. साल 2005 में कुंबले, तेंडुलकर और द्रविड़ मूडी को कोच बनाने के पक्ष में थे, वहीं कप्तान गांगुली ग्रेग चैपल को लाना चाहते थे. ग्रेग चैपल ही कोच बने और आगे सब जानते हैं क्या हुआ. उसी साल मूडी श्रीलंका के कोच बन गए और आज भी श्रीलंका में मूडी को काफी माना जाता है. फिर बारी आई पिछले साल यानी 2016 की, जब कुंबले को कोच चुन लिया गया और जहां मूडी ने भी अप्लाई किया था. अब ये तीसरी बार है कि मूड फिर रेस में हैं. बतौर कोच श्रीलंका, काउंटी क्रिकेट और आईपीएल समेत कई टी-20 टीमों के कोच रह चुके मूडी का कोचिंग प्रोफाइल काफी मजबूत है.
लोचा- बोर्ड की कोशिश है कि इंडियन ओरिजन का ही कोच हो ताकि वो प्लेयर्स को अंदर तक समझ सके. भाषा, व्यवहार और क्रिकेट स्टाइल के मामले में हर प्लेयर से इंटरैक्ट कर सके. डंकन फ्लेचर के बाद रवि शास्त्री और फिर अनिल कुंबले को लाने का यही मकसद था. इस बीच टॉम मूडी का केस थोड़ा कमजोर पड़ता है और दूसरा ग्रेग चैपल के केस से ऑस्ट्रेलियन कोच का एक्सपीरियंस भी खराब रहा है.
#लालचंद राजपूत, उम्र-55 साल
क्रिकेट की बारीकियां समझने वाले लालचंद मुंबई टीम औऱ इंडिया-ए टीम के कोच रहे चुके हैं. अब अफगानिस्तान टीम के हेड कोच हैं. साल 2007-08 के बीच टीम इंडिया के क्रिकेट मैनेजर रहे हैं. इंडिया के लिेए मुंबई के इस राइट हैंड बल्लेबाज ने 1985-87 के बीच दो टेस्ट मैच और चार वनडे खेले हैं. राजपूत के अंडर अफगानिस्तान टीम काफी अच्छा परफॉर्म कर रही है.
लोचा- जानकार मानते हैं कि लालचंद राजपूत का कद क्रिकेट सर्कल में बड़ा नहीं है कि उन्हें टीम इंडिया का हेड कोच बनाया जाए.
#रिचर्ड पाइबस, उम्र-53 साल
इंग्लैंड में जन्मे और ऑस्ट्रेलिया पले-बढ़े रिचर्ड एलैग्जेंडर पाइबस इकलौते ऐसे क्रिकेट कोच हैं जिन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं खेला मगर दुनिया भर में क्रिकेट कोचिंग के लिेए जाना जाता है. पहले 1999 में पाकिस्तान टीम और भी बांग्लादेश के कोच रहे और इसी साल वेस्टइंडीज के साथ तीन साल का कोचिंग असाइनमेंट खत्म करके टीम इंडिया के कोच बनने के लिए अप्लाई किया है. पीबस को साउथ अफ्रीका की फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे धांसू कोच माना जाता है. साउथ अफ्रीका के क्रिकेट बोर्ड सीएसए ने पीबस को साल 2008-09 और 2010-11 का कोच ऑफ द ईयर घोषित किया था. राइट-आर्म फास्ट बॉलर बनने की चाहत रखने वाले पीबस ने क्रिकेट के साथ साथ रग्बी भी खेला था. मगर 20 साल से भी कम की उम्र में खेल के दौरान घायल होने पर पांच ऑप्रेशन करवाने पड़े और फिर फुल टाइम कोचिंग अपना ली. लोचा- पाइबस का बतौर कोच बढ़िया रिकॉर्ड रहा है मगर हाल के सालों में इंटरनेशनल क्रिकेट में पूछ कम हुई है. ऐसे में जब टीम इंडिया के कोच के लिए पहले ही धुरंधर रेस में हैं, पाइबस का मामला ढीला लगता है.
#फिल साइमन्स, उम्र- 54 साल
वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम में बतौर ऑलराउंडर रहे साइमन्स ओपनिंग बैट्समैन, मीडियम फास्ट बॉलर और स्लिप फील्डर रहे. इंडिया के खिलाफ साल 1998 में करियर का पहला टेस्ट खेला औऱ अपने 11 साल के इंटरनेशनल क्रिकेट करियर में खूब नाम कमाया. साल 1997 में विस्डन क्रिकेटर ऑफ द ईयर का खिताब भी मिला. करियर के शुरुआत में ही 1998 में साइमन्स के सिर पर बैंटिंग करते हुए गेंद लग गई थी और वे क्रीज पर गिर पड़े थे. दिल की धड़कन रुक गई और फिर सर्जनी करनी पड़ी थी. इस चोट से उबर कर करीब 10 साल और क्रिकेट खेला. साल 2004 में जिम्बाब्वे के कोच बने, फिर 2007 में आयरलैंड टीम के लंबे समय तक कोच रहे. इस दौरान आयरलैंड की टीम ने 11 ट्रॉफी जीतने के साथ साथ हर बड़े आईसीसी टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई किया. पाकिस्तान औऱ बांग्लादेश को 2007 वर्ल्ड कप, इंग्लैंड को 2011 वर्ल्ड कप और वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे को 2015 वर्ल्ड कप में धूल चटाई. इसके बाद 2015 में साइमन्स वेस्टइंडीज टीम का हेड कोच बनाया गया. इन्हीं की कोचिंग में विंडीज ने 2016 का वर्ल्ड टी-20 इंडिया में जीता.
लोचा- साइमन्स ने या तो छोटी टीमों के साथ काम किया है या फिर अपने देश की विंडीज टीम के साथ. टीम इंडिया का कोच बनने के लिए उतना माद्दा इनमें नहीं देखा जा रहा है. ये भी पढें- ये इंजीनियर 'घमंडी कोहली' को सबक सिखाने के लिए कोच बनना चाहता है
























