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'इस पैसे से आतंकियों को फंड...', क्या गावस्कर की सलाह मानेंगी काव्या मारन?

Sunil Gavaskar ने सनराइजर्स लीड्स द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदे जाने पर हो रही ट्रोलिंग को लेकर कोई हैरानी नहीं जताई. उन्होंने 2008 की याद दिलाई, जब IPL में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नजरअंदाज कर दिया गया था.

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पूर्व भारतीय कप्तान ने आगे कहा कि फैंस इस टीम का बहिष्कार कर सकते हैं. (Photo-PTI)

पाकिस्तान खिलाड़ी अबरार अहमद को द हंड्रेड ऑक्शन में खरीदने को लेकर सनराइजर्स लीड्स की काफी ट्रोलिंग हुई. लोग इस बात से नाखुश थे कि इंडिया की फ्रैंचाइजी ने पाकिस्तान के प्लेयर को खरीदा. भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर का भी कुछ ऐसा ही मानना है. उन्होंने कहा है कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को खरीद कर लोग भारतीयों के खिलाफ होने वाले अपराध में मदद कर रहे हैं.

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गावस्कर भी फैसले से नाराज

गावस्कर ने सनराइजर्स की ट्रोलिंग पर कोई हैरानी नहीं जताई. उनका मानना है कि यह होना ही था. गावस्कर ने साल 2008 की भी याद दिलाई, जब IPL में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नजरअंदाज किया गया था. गावस्कर ने कहा,

''इस मामले में हुए बवाल में कोई हैरानी वाली बात नहीं है. नवंबर 2008 में मुंबई हमलों के बाद से, भारतीय फ्रेंचाइजी मालिकों ने IPL के लिए पाकिस्तानी खिलाड़ियों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया है.''

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गावस्कर के मुताबिक पाकिस्तानी खिलाड़ियों को दिया जाने वाला पैसा, इनडायरेक्ट तरीके से ही सही पर भारतीय सैनिकों और नागरिकों की मौत का कारण बनता है. उन्होंने मिड डे पर छपे अपने कॉलम में लिखा,

''अब देर से ही सही, लेकिन लोगों को समझ आ गया है. जब हम पाकिस्तानी खिलाड़ी या आर्टिस्ट को भारत में पैसे देते हैं, तो उस पैसे से वो टैक्स अपनी सरकार को देते हैं. और उनकी सरकार उन पैसों से हथियार और अस्लहा खरीदती है. जिससे भारतीय जवानों और नागरिकों की जान जाती है. इस वजह से अब भारतीय कंपनियां, प्रोड्यूसर, IPL टीमें वगैरह पाकिस्तानी आर्टिस्ट और स्पोर्ट्स पर्सन को लेने से ही मना कर रहे हैं. क्योंकि पैसा देने से अप्रत्यक्ष रूप से दुश्मन की मदद हो रही है.''

गावस्कर की टीम मालिक को सलाह

सनराइजर्स ने जब अबरार अहमद को खरीदा तो उनका X अकाउंट कुछ समय के लिए बंद हो गया. अकाउंट जब कुछ समय बाद फिर से एक्टिवेट हुआ तो लोगों को गुस्सा डैनियल विटोरी के बयान पर और बढ़ गया. विटोरी ने बताया कि सिर्फ अबरार ही नहीं बल्कि उस्मान तारिक भी उनके प्लान का हिस्सा थे. गावस्कर को लगता है कि विटोरी एक भारतीय की भावना नहीं समझ सकते हैं. लेकिन टीम के मालिकों को यह समझना चाहिए. उन्होंने लिखा,

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''पैसा देने वाली संस्था भारतीय हो या उसकी विदेशी सहायक कंपनी, अगर मालिक भारतीय है, तो वह भारतीय खिलाड़ियों की जान की हानि में योगदान दे रहा है. बात इतनी ही सिंपल है. न्यूजीलैंड के रहने वाले डेनियल वेटोरी, जो 'द हंड्रेड' में टीम के कोच हैं, शायद इस आसान से फैक्ट को नहीं समझते और इसलिए अपनी टीम में कुछ पाकिस्तानी खिलाड़ी चाहते होंगे. लेकिन मालिक को स्थिति को समझना चाहिए था और इस डील को रोकना चाहिए था. क्या किसी ऐसे प्रारूप में टूर्नामेंट जीतना, जिसमें कोई अन्य देश नहीं खेलता, भारतीय जिंदगियों से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है?''

पूर्व भारतीय कप्तान ने आगे कहा कि फैंस इस टीम का बहिष्कार कर सकते हैं. गावस्कर ने बताया,

"यह कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी कि इस टीम के हर मैच में भारतीय फैंस बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करेंगे. वो इस ऑक्शन का विरोध करेंगे. बल्कि यह भी संभव है कि टीम में कुछ बेहतरीन बल्लेबाज होने के बावजूद स्टेडियम में भीड़ कम आए और लोग इस फैसले का विरोध जताने के लिए दूर ही रहें."

गावस्कर ने आगे ये भी कहा,

“अभी भी गलती सुधारने का समय है. उम्मीद है कि समझदार लोग आगे आएंगे और सही फैसला होगा.”

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अबरार के खेलने पर संशय है

द हंड्रेड 2026 के ऑक्शन में सनराइजर्स लीड्स ने अबरार अहमद को 1 लाख 90 हजार पाउंड, यानी करीब 2.34 करोड़ रुपये में खरीदा था. अब उनके इस टूर्नामेंट में खेलने पर संशय है. इसके पीछे की वजह है पाकिस्तान और वेस्टइंडीज की सीरीज. इस बात की संभावना है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी PCB शायद उन्हें नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) न दे, क्योंकि पाकिस्तान टीम को द हंड्रेड के दौरान वेस्टइंडीज का दौरा करना है. यानि जिस चीज खिलाड़ी के लिए सनराइजर्स इतनी ट्रोलिंग झेल रहा है, हो सकता है वह खिलाड़ी खेलने के लिए उपलब्ध ही न हो.

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