विनोद कांबली. पूर्व इंडियन क्रिकेटर. वो खिलाड़ी, जिन्हें 1990 के दशक के सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक माना जाता था. विनोद अब काम की तलाश में है. वो नौकरी ढूंढ़ रहे हैं और आर्थिक तंगी से गुजर रहे है. ये बात उन्होंने खुद बताई है. इसके साथ उन्होंने बताया है कि कैसे मुश्किल समय में सचिन तेंडुलकर ने उनकी मदद की थी. लेकिन अब वो दोबारा उनसे मदद नहीं मांगेंगे.
सचिन सब जानते हैं, लेकिन... काम की तलाश में हैं तंगहाली से जूझ रहे विनोद कांबली!
सिर्फ BCCI की पेंशन से नहीं हो रहा गुजारा.


विनोद कांबली ने ये भी बताया उनको BCCI की तरफ से 30 हजार रुपये की पेंशन मिलती है. जिसके लिए वो आभारी है. लेकिन वो अपने परिवार को चलाने के लिए क्रिकेट से सबंधित काम ढूंढ़ रहे हैं. मिड डे से बात करते हुए उन्होंने बताया,
‘मैं एक रिटायर्ड क्रिकेटर हूं. जो पूरी तरह से BCCI से मिलने वाली पेंशन पर निर्भर है. मेरी आय का स्रोत इस समय सिर्फ बोर्ड से है, जिसके लिए मैं वास्तव में शुक्रगुज़ार और आभारी हूं. यह मेरे परिवार का ख्याल रखता है.’
इसके साथ उन्होंने कहा,
‘मुझे काम चाहिए, जहां मैं युवाओं के साथ काम कर सकूं. मैं जानता हूं मुंबई (क्रिकेट) ने हेड कोच के तौर पर अमोल मजूमदार को रिटेन किया है. लेकिन अगर कहीं भी मेरी जरुरत पड़ती है तो मैं वहां हूं. हमने साथ में खेला है और हम एक अच्छी टीम है. और मैं चाहता हूं कि मुंबई क्रिकेट टीम भी यही करें, एक टीम की तरह खेलें.
मैं MCA (मुंबई क्रिकेट असोसिएशन) की मदद ले रहा था. मैं CIC (क्रिकेट इम्प्रूवमेंट कमिटी) में भी गया लेकिन वो बिना सैलरी वाली नौकरी थी. मैं फिर MCA गया मदद के लिए. मेरे पास देखभाल करने के लिए एक परिवार है. मैंने MCA से कई बार कहा कि अगर आपको मेरी जरूरत है, तो मैं वहां हूं. चाहे वह वानखेड़े स्टेडियम में हो या बीकेसी (बांद्रा कुर्ला कॉम्पलेक्स) में. मुंबई क्रिकेट ने मुझे बहुत कुछ दिया है. मेरा जीवन इस खेल का कर्ज़दार है.’
बताते चलें, कांबली इससे पहले कई बार कोचिंग कर चुके है. साल 2019 में मुंबई की T20 लीग में उन्होंने एक टीम की कोचिंग की थी. और इसके साथ वह सचिन की तेंडुलकर मिडलसेक्स ग्लोबल अकेडमी में भी यंग खिलाड़ियों को गाइड कर चुके है. लेकिन बाद में उनको ये काम छोड़ना पड़ा था. विनोद कांबली की मानें तो अब भी सचिन को उनकी आर्थिक स्थिति का अंदाजा है. लेकिन अब वो उनसे कोई उम्मीदें नहीं लगा रहे हैं.
उन्होंने कहा,
‘वो (सचिन) सब जानते हैं, लेकिन मैं उनसे कोई उम्मीद नहीं कर रहा हूं. उन्होंने मुझे TMGA (तेंडुलकर मिडलसेक्स ग्लोबल अकेडमी) में काम दिया था. मैं बहुत खुश था. वो बहुत अच्छे दोस्त रहे हैं. वो मेरी मदद के लिए हमेशा मेरे पास रहे हैं. मैं शारदाश्रम जाता था, जहां हम साथ में खाना खाते थे. वहीं सचिन मेरे दोस्त बन गए. मैं बहुत गरीब फैमिली से आया हूं.’
बता दें, विनोद कांबली ने इंडिया के लिए 17 टेस्ट और 104 वनडे मुकाबले खेले हैं. शुरुआती दिनों में उन्हें बहुत बेहतरीन बल्लेबाज माना जाता था. लेकिन बाद में उनका करियर असमय खत्म हो गया.
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