इंडियन टीम में सब वैसे ही फेंटा जा रहा है जैसे छकड़ी में गड्डी फेंटी जाती है. कभी लगा सहवाग कोच बने, कभी लगा टॉम मूडी मैदान मार ले जायेंगे. फिर पता चला शास्त्री बना दिए गए. साथ में ज़हीर खान और राहुल द्रविड़ भी थे. लेकिन फिर शास्त्री ने टांग दे दी. उनको अपना सपोर्ट स्टाफ चाहिए था. मालूम चला द्रविड़ और ज़हीर साथ नहीं रहेंगे. कुम्बले ने पहले ही किनारा कर लिया था. इसीलिए ये सब कवायद शुरू हुई थी. कोहली के साथ उनकी बनी नहीं. कोहली, शास्त्री के साथ काफी कम्फर्टेबल हैं. उन्हें शास्त्री ही चाहिए था. अनिल कुम्बले ने हालांकि अपना एक साल पूरा होने के आस-पास ही ये मुहिम भी छेड़ने की कोशिश की थी कि कोच और प्लेयर्स की सैलरी में इज़ाफ़ा हो. इसमें उन्हें कोच के लिए साढ़े सात करोड़ और प्लेयर्स की सैलरी में डेढ़ गुना इज़ाफ़ा चाहिए था. अब कोच के पद पर तो वो रहे नहीं. फिलहाल रवि शास्त्री को कुम्बले द्वारा प्रपोज़ की गई रकम से बस थोड़ी सी ही कम रकम मिलेगी. रवि शास्त्री को सालाना 7 करोड़ रुपये मिलेंगे. इससे पहले कुम्बले को सवा 6 करोड़ मिल रहे थे. इसके अलावा सपोर्ट स्टाफ यानी बैटिंग और बॉलिंग कोच को 2-2 करोड़ रुपये मिलेंगे. रवि शास्त्री ने इंडिया के बॉलिंग कोच के लिए भरत अरुण का नाम सुझाया है. उन्हें बुलाया भी जा रहा है. उसके लिए भरत को अपनी आईपीएल टीम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर से और हैदराबाद की रणजी टीम से कॉन्ट्रैक्ट तोड़ना पड़ेगा. राहुल द्रविड़ को इंडिया-ए और अंडर-19 इंडिया के लिए पहले साल 4.5 करोड़ और अगले साल से 5 करोड़ रुपये मिलेंगे. इसके अलावा उन्हें जब विदेशी दौरों के लिए इंडियन टीम के साथ जुड़ना होगा, उन्हें एक्स्ट्रा पेमेंट मिलेगी.
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