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सचिन के अंदर एक कीड़ा था...तेंडुलकर का हवाला देकर शास्त्री ने बताई भारतीय टीम की कमजोरी

टीम की बड़ी कमजोरी को सामने लाए हैं टीम इंडिया के पूर्व कोच.

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रवि शास्त्री टीम की कमी को किया उजागर (File)

रवि शास्त्री (Ravi shastri). एक शानदार कॉमेंटेटर और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कोच. टीम इंडिया के कोच के रूप में उन्होंने देश और विदेश में कई सफलताएं हासिल की. शास्त्री के कार्यकाल में भारतीय टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन किया. खासकर रेड बॉल क्रिकेट में टीम ने लगातार अपना लोहा मनवाया. लेकिन ICC टूर्नामेंट्स में उन्हें इस तरह की सफलता नहीं मिली. उनके कोच रहते टीम कोई भी ICC टूर्नामेंट नहीं जीत सकी.

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शास्त्री ने इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह टीम के पास एक अच्छे ऑलराउंडर का नहीं होना बताया था. शास्त्री ने एक बार फिर टीम में ऑलराउंडर्स की कमी को लेकर बात की है. उन्होंने कहा कि टीम में ऐसे खिलाड़ी की कमी है, जो बल्लेबाज़ी के बाद 4-5 ओवर गेंदबाज़ी भी कर सकें. शास्त्री ने सचिन तेंदुलकर का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके अंदर गेंदबाज़ी का कीड़ा रहता था.

सचिन के अंदर था कीड़ा

रवि शास्त्री ने कहा कि सचिन में गेंदबाज़ी को लेकर एक कीड़ा था. वो बैटिंग करने के बाद गेंद उठाकर कुछ नया करने की कोशिश करते थे. शास्त्री ने कहा,

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‘सचिन के अंदर एक कीड़ा था, गेंदबाज़ी करने का कीड़ा. वह अपनी बैटिंग खत्म करके, बॉल उठा लेते थे और लगातार अलग-अलग वेरिएशन ट्राई किया करते थे. अजय जडेजा को भी बोलिंग करना पसंद करता था. वो भी बैंटिग के बाद बोलिंग करना पसंद करते थे. आपको ऐसे खिलाड़ियों को पहचानना होगा. हमारे पास 1.4 बिलियन लोग हैं और सेलेक्टर्स मुझसे कहने की कोशिश करते हैं कि किसी भी बैट्समैन के पास वो कीड़ा नहीं है बॉलिंग करने का? कमाल है.’

शास्त्री ने आगे कहा कि टीम में पहले 3-4 ऐसे खिलाड़ी हुआ करते थे, जो 4-5 ओवर डाला करते थे. उन्होंने कहा,

‘हमारी टीम में पहले सहवाग, युवराज, सचिन और रैना जैसे खिलाड़ी थे, जो कि बोलिंग किया करते थे. लेकिन पिछले 3-4 सालों में हमें ऐसा कोई खिलाड़ी नहीं मिला है. इस कारण पूरी टीम के संतुलन के साथ छेड़छाड़ हुई. अक्षर और दीपक हुड्डा जैसे खिलाड़ियों को अब टीम में देखकर अच्छा लग रहा है क्योंकि वह बोलिंग और बैटिंग दोनों कर सकते हैं.’

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# ऑलराउंडर की कमी से मिली हार

रवि शास्त्री ने इससे पहले ICC टूर्नामेंट्स नहीं जीत पाने के पीछे टीम में ऑलराउंडर की कमी को वजह बताया था. शास्त्री ने फिर कहा था,

‘मैं हमेशा से ऐसा खिलाड़ी चाहता था जो टॉप-6 में हो और गेंदबाजी कर सके. हार्दिक पंड्या के चोटिल होने से यह एक बड़ी समस्या बन गई थी. इसकी कीमत भारत को ICC टूर्नामेंट्स में चुकानी पड़ी. भारत को एक-दो विश्व कप इसलिए गंवाने पड़े, क्योंकि हमारे पास टीम के टॉप-6 में गेंदबाजी करने वाला कोई नहीं था.’

रवि शास्त्री के मार्गदर्शन में टीम ने तीन बार ICC के मेजर इवेंट्स में हिस्सा लिया. साल 2019 के विश्व कप में टीम सेमीफाइनल तक ही पहुंच पाई. वहीं विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में उन्हें न्यूज़ीलैंड के हाथों हार मिली. जबकि पिछले साल आयोजित T20I विश्व कप में टीम को लीग स्टेज में ही बाहर होना पड़ा.

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