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कार्लसन अब प्रज्ञानंद से डरेंगे! भारतीय ग्रैंडमास्टर ने मैग्नस को उनके घर पर लगातार दूसरी बार दी मात

नॉर्वे चेस 2026 में R Praggnanandhaa का शानदार प्रदर्शन जारी है. तीसरे राउंड में Magnus Carlsen को वाइट मोहरों से हराने के बाद प्रज्ञानंद ने 8वें राउंड में ब्लैक मोहरों से भी उन्हें मात दे दी.

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प्रज्ञानंद ने कार्लसन को नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में लगातार दूसरी बार हराया. (फोटो-PTI)

मैग्नस कार्लसन (Magnus Carlsen). शतरंज की दुनिया को वो बेताज बादशाह, जिसने खुद चुना कि वो वर्ल्ड चैंपियनश‍िप नहीं खेलेगा. 2013 में विश्वनाथन आनंद (Vishwanathan Anand) से वर्ल्ड चैंपियन का ख‍िताब जीतने के बाद ये प्लेयर 9 साल तक अजेय रहा.

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अंत में खुद डिसाइड कर लिया अब दूसरों को मौका देता हूं. उस अजेय वर्ल्ड चैंपियन को भारत के 20 साल के ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानंद (R Praggnanandhaa) ने उसके घर पर जाकर हराया है. वो भी एक बार नहीं, दो-दो बार. अंतिम बार ये कारनामा भारत की ओर से विश्वनाथन आनंद ने किया था. उन्होंने 2007 में कार्लसन को टूर्नामेंट में लगातार दो बार हराया था. 

प्रज्ञानंद का शानदार प्रदर्शन जारी

नॉर्वे चेस 2026 में आर प्रज्ञानंद का शानदार प्रदर्शन जारी है. तीसरे राउंड में कार्लसन को वाइट मोहरों से हराने के बाद प्रज्ञानंद ने ब्लैक मोहरों से भी उन्हें मात दे दी. 8वें राउंड में प्रज्ञानंद ने जीत दर्जकर टूर्नामेंट जीतने की उम्मीदों को बढ़ा दिया है.

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कार्लसन 5 बार के वर्ल्ड चैंपियन हैं. वहीं, 7 बार उन्होंने नॉर्वे चेस टूर्नामेंट जीती है. हालांकि, इस बार वो टूर्नामेंट में संघर्ष कर रहे हैं. ये उनकी टूर्नामेंट में चौथी हार है. इसके कारण अब वो टूर्नामेंट में सेकेंड लास्ट पोजिशन पर खि‍सक गए हैं. उनके कुल 9 पॉइंट्स हैं.

कार्लसन के ख‍िलाफ काले मोहरों से खेलते हुए प्रज्ञानंद ने फ्रेंच डिफेंस के साथ खेला. वो कई बार दबाव में थे. लेकिन, कभी अपना पेसेंस लूज नहीं किया. शुरुआत में वो मजबूत स्थ‍िति में नहीं थे. लेकिन, धीरे-धीरे वो कंट्रोल में आ गए.

जैसे खेल आगे बढ़ा, कार्लसन पर दबाव बढ़ने लगा. इसी दबाव में उन्होंने बड़ी गलती कर दी. वैसे इस मैच का परिणाम ड्रॉ की तरफ बढ़ रहा था. लेकिन, कार्लसन की गलती का फायदा प्रज्ञानंद को मिला. उन्होंने मौके का फायदा उठाते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया.

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प्रज्ञानंद ने क्या कहा?

खुद प्रज्ञानंद को भरोसा नहीं हुआ कि कार्लसन ने ऐसी गलती कर दी. उन्होंने इसे लेकर कहा,

मेरे लिए ये काफी हैरान करने वाला है. उन्होंने ऐसी गलती कैसे कर दी? बुलेट गेम में भी अगर आप उन्हें नींद से जगाकर पूछोगे तो ये गलती नहीं करेंगे. मुझे नहीं पता ये क्या था? हो सकता है वो पैनिक कर गए. या मामला कुछ और है.  

भारतीय ग्रैंडमास्टर ने ये भी माना कि शायाद टाइम प्रेशर के कारण कार्लसन ने ये गलती की है. उन्होंने आगे कहा, 

ऐसा तभी होता है जब आप बहुत दबाव में होते हो. आप लंबे समय तक टाइम ट्रबल में रहते हो. मैं इस जीत का मतलब समझता हूं. मैंने कई बार टाइम के दबाव में ऐसी गलतियां की हैं.

हालांकि, एक बात प्रज्ञानंद ने साफ कर दी. भले ही टूर्नामेंट में उन्होंने कार्लसन को दो बार हरा दिया हो. लेकिन, इसका ये कतई मतलब नहीं कि उन्होंने मैग्नस को हराने का फॉर्मूला ढूंढ लिया है. उन्होंने मुकाबले के दौरान कार्लसन की तरफ से दिखाई गई फाइटिंग स्पिरिट की तारीफ की. 

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