टेस्ट मैच में अब रेड बॉल और पिंक बॉल का एक साथ यूज हो सकेगा. ICC ने टेस्ट मैचों के दौरान बैड लाइट्स के असर को कम करने की तैयारी कर ली है. क्रिकेट गर्वनिंग बॉडी ने इसको लेकर नए नियम को मंजूरी दे दी है. अब बैड लाइट के दौरान टीमें रेड बॉल की जगह पिंक बॉल का इस्तेमाल कर सकेंगे.
टेस्ट में रेड और पिंक बॉल एक साथ यूज होगी, ICC ने नए नियम बनाए
2025 में ICC ने लेग साइड पर वाइड कॉल्स के लिए बॉलर्स को थोड़ी छूट देने के लिए ट्रायल शुरू किए थे. अब ICC ने इसे परमानेंट कर दिया है. अब गाइड लाइन्स का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे अंपायर आसानी से फैसला कर सकें कि गेंद वाइड है या नहीं.


ICC ने ODI और T20I में भी नए नियमों को मंजूर कर दिया है. 31 मई को अहमदाबाद में ICC की मीटिंग हुई. इस दौरान ICC ने चीफ एग्जीक्यूटिव कमेटी (CEC) की कई सिफारिशों को हरी झंडी दे दी. नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे.
टेस्ट मैच को लेकर अहम फैसलाअभी तक पिंक बॉल का इस्तेमाल डे-नाइट टेस्ट में किया जाता था. और रेड बॉल नॉर्मल टेस्ट मैच में यूज की जाती थी. लेकिन अब अगर किसी भी दिन बैड लाइट होती है, तो उस दिन फ्लड्स लाइट का इस्तेमाल किया जाएगा. ऐसे में पिंक बॉल से मैच खेला जा सकेगा. यानी बीच मैच में बॉल चेंज की जा सकेगी.
पर इसमें भी कुछ रूल्स फॉलो करने होंगे. बॉल बदलने के लिए दोनों टीमों के कैप्टन्स की सहमति जरूरी होगी. इस नियम का मकसद खराब रोशनी की वजह से बर्बाद होने वाले समय और ओवर्स को बचाना है.
ग्राउंड के अंदर जा सकेंगे कोचICC ने CEC की उस डिमांड को भी मान लिया है, जिसमें हेड कोच ड्रिंक्स के दौरान ग्राउंड के अंदर जा सकेंगे. अब हेड कोच या चुने गए स्टाफ को ODI और T20I मैच में ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान ग्राउंड पर जाकर प्लेयर्स को सलाह देने की इजाजत होगी.
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अभी तक यह नियम इंटरनेशनल क्रिकेट में लागू नहीं था. T20I और ODI में ड्रिक्स ब्रेक के दौरान प्लेयर्स से मैसेज भेजा जाता था. केवल फ्रेंचाइजी क्रिकेट में स्ट्रेटेजिक टाइम आउट के दौरान हेड कोच ग्राउंड के भीतर जाकर प्लेयर्स से बात करते थे.
इनिंग्स ब्रेक छोटा हुआT20 इंटरनेशनल में अब इनिंग्स ब्रेक 15 मिनट का होगा. पहले यह ब्रेक 20 मिनट का होता था. प्लेयर्स को आराम करने या रणनीति बनाने के लिए 5 मिनट कम मिलेंगे.
अब चकिंग या संदिग्ध एक्शन वाले बॉलर्स की जांच बिना किसी देरी के की जा सकेगी. ICC ने ऑन-फील्ड अंपायर्स को Hawk-Eye डेटा इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है. इससे मैदान पर ही ऐसे एक्शन को पकड़ने में आसानी होगी.
यही नहीं, 2025 में ICC ने लेग साइड पर वाइड कॉल्स के लिए बॉलर्स को थोड़ी छूट देने के लिए ट्रायल शुरू किए थे. अब ICC ने इसे परमानेंट कर दिया है. अब गाइड लाइन्स का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे अंपायर आसानी से फैसला कर सकें कि गेंद वाइड है या नहीं. खासकर तब जब बैटर अपनी क्रीज में इधर-उधर मूव कर रहा हो.
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