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आंखों से बहते आंसू, हाथ में बेतहाशा दर्द... खूब लड़कर हारीं निशा दहिया!

भारतीय रेसलर्स से मेडल की उम्मीद कर रहे फ़ैन्स को करारा झटका लगा है. बेहतरीन लय में लग रहीं युवा रेसलर निशा दहिया चोट के चलते अपना क्वॉर्टर-फाइनल मुकाबला हार गई हैं.

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चोट के चलते हुए निशा (लाल किट में) का नुकसान (AP)

Nisha Dahiya. भारत की युवा रेसलर. फ़ैन्स को इनसे मेडल की उम्मीद थी. लेकिन ये उम्मीद टूटती दिख रही है. निशा बड़ी लीड के बाद अपना क्वॉर्टर-फाइनल मुक़ाबला हार गईं. कोरियन रेसलर के खिलाफ़ निशा ने 8-2 की बड़ी बढ़त ले ली थी. लेकिन तभी पहले उंंगली और फिर एल्बो में लगी चोट ने उनका काम बिगाड़ दिया.

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इससे पहले, निशा ने अपने पहले ओलंपिक्स की शुरुआत बेहतरीन अंदाज में की थी. उन्होंने राउंड ऑफ़-16 के मुक़ाबले में यूक्रेन की तेतियाना रिझ़को को 6-4 से मात दी. इस मुकाबले में निशा शुरू में 4-0 से पिछड़ रही थीं. लेकिन बाद में उन्होंने कमाल रिकवरी करते हुए मैच अपने नाम कर लिया.

फिर आया क्वॉर्टर-फ़ाइनल का नंबर. निशा के सामने थीं नॉर्थ कोरिया की सोल गम पाक. सिर्फ़ 18 साल की पाक पेरिस गेम्स की सबसे युवा रेसलर हैं. इसी बरस अप्रैल में एशियन ओलंपिक्स क्वॉलिफ़ायर्स हुए थे. जहां निशान ने सोल को मात दी थी. पेरिस में इन्हें हराते ही निशान सेमी-फ़ाइनल में पहुंच जातीं. और उन्होंने शुरुआत बेहतरीन की. पहले 25 सेकंड्स में ही निशा ने चार पॉइंट्स बना लिए. सोल को पलट, निशा ने ये पॉइंट्स बनाए.

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लेकिन कुछ ही पलों में उन्हें चोट लग गई. दाहिनी एल्बो में खूब पट्टियां बांध निशा ने मुकाबला फिर शुरू किया. ब्रेक तक उनके पास 4-0 की लीड थी. सोल ने इस दौरान खूब ट्राई किया, लेकिन कुछ कर नहीं पाईं.

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अब निशा ओर ओलंपिक्स सेमी-फ़ाइनल के बीच बस तीन मिनट की दूरी थी. सोल ने ब्रेक के बाद अग्रेसिव शुरुआत करते हुए एक पॉइंट बनाया. तो निशा ने इसका जवाब दो पॉइंट्स से दिया. अब उनके पास 6-1 की लीड थी. सोल ने आगे आकर निशा के पैर दबोचने चाहे, लेकिन निशा ने पैर बचाते हुए काउंटर किया और सोल को फ़्लिप कर दो और पॉइंट बना लिए. अब मैच में सिर्फ़ एक मिनट बाक़ी था. और निशा के पास 8-1 की लीड थी. हालांकि, तभी उनका दर्द बढ़ गया. डॉक्टर्स को मैट तक आना पड़ा.

देखने से लग रहा था कि जैसे निशा के दाहिने हाथ की उंगली टूट गई थी. वह रो रही थीं. डॉक्टर्स इलाज कर रहे थे. और इंडियन टीम ऑफ़िशल्स मैट के बाहर से चिल्ला रहे थे- बैंडेज लगवा ले, बैंडेज लगवा ले. डॉक्टर्स ने अपना काम किया. उंगलियों पर टेप लगवाई और मैट पर लौट आईं. सोल ने इसका फायदा उठाते हुए एक पॉइंट बना लिया. अब निशा का दर्द और बढ़ चुका था. ESPN के मुताबिक, ऐसा लग रहा था कि उनकी एल्बो डिस्लोकेट हो चुकी है. भयंकर टेपिंग हुई, निशा लगातार रो रही थीं. आंसू रुक ही नहीं रहे थे. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. वह फिर से मैट पर लौटीं.

सोल ने इसका पूरा फायदा उठाते हुए. निशा को मैट पर तीन बार रोल करते हुए पूरे छह पॉइंट्स बना लिए. अब स्कोर 8-8 हो चुका था. निशा का दाहिना हाथ बमुश्किल मूव कर रहा था. और वह भयंकर रूप से रोते हुए डॉक्टर्स के इलाज करा रही थीं. दर्द के मारे निशा मैच पर ही लेट गईं. और डॉक्टर्स ने उनका इलाज जारी रखा. डॉक्टर्स हटे, भयानक दर्द में रोती हुईं निशा फिर खड़ी हुईं और लड़ने को तैयार. हालांकि इतने दर्द में उनके लिए लड़ना संभव नहीं था, लेकिन वह पीछे नहीं हटीं. और सोल ने निशा को पैर से पकड़, मैट पर गिरा मैच खत्म कर दिया. निशा 10-8 से हार गईं. और रोते-रोते मैट पर ही लेट गईं. सोल ने उन्हें उठाया. और जीत की औपचारिकता पूरी की. निशा अपनी दाहिनी एल्बो पकड़े, रोते हुए अपना ओलंपिक्स ड्रीम खत्म होते देखती रह गईं.

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