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'गंभीर का आख‍िरी टेस्ट...' मोहम्मद कैफ ने इतनी बड़ी बात क्यों कह डाली?

गंभीर के कोच बनने के बाद भारत ने बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज जीती. इसके बाद वो न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज 0-3 से हार गया. बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में टीम इंडिया के खाते में हार ही आई.

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गौतम गंभीर की बतौर कोच ये चौथी टेस्ट सीरीज थी. (Photo-PTI)

भारत ने इंग्लैंड में सीरीज ड्रॉ कराई तो इस टीम की हर जगह वाह-वाही होने लगी. भारत भले ही सीरीज न जीत पाया हो, लेकिन ये ड्रॉ भी टीम के हेड कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) के लिए बड़ी राहत है. गंभीर के कोच बनने के बाद से भारत ने व्हाइट बॉल क्रिकेट में तो शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन टेस्ट में वो कमाल नजर नहीं आया. इसी कारण गंभीर के ऊपर लगातार सवाल उठ रहे थे. गंभीर के साथी रहे मोहम्मद कैफ (Mohammad Kaif) ने तो यहां तक कह दिया कि अगर भारत ओवल टेस्ट न जीत पाता तो ये टेस्ट गंभीर का आखिरी टेस्ट मैच होता. इसी कारण सीरीज ड्रॉ होना गंभीर के लिए बड़ी जीत की तरह ही है. 

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ओवल टेस्ट हो सकता था गंभीर का आखिरी टेस्ट

गंभीर के कोच बनने के बाद भारत ने बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज जीती. इसके बाद वो न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज 0-3 से हार गया. बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में टीम इंडिया के खाते में हार ही आई. ऐसे में इंग्लैंड में टीम इंडिया का प्रदर्शन गंभीर के लिए एक लाइफलाइन है. मोहम्मद कैफ ने अपील की है कि गंभीर की दिल से तारीफ होनी चाहिए. उन्होंने कहा,

इस दौरे पर सबसे ज्यादा दबाव उन्हीं पर था, एक कोच के तौर पर, टेस्ट मैचों में वे उतने सफल नहीं रहे. मुझे लगता है कि कई लोग इस बात का इंतजार कर रहे थे कि अगर भारत यह टेस्ट हार गया, तो सबसे ज्यादा आलोचना उन्हीं की होगी. लोग सोशल मीडिया पर मीम्स बनाने और उनकी बुराई करने का इंतज़ार कर रहे थे. अगर भारत हार जाता, तो शायद कोच के तौर पर यह उनका आखिरी टेस्ट मैच होता. उन पर इतना दबाव था. लेकिन जहां जरूरत हो, हमें उनकी दिल से तारीफ करनी चाहिए.

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गंभीर का फैसला सही साबित हुआ

सीरीज के दौरान गंभीर के कई फैसलों पर सवाल उठे थे. वो कुलदीप यादव को तो लेकर गए, लेकिन उन्हें मौका नहीं दिया. ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर को भी मुख्य रूप से बल्लेबाजी के लिए टीम में जगह मिली. गंभीर ने बल्लेबाजी में गहराई लाने की कोशिश की और इस फैसले की भी काफी आलोचना हुई. हालांकि, कैफ को लगता है कि गंभीर का ये फैसला सही साबित हुआ. उन्होंने कहा,

हम सभी ने कहा कि बुमराह की गैरमौजूदगी में कुलदीप को खेलना चाहिए. लेकिन, गंभीर बल्लेबाजी में डेप्थ चाहते थे. वह आठवें नंबर तक बल्लेबाजी चाहते थे. उनका फैसला सही साबित हुआ. हमने जो दो टेस्ट जीते, उनमें आप जडेजा और सुंदर की भूमिका देख सकते हैं. बल्लेबाजी में गहराई थी, जिससे हमने रन बनाए. यह एक अच्छा फैसला था. वह एक युवा टीम के साथ मैदान पर थे. मैं समझ सकता हूं कि उन पर कितना दबाव था.

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गौतम गंभीर का शानदार सेलिब्रेशन

ओवल टेस्ट में जैसे ही सिराज ने गस एकटकिंसन को बोल्ड किया, उस समय ड्रेसिंग रूम में कोच गंभीर का सेलिब्रेशन ये बताता है कि ये सीरीज उनके लिए क्या मायने रखती है. वो खुशी से चिल्लाते हुए नजर आए, वो टीम के साथियों से बहुत अग्रेसिव होकर गले मिले. उनकी आंखों में खुशी के आंसू भी नजर आए. ये सब चीजें ये साबित करती है कि इस ड्रॉ सीरीज ने कोच गंभीर को कितनी बड़ी राहत दी है.  टीम को अब वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका के खिलाफ घर पर टेस्ट सीरीज खेलनी है. इससे पहले उन्हें एशिया कप की तैयारी करनी है जो कि अगले महीने यूएई में होगा. 

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