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नेशनल राइफल असोसिएशन ने उठाया बड़ा कदम, सारे कोच बर्खास्त!

टोक्यो ओलंपिक्स में शूटर्स ने किया था निराश.

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शूटिंग कोच ओलेग मिखाइलोव (पीटीआई)
नेशनल राइफल असोसिएशन ऑफ़ इंडिया यानी (NRAI) ने भारतीय शूटिंग की कोचिंग में बड़ा बदलाव किया है. फेडरेशन ने ऐलान किया है कि शूटिंग से जुड़े सभी नेशनल कोच के कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिए जाएंगे. फेडरेशन ने इसके लिए 24 कोच को मेल के जरिए नोटिस भेज दिया है. इसमें नेशनल के जूनियर और सीनियर सभी कोच शामिल हैं. इसके अलावा फेडरेशन ने मौजूदा विदेशी कोच के कॉन्ट्रैक्ट भी रद्द करने का ऐलान कर दिया है. फेडरेशन के इस बड़े फैसले का कारण है भारतीय शूटर्स का टोक्यो ओलंपिक्स में खराब प्रदर्शन. ओलंपिक्स के बाद फेडरेशन ने सभी नेशनल कोच के प्रदर्शन का अच्छे से आंकलन किया. इसके अलावा कोच के साथ भी मीटिंग्स की गईं. इन्ही मीटिंग्स के बाद विदेशी कोच ओलेग मिखाइलोव और स्मिर्नोव पावेल को हटाने का फैसला लिया गया है. NRAI के नए सेक्रेटरी जनरल कंवर सुल्तान सिंह ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया से बात करते हुए कहा,
'हां, हमने सभी कोच के कॉन्ट्रैक्ट्स को खत्म को कर दिया है. और ये फैसला सभी कोच के पिछले कुछ सालों के प्रदर्शन को अच्छी तरह रिव्यू करने के बाद लिया गया है.'
कंवर का कहना है कि नए कोच को सिर्फ टेक्निकल स्किल्स के बेसिस पर ही नहीं चुना जाएगा बल्कि उनसे और भी कई सारी उम्मीदें होंगी. NRAI चाहता है कि भारतीय खिलाड़ियों के लिए ऐसे कोच उपलब्ध कराए जाएं, जो खेल की बारीकियों के साथ-साथ खिलाड़ियों की मानसिक हालत का भी ध्यान रखे. कंवर ने कहा,
'नए कोच को सेलेक्ट करने से पहले हमें बहुत से फैक्टर्स पर ध्यान देना होगा. अब ये सिर्फ टेक्निकल स्किल्स की बात नहीं रह गई है. ये उससे काफी बढ़कर है. हमने ऐसा महसूस किया है कि हमे ऐसे कोच की जरूरत है जो स्किल्स के अलावा भी चीजें खिलाड़ियों तक पहुंचा सकें. जैसे कि खिलाड़ियों को मानसिक ट्रेनिंग देना, खिलाड़ियों में आत्मविश्वास जगाना और साथ ही कोच का ओवरऑल आचरण भी महत्वपूर्ण रहेगा.'
बता दें कि ऐसा नहीं है कि जिन कोच को हटाया गया है, वे दोबारा इस जॉब के लिए अप्लाई नहीं कर सकते. कंवर का कहना है कि अगर हटाए गए कोच नए मापदंडों पर खरे उतरते हैं तो वे निश्चित तौर पर दोबारा चुने जा सकते हैं. कंवर ने कहा,
'नए कोच को सेलेक्ट करने के लिए हम कुछ मापदंड तय करेंगे. अगर इनमें से कुछ कोच इन मापदंडों में फिट बैठते हैं तो वे निश्चित ही दोबारा अप्लाई कर सकते हैं. साथ ही नए कोच को अपॉइंट करने से पहले स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (SAI) से भी सलाह करनी होगी.'
बता दें कि इसी साल हुए टोक्यो ओलंपिक्स में भारतीय निशानेबाज़ों का प्रदर्शन बेहद ही खराब रहा था. NRAI ने टोक्यो ओलंपिक्स के लिए वर्ल्ड नंबर 1 एलावेनिल वलारिवन और मनु भाकर समेत कुल 15 शूटर्स भेजे थे. जिनमें से एक भी शूटर भारत को मैडल नहीं दिला पाया.

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