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धोनी के बाद टीम इंडिया में कितने ही लोग आए, लेकिन नहीं भर पाए धोनी की जगह!

कितने फिनिशर्स और कितने विकेटकीपर्स... लेकिन, माही तो माही था.

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एम एस धोनी (फोटो - पीटीआई)

‘मैं पल दो पल का शायर हूं. पल दो पल मेरी कहानी है. पल दो पल मेरी हस्ती है. पल दो पल मेरी जवानी है…’

साहिर लुधियानवी के बोल और मुकेश की आवाज़. कितना प्यारा गाना है. लेकिन भला कोई इसको स्वतंत्रता दिवस पर क्यों सुनेगा? वैसे सुन भी सकता है, अगर तारीख हो 15 अगस्त और साल 2020. सामने खुला हो इंस्टाग्राम, जहां महेंद्र सिंह धोनी अपनी आदत के मुताबिक लोगों को सरप्राइज़ कर रहे हों. जी हां, अभी तक तो आप समझ ही गए होंगे. आज ही का दिन था, दो साल पहले जब धोनी ने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा था.

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दो साल हो चुके हैं. ICC की तीनों मेज़र ट्रॉफीज जीतने वाले इकलौते कप्तान एम एस धोनी अब नीली जर्सी में नहीं दिखते. साल 2019 वनडे वर्ल्ड कप में न्यूज़ीलैंड से मिली हार के बाद से धोनी गायब हो गए. हर सीरीज़ में उम्मीद होती थी कि धोनी वापस आएंगे, लेकिन वो नहीं आए. और फिर इंतज़ार करते हुए आया 2020 का स्वतंत्रता दिवस. धोनी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट डाली.

इस पोस्ट में अपने डेब्यू से लेकर अब तक की खूब सारी फोटोज़ लगाई. साथ मे चिपकाया वो गाना जिससे हमने इस रिपोर्ट की शुरुआत की है और कैप्शन में लिखा,

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‘थैंक्स. आपके प्यार और सपोर्ट के लिए बहुत शुक्रिया. 1929 से मुझे रिटायर समझें.’ 

इस वीडियो ने धोनी फ़ैन्स या यूं कह लीजिए क्रिकेट फ़ैन्स का दिल तोड़ दिया था. ये बात भी है कि धोनी पहले जैसी फॉर्म में नहीं थे. उनके उत्तराधिकारी के तौर पर ऋषभ पंत को तैयार किया जा रहा था. और एक ना एक दिन ऐसा होना ही था. और ऐसा होने के बाद टीम इंडिया कई मैच खेल चुकी है. तमाम सीरीज़ जीत चुकी है. लेकिन दो बड़े सवाल अब भी कयाम हैं, टीम इंडिया का फिनिशर कौन? और वो विकेटकीपर कौन, जो बिना थके, बिना रुके सालों तक हर फॉर्मेट में विकेट के पीछे जमा रहेगा.

और ये सवाल इसलिए भी हैं क्योंकि माही के बाद इन दो जगहों पर कई लोग आजमाए गए. लेकिन वो भरोसा कोई जगा नहीं पाया. स्पेशली फिनिशर के रोल में माही के बाद अभी तक कोई जम नहीं पाया है. तो चलिए, आज यही देखते हैं कि एक माही की जगह कितने लोग मिलकर भी नहीं भर पाए हैं. और शुरू करते है फिनिशर्स से. फिनिशर्स से इसलिए, क्योंकि माही की फिनिशिंग पर पूरी दुनिया को भरोसा था.

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माही पर भरोसा करने वालों में हमारे पूर्व राष्ट्रपति मिसाइलमैन ए.पी जे अब्दुल कलाम भी शामिल थे. उनके एडवाइजर श्रीजन पाल सिंह ने बाक़ायदा ट्वीट कर बताया था कि जब भी टीम फंसती थी तो वो पूछा करते थे,

‘क्या कप्तान एम एस धोनी अभी तक नॉट आउट है?’ 

जब जवाब में हां मिलता तो वो हंसते हुए कहते थे, 

‘चिंता मत करो. कप्तान सब ठीक कर देंगे.’ 

तो चलिए, शुरू करते हैं.

# Dhoni के बाद कितने फिनिशर्स?

वर्ल्ड कप 2019. न्यूज़ीलैंड के खिलाफ हुए सेमीफाइनल मैच के बाद धोनी वापस नहीं आए. टीम इंडिया ने इस बीच नए खिलाड़ियों को उनकी जगह खिलाना शुरू किया. वैसे तो टीम इंडिया के पास हार्दिक पंड्या के रूप में फिक्सड फिनिशर थे. लेकिन वर्ल्ड कप में आई उनकी इंजरी के बाद समस्याएं बढ़ गई थी. अब मैच फिनिश करने के लिए ना धोनी थे और ना ही हार्दिक पंड्या.

अब टीम को वेस्टइंडीज़ के खिलाफ खेलना था. टॉप और मिडल ऑर्डर संभला हुआ था, लेकिन फिनिश कौन करता? ऐसे में रविंद्र जडेजा के साथ टीम ने कृणाल पंड्या को मौके देना शुरू किया. T20I में उन्होंने इंडिया के लिए मैच फिनिश करने का जिम्मा उठाया. और उधर वनडे सीरीज़ में ये काम केदार जाधव के कंधों पर रहा.

इस सीरीज़ के बाद जब साउथ अफ्रीका से हमने खेला तो वहां पर हार्दिक ने वापसी की. अब हार्दिक और कृणाल दोनों को फिनिशर्स के तौर पर टीम में जगह मिली. लेकिन हर सीरीज़ के साथ इस लिस्ट में नाम जुड़ते गए, कई मिटते गए. क्योंकि फिर जब बांग्लादेश के साथ सीरीज़ हुई तो शिवम दुबे को भी हमने छठे नंबर पर खेलते हुआ देखा.

इसके बाद कभी टीम ने दुबे को ऊपर भेजकर वाशिंगटन सुंदर या कृणाल पंड्या को यहां उतार दिया. जब टीम ने वेस्टइंडीज़ के साथ साल 2019 की आखिरी सीरीज़ खेली तब भी हमारे पास नंबर छह के लिए दुबे, सुंदर और जडेजा रहते थे. वहीं, वनडे में केदार जाधव को लगातार फिनिशर के तौर पर देखा जा रहा था.

T20I में कागज़ों पर हमारे पास फिनिशर्स की भरमार थी, लेकिन मैदान में हाल बुरा था. वहीं दूसरी तरफ, वनडे में केदार जाधव जा चुके थे. साल 2019 इंटरनेशनल क्रिकेट में उनके लिए आखिरी हो गया था. ख़ैर, फिर साल 2020 में कोरोना के समय टीम इंडिया ने जितनी सीरीज़ खेली, उसमें कभी दुबे, कभी सुंदर तो कभी जडेजा को फिनिशर के रूप में उतारा गया.

हालांकि साल के अंत तक, टीम इंडिया के लिए एक प्लस ये था कि ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए हार्दिक पंड्या की वापसी हो चुकी थी. लगा कि अब हार्दिक अपनी जगह वापस लेंगे. लेकिन ऐसा हो नहीं पाया. कुछ सीरीज़ में तो वो रहे, लेकिन फिर चोट के चलते बाहर.

अब यहां से टीम मैनेजमेंट ने IPL में वेंकटेश अय्यर की परफॉर्मेंस को देखकर कभी उनको उतारा, कभी दीपक हूडा को ट्राई किया. कभी रविंद्र जडेजा आए. ये कहानी साल 2022 के IPL तक चलती रही. लेकिन अब सीन थोड़ा सा बदल गया है. अब टीम के पास हार्दिक तो हैं ही, लेकिन उनके साथ मिल गए हैं दिनेश कार्तिक.  कार्तिक जबर फॉर्म में है. और आगे का तो नहीं पता लेकिन अभी के लिए टीम इंडिया के फिनिशर है.

# विकेटकीपिंग में कितने आए और गए? 

अब बात करते हैं विकेटकीपर्स की. जब तक धोनी थे, तब तक उनके साथ पंत को खिलाकर उन्हें तैयार किया जा रहा था. और ये साफ भी था कि धोनी के बाद पंत ही टीम इंडिया के लिए विकेटकीपिंग करेंगे. और हुआ भी कुछ ऐसा ही. साल 2019 में धोनी के जाने के बाद लगातार पंत ने कीपिंग की.

लेकिन साल 2020 में काफी बदलाव आए. इस पूरे साल जब जब टीम इंडिया खेली तब पंत नहीं राहुल ने टीम इंडिया के लिए कीपिंग की. एक मैच मे बीच में संजू भी आए. और ये समझ आने लगा मैनेजमेंट एक पैकेज ढूंढ़ रही है. फिर यहां से हमने कई सारे कीपर्स को ट्राई होते देखना शुरू किया. साल 2021 में पंत ने वापस कीपिंग शुरू की.

और दूसरी तरफ टीम इंडिया की दूसरी टीम्स जब दौरे पर गई (जैसे श्रीलंका में गई थी) तब वहां ईशान किशन और संजू सैमसन से कीपिंग करवाई गई. हम कुछ मैच में दिनेश कार्तिक को भी कीपिंग करते हुए देख चुके हैं.

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