महेंद्र सिंह धोनी. CSK के कप्तान. माही की टीम ने 17 अप्रैल, सोमवार को RCB को आठ रन से हराया. इस हाई-स्कोरिंग मैच को जीतने के बाद माही ने तमाम चीजों पर बात की. उन्होंने कहा,
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'जब आप यहां आते हैं, आपको पता होता है कि विकेट कैसा है. और IPL की शुरुआत में यहां ओस भी होती है. आप थोड़े एक्स्ट्रा रन चाहते हैं. लेकिन आप इसे बस दिमाग में रखते हैं, आप अच्छी शुरुआत चाहते हैं. और फिर आप अपनी सोच के मुताबिक चलना चाहते हैं.
मुझे लगा कि शुरुआत में विकेट थोड़ा फंस रहा था. पहले दो-तीन ओवर्स में पेस बोलर्स को थोड़ी सी मदद मिली. इसलिए आप इससे निपटना चाहते हैं और फिर एक्सिलरेट करते हुए एक अच्छे स्कोर तक पहुंचना चाहते हैं.'
धोनी ने शिवम दुबे पर भी बात की. उन्होंने कहा,
'हमने इसे साधारण रखा और जहां तक हो सके, पहुंचने की कोशिश की. दुबे एक क्लीन हिटर हैं. हां, उन्हें पेस बोलर्स के साथ थोड़ी दिक्कत है लेकिन वह काफी लंबे हैं. और बाकी बल्लेबाजों से तुलना करें तो उनकी रीच ज्यादा है.
इसलिए स्पिनर्स को अपनी लेंथ एडजस्ट करनी होती है. और हमारे पास उनके लिए प्लान था. लेकिन जब वह कैंप में आए तो चोटिल थे. उन्हें भरोसा करना होगा कि वह बीच के ओवर्स में रन बना सकते हैं. क्योंकि उनके पास टैलेंट है और जब आप मैदान में घुस जाते हैं, तो आप अकेले होते हैं.'
माही ने फाफ डु प्लेसी और ग्लेन मैक्सवेल की तारीफ़ भी की. उन्होंने कहा,
'जब आप 220 बना लेते हैं, बल्लेबाजों को लगातार हिट करते रहना होता है. यह बस कुछ ओवर्स की बात होती है. अगर फाफ और मैक्सी बने रहे, तो वो लोग ये मैच 18वें ओवर तक जीत जाते. इसलिए आपको प्रोसेस के साथ जमे रहना होता है, पता रखिए कि बोलिंग चेंज क्या होंगे, किस एंड से क्या हो सकता है, क्या चल रहा है.
अगर कुछ सच में बदला है, तो मैं नजदीक से इसे बेहतर देख सकता हूं, इसलिए मुझे पता होता है कि विकेट से स्पिनर्स या पेसर्स को कुछ मदद मिल रही है या नहीं. मैं हमेशा जरूरी चीजें करने के लिए तैयार रहता हूं.'
माही ने अपने रोल पर और भी बात की. उन्होंने कहा,
'अगर मैं बोलर्स को अच्छी फील्ड और कुछ अच्छी सलाह दे सकूं, तो मेरे लिए यही जीत है. लास्ट ओवर्स में यंगस्टर्स को हैंडल करना एक मुश्किल चैलेंज है क्योंकि प्रेशर बहुत होता है, खासतौर से ओस के साथ. वे काफी मेहनत कर रहे हैं. इसलिए उन्हें प्रोसेस पता होनी चाहिए, पता होना चाहिए कि वो क्या कर रहे हैं.
ब्रावो स्पेशलिस्ट हैं. उनके अंडर बोलर्स को आत्मविश्वास मिलेगा, वह उन्हें अल्टरनेट प्लांस देंगे. मुझे लगता है कि यह टीम गेम है. कोच हमें गाइड कर सकते हैं कि हमारी मजबूती क्या है. और हम कहते रहे हैं- जो भी आपकी मजबूती है, उस पर मेहनत करते रहिए.'
मैच की बात करें तो RCB ने टॉस जीतकर पहले बोलिंग का फैसला किया था. और अंत में उनका ये फैसला गलत साबित हुआ. CSK ने पहले बैटिंग करते हुए बीस ओवर्स में 226 रन बना डाले. जवाब में फाफ डु प्लेसी और ग्लेन मैक्सवेल की तमाम कोशिशों के बावजूद RCB की टीम आठ रन पीछे रह गई.
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