पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच खत्म हुई ODI सीरीज के दूसरे वनडे मैच में एक रन-आउट को लेकर विवाद हुआ था. पाकिस्तान के बल्लेबाज सलमान अली आगा को बांग्लादेश के कप्तान मेहदी हसन मिराज ने रन-आउट कर दिया. इसके बाद क्रिकेट जगत में बहस शुरू हो गई कि ये फैसला नियमों के अनुसार सही था या खेल भावना के खिलाफ. इस पूरे मामले पर अब मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (MCC) ने अपनी तरफ से सफाई दी है. MCC वही संस्था है जो क्रिकेट के नियम बनाती और उन्हें संभालती है.
सलमान आगा का रन आउट सही या गलत? लंदन में हुआ अंतिम फैसला
पाकिस्तान के बल्लेबाज सलमान अली आगा को बांग्लादेश के कप्तान मेहदी हसन मिराज ने रन-आउट कर दिया था. अब इस पूरे मामले पर मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (MCC) ने अपनी तरफ से सफाई दी है. MCC वही संस्था है जो क्रिकेट के नियम बनाती और उन्हें संभालती है.


MCC ने 18 मार्च 2026 को बताया कहा कि अंपायरों ने बिल्कुल सही फैसला किया. नियमों के मुताबिक ये रन आउट ही था. MCC ने कहा,
“नियमों के अनुसार अंपायर कुछ और नहीं कर सकते थे. जब बेल्स गिराई गईं तो नॉन-स्ट्राइकर साफ तौर पर क्रीज से बाहर था, और बॉल फ्ले में थी. इसलिए आउट है.”
MCC ने स्पष्ट किया कि सलमान आगा गेंद के फील्ड ऑफ प्ले में रहते हुए क्रीज छोड़कर बाहर आए थे. टक्कर के समय वो वापस आने की कोशिश कर रहे थे. गेंद उठाने की कोशिश गलत थी क्योंकि बिना फील्डिंग टीम की इजाजत के कोई बल्लेबाज गेंद नहीं उठा सकता. ऐसा करने पर वो ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड के तहत भी आउट हो सकते थे. MCC ने सलाह दी कि उन्हें गेंद उठाने की बजाय जल्दी क्रीज में वापस आने की कोशिश करनी चाहिए थी.
MCC ने आगे कहा,
“कुछ लोगों ने सुझाव दिया कि गेंद को डेड घोषित कर देना चाहिए था. लेकिन ये क्रिकेट के नियमों के हिसाब से संभव नहीं है. गेंद खिलाड़ियों के टकराने से डेड नहीं हो जाती. अगर ऐसा होता, तो खिलाड़ी अपने फायदे के लिए जानबूझकर टक्कर करने लगते, जो गलत है. इस मामले में कोई गंभीर चोट नहीं थी, इसलिए चोट के आधार पर भी डेड बॉल नहीं दी जा सकती. अंपायर को भी ये पता नहीं चलता कि सभी प्लेयर्स बॉल को डेड मान चुके हैं, क्योंकि मेहदी को लग रहा था कि गेंद अभी भी फील्ड ऑफ प्ले में है, भले ही सलमान आगा को ऐसा न लगा हो. और गेंद तो जमीन पर पड़ी थी, इसलिए ये बॉलर या विकेटकीपर के हाथ में भी नहीं जाती, जिससे इसे डेड दिया जाए.”
नियमों को लेकर MCC ने आगे बताया कि अक्टूबर 2025 से लागू नए नियमों के अनुसार अंपायर ये तय कर सकते हैं कि गेंद जमीन पर पूरी तरह रुक गई है या नहीं. अगर ऐसा है तो उसे डेड बॉल माना जा सकता है. लेकिन अगर गेंद के पास खड़ा फील्डर नॉन-स्ट्राइकर को रन-आउट करने की कोशिश कर रहा है और बैटर क्रीज से बाहर है, तो ये कहना मुश्किल होगा कि गेंद पूरी तरह डेड हो चुकी है.
MCC ने ये भी बताया कि इस मामले में नियमों के अनुसार ये कहने की कोई गुंजाइश नहीं है कि बल्लेबाज नॉट आउट था. और न ही नियमों को बदलकर ऐसी स्थिति को नॉट आउट बनाया जा सकता है. हालांकि, कई लोगों ने सलमान आगा के प्रति सहानुभूति जताई और कहा कि ये स्पिरिट ऑफ क्रिकेट, यानी खेल भावना के खिलाफ था. MCC ने इस पर कहा कि बांग्लादेश के कप्तान मेहदी हसन मिराज चाहते तो अपनी अपील वापस ले सकते थे.
दरअसल, आगा को लगा कि गेंद डेड हो चुकी है, इसलिए वो फील्डिंग टीम की मदद करने की कोशिश कर रहे थे. इसी दौरान हल्की टक्कर भी हुई, जिससे उनके लिए क्रीज में वापस जाना मुश्किल हो गया. MCC ने बताया,
क्या हुआ था मैदान पर?“नियम ये भी कहते हैं कि भले ही बल्लेबाज नियमों के तहत आउट हो, लेकिन अगर फील्डिंग टीम चाहे तो खेल भावना के तहत अपील वापस लेकर बल्लेबाज को खेलने का मौका दे सकती है.”
मैच के दौरान एक पल ऐसा आया जब गेंद खेल में थी और सलमान आगा अपनी क्रीज से बाहर थे. दूसरे वनडे में पाकिस्तान की पारी के 39वें ओवर की चौथी गेंद पर बांग्लादेश के कप्तान मेहदी हसन मिराज गेंदबाजी कर रहे थे. बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान ने गेंद को बल्लेबाज की दाईं तरफ खेला. मेहदी ने अपने जूते से गेंद रोक ली.
नॉन-स्ट्राइकर सलमान अली आगा क्रीज से बाहर निकल आए थे और मेहदी के रास्ते में आ गए. दोनों में हल्की टक्कर भी हुई. तभी सलमान आगा ने झुककर गेंद उठाने की कोशिश की ताकि उसे मेहदी को वापस दे सकें. लेकिन मेहदी ने तेजी से गेंद उठाई और अंडरआर्म थ्रो करके स्टंप उखाड़ दिए. सलमान आगा क्रीज से बाहर थे, इसलिए थर्ड अंपायर ने उन्हें रन आउट करार दिया.
ये फैसला देखकर सलमान आगा बहुत गुस्से में आ गए. उन्होंने अपनी बैटिंग ग्लव्स और हेलमेट को मैदान पर फेंक दिया और नाराजगी जताई. बाद में ICC ने उन्हें कोड ऑफ कंडक्ट तोड़ने के लिए लेवल-1 का जुर्माना भी लगाया.
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