भारत के पूर्व क्रिकेटर और TMC विधायक मनोज तिवारी ने 5 मई को यह आरोप लगाया था कि विधानसभा टिकट के लिए उनसे 5 करोड़ रुपए मांगे गए थे. इस खुलासे के बाद मनोज ने एक और वीडियो शेयर किया है. इसमें उन्होंने TMC और ममता बनर्जी पर और गंभीर आरोप लगाए हैं. मनोज का कहना है कि अपनी क्षेत्र की बात रखने पर ममता ने उन्हें बीच मीटिंग डांट दिया था. उन्होंने ये भी बताया कि पिछले पांच सालों में उनके काम में लगातार रुकावटें डाली गईं.
पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने ममता बनर्जी के खिलाफ मोर्चा खोला, बोले- 'इस छोटी सोच वाली...'
मनोज ने बताया कि अरूप बिस्वास उनकी लोकप्रियता से जलते थे. इसी कारण प्रदेश में होने वाले स्पोर्ट्स इवेंट्स में उन्हें कभी बतौर चीफ गेस्ट नहीं बुलाया गया.


मनोज तिवारी ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया. उन्होंने कहा कि TMC नेता अरूप बिस्वास ने उन्हें बतौर खेल मंत्री काम करने नहीं दिया. मनोज ने कहा,
इस वीडियो में, मैं यह बताना चाहता हूं कि पिछले पांच सालों में मेरे काम में किस तरह रुकावटें डाली गईं. मैं यह बात सबके साथ शेयर करना चाहता हूं. अरूप बिस्वास ने मुझे काम करने से रोका. मैं खेल जगत से आता हूं और खेलों के लिए बहुत कुछ करना चाहता था. खेल विभाग में, मेरे पास चाय और बिस्किट खाने के अलावा और कोई काम नहीं था. मुझे किसी भी कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया जाता था.
मनोज ने बताया कि अरूप बिस्वास उनकी लोकप्रियता से जलते थे. इसी कारण प्रदेश में होने वाले स्पोर्ट्स इवेंट्स में उन्हें कभी बतौर चीफ गेस्ट नहीं बुलाया गया. मनोज ने कहा,
ममता बनर्जी ने डांटाडूरंड कप के दौरान मैं मैदान पर मौजूद था, लेकिन फिर भी भी आधिकारिक तौर पर नहीं बुलाया गया. अरूप बिस्वास मेरी लोकप्रियता से असहज थे. लगातार मेरा अपमान हो रहा था इसी कारण मैं मेसी के GOAT इवेंट में नहीं गया. मेसी के कार्यक्रम को लेकर मुझे पहले से ही अंदेशा था कि कुछ गड़बड़ हो सकती है. खराब मैनेजमेंट के कारण मेसी कार्यक्रम से कुछ ही मिनटों में लौट गए, जिससे खेल प्रेमियों को निराशा हुई.
मनोज ने यह भी आरोप लगाया कि शिवपुर के विधायक के तौर पर भी उनकी बात कभी नहीं सुनी गई. उन्होंने ममता बनर्जी ने कहा,
शिवपुर के लिए बहुत कुछ किया जाना बाकी था, जिसे मैंने बार-बार समझाने की कोशिश की. यहां तक कि कैबिनेट की बैठकों में अपनी आवाज़ भी उठाई. एक दिन, जब मैंने मुख्यमंत्री के सामने यह मुद्दा उठाया, तो उन्होंने मेरे मुंह पर ही कह दिया, ‘क्या मेरे पास इसके अलावा और कोई काम नहीं है?’ उन्होंने मुझे यह समझाने के लिए 20 सेकंड भी नहीं दिए कि मैं क्या कहना चाहता था. यह सरकार झूठे वादों पर आधारित थी. मुझे उसी दिन एहसास हो गया था कि यह सरकार ज़्यादा दिनों तक नहीं चलेगी.
वीडियो के आखिर में मनोज ने कहा,
भगवान जो कुछ भी करते हैं, वह भलाई के लिए ही करते हैं. इस छोटी सोच वाली सरकार को हटा दिया गया. इन्होंने अपने लिए काम किया, जनता के लिए नहीं.
मनोज तिवारी इस साल चुनाव नहीं लड़े. इस सीट से बीजेपी के रुद्रानिल घोष को जीत मिली है. TMC ने इस बार यह सीट गंवा दी.
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