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CSK की वजह से अफ्रीका से हारी टीम इंडिया? बैटर को फंसाने वाले बॉलर की बात बहुत चुभेगी

T20 World Cup में इंडियन टीम को बुरी तरह हराने में अहम भूमिका निभाने वाले साउथ अफ्रीका के पेसर लुंगी नगिदी ने इस बात का खुलासा किया है. नगिदी ने बताया कि उनकी सफलता का राज चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के साथ 2018 के IPL सीजन में छिपा है.

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नगिदी ने खुलासा किया कि उनकी इस सफलता का राज चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के साथ 2018 के IPL सीजन में है. (फोटो- AP)

क्या इंडियन टीम IPL की वजह से T20 World Cup के सुपर 8 मैच में साउथ अफ्रीका से हारी? इसका जवाब अगर कोई 'हां' में दे, तो कुछ गलत नहीं होगा. क्योंकि मैच में इंडियन टीम को बुरी तरह हराने में अहम भूमिका निभाने वाले साउथ अफ्रीका के पेसर लुंगी नगिदी ने इस बात का खुलासा किया है. नगिदी ने बताया कि उनकी सफलता का राज चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के साथ 2018 के IPL सीजन में छिपा है.

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सुपर 8 मैच में साउथ अफ्रीका ने भारत को 76 रनों से हराया था. भारत की टीम सिर्फ 111 रन पर ऑलआउट हो गई. मैच में नगिदी ने 4 ओवर में सिर्फ 15 रन दिए. उनका इकोनॉमी 3.75 का रहा. और सबसे खास बात उन्होंने अपने स्पेल में 10 डॉट बॉल डालीं. नगिदी को कोई विकेट तो नहीं मिला, लेकिन उन्होंने अपनी स्मार्ट बॉलिंग से इंडियन बैटर्स को शॉट खेलने ही नहीं दिए.

नगिदी ने वाइड यॉर्कर, स्लोअर बॉल्स और लेग कटर जैसी वैरिएशंस का इस्तेमाल किया. जिससे बैटर हर गेंद पर अटैक नहीं कर पाए. खासकर भारत के कप्तान सूर्यकुमार यादव. सूर्या को नगिदी ने 8 गेंद डालीं, और सिर्फ 3 रन ही बनाने दिए. सूर्या ने लेग साइड में शॉट खेलने की खूब कोशिश की, लेकिन नगिदी ने अपनी लेग कटर से उन्हें काफी कन्फ्यूज किया.

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मैच के बाद नगिदी ने खुलासा किया कि उनकी इस सफलता का राज चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के साथ 2018 के IPL सीजन में है. उस सीजन में उन्हें ज्यादा मैच नहीं खेलने को मिले, लेकिन उन्होंने ड्वेन ब्रावो के साथ खूब प्रैक्टिस की. ब्रावो T20 क्रिकेट में स्लोअर बॉल के मास्टर माने जाते थे. नगिदी ने कहा,

"मैंने 2018 IPL में ब्रावो के साथ पूरा समय वैरिएशंस पर काम किया. मैं खेल नहीं रहा था, इसलिए प्रैक्टिस करने का खूब समय मिला. उसके बाद मैंने साउथ अफ्रीका लौटकर इसे परफेक्ट किया."

उन्होंने बताया कि वो एक ही बॉल से तीन अलग-अलग लेंथ यूज करते हैं. स्लो बॉल यॉर्कर, बैक ऑफ लेंथ स्लोअर और स्लो बॉल बाउंसर. इससे बैटर को अंदाजा नहीं लगता कि अगली गेंद क्या आएगी. नगिदी का फोकस विकेट लेने से ज्यादा प्रेशर बनाने पर था. उन्होंने कहा,

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"स्कोर बोर्ड देखकर पता था कि क्या करना है. मैं विकेट के लिए लालची नहीं था, बल्कि प्रेशर बनाने पर फोकस कर रहा था. यही टैक्टिक काम कर गई."

नगिदी ने आगे कहा कि स्लोअर बॉल से बल्लेबाज हर गेंद पर अटैक नहीं कर सकते, खासकर पावर प्ले में. जब बल्लेबाज सोचने लगते हैं, तो गलती होने के चांस बढ़ जाते हैं. यही वजह है कि भारतीय बल्लेबाज दबाव में आ गए और टीम लड़खड़ा गई.

बता दें कि साउथ अफ्रीका की इस जीत के बाद से भारतीय टीम की सेमीफाइनल की रेस टफ हो गई है. अब भारत को अपना अगला सुपर 8 मैच जिम्बाब्वे से चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेलना है. इसके बाद 1 मार्च को टीम को वेस्टइंडीज के खिलाफ आखिरी सुपर 8 मैच खेलना होगा. इंडियन टीम को ये दोनों मैच जीतने होंगे. साथ ही बाकी मैचों पर भी नजर रखनी होगी. अगर टीम इंडिया कोई भी मैच हारती है, तो वो टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी.

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