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वेस्टइंडीज के खिलाफ चमके 'चाइनामैन', वर्ल्ड कप 2027 के लिए कुलदीप यादव ने ठोक दी दावेदारी

एक समय वेस्टइंडीज की टीम 300 रनों के पार जाती दिख रही थी. लेकिन, कुलदीप की बॉलिंग के चलते, मेहमान टीम 300 रनों का आंकड़ा भी नहीं पार कर पाई. टीम ने 50 ओवर्स में 7 विकेट पर 295 रन बनाए. कुलदीप ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 10 ओवर में 40 रन देकर 4 विकेट लिए.

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कुलदीप ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 4 विकेट लेकर टीम इंडिया की वापसी कराई थी. ( Courtesy: PTI)

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  • 27 सितंबर को तिरुवनंतपुरम में खेले गए वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच में कुलदीप यादव ने 10 ओवर में 40 रन देकर 4 विकेट लिए और 'प्लेयर ऑफ द मैच' रहकर टीम की वापसी कराई।
  • कुलदीप यादव को कई बार टीम इंडिया में जगह नहीं मिली जबकि वे बेहतरीन स्पिनर हैं, क्योंकि टीम चयन में अतिरिक्त पेसरों या बैटरों को प्राथमिकता दी जाती है।
  • आगामी 2027 क्रिकेट वर्ल्ड कप के लिए कुलदीप यादव की उम्र और प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें टीम में शामिल करना जरूरी माना जा रहा है क्योंकि स्पिनर 30-35 वर्ष के बीच अधिक प्रभावी होते हैं।

कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) टीम इंडिया के लिए तुरुप का इक्का हैं. वह ऐसे समय में विकेट लेते हैं, जब दूसरे गेंदबाज सफल नहीं होते. उन्होंने यह कारनामा अपने करियर में कई बार किया है. करंट टाइम में वह ऑल फॉर्मेट खेलने वाले बेहतरीन स्पिनर हैं. वह चालाकी से स्ट्रेटजी बनाकर विकेट हासिल करते हैं. 27 सितंबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच में उन्होंने फिर अपनी काबिलियत दिखाई. 

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विंडीज टीम जब बड़े स्कोर की तरफ बढ़ रही थी, तो उन्होंने ही विकेट चटकाकर रन रेट पर ब्रेक लगाया. इस मैच में कुलदीप ने अपनी लेंथ, गति, ऊंचाई, एंगल, ड्रिफ्ट, और टर्न  के दम पर वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को खूब छकाया. वह बैटिंग ट्रैक पर ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ रहे. यह कुलदीप का बैड लक है कि मैच विनर होते हुए भी, उन्हें टीम इंडिया में रेगुलर मौके नहीं मिलते हैं. 

27 सितंबर को तिरुवनंतपुरम में खेले गए मैच में भारत ने टॉस जीतकर बॉलिंग चुनी. भारत का यह दांव तब उलटा साबित होता दिख रहा था. वेस्टइंडीज ने 15 ओवर में बिना विकेट खोए 107 रन बना दिए. भारतीय गेंदबाज विकेट लेने को तरस गए. पारी का आगाज करने आए जस्टिन ग्रीव्स और जॉन कैम्पबेल ने इंडियन बॉलर्स की जमकर धुनाई की. प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बरार, नीतीश कुमार रेड्डी और नमन धीर कोई असर नहीं डाल पाए. कैरेबियन टीम बड़े स्कोर की तरफ बढ़ रही थी.

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कुलदीप यादव ने पलटी बाजी

15 ओवर का खेल हो चुका था, लेकिन भारत को विकेट नहीं मिला. कप्तान शुभमन गिल ने कुलदीप यादव को गेंद थमाई. कुलदीप 16वें ओवर में बॉलिंग करने आए. अपने पहले ओवर में उन्होंने कंट्रोल दिखाया और सिर्फ 4 रन दिए. इसके बाद, अगला ओवर कुलदीप का महंगा रहा. इसमें उन्होंने 11 रन खर्च किए. जस्टिन ग्रीव्स ने उनके खिलाफ एक छक्का भी लगाया. फिर, कुलदीप लगातार तीसरा ओवर डालने आए. यह उनका कमबैक ओवर साबित हुआ. ओवर की दूसरी गेंद पर उन्होंने जॉन कैम्पबेल को फंसा लिया. उन्होंने फ्लाइटेड गेंद ऑफ स्टंप के बाहर डाली. कैम्पबेल ने स्वीप शॉट लगाया. लेकिन, गेंद उतनी बाउंस नहीं हुई, जितनी कैम्पबेल ने उम्मीद की थी. गेंद बल्ले का टॉप एज लेकर हवा में गई. प्रसिद्ध कृष्णा ने कैच लपक लिया. वेस्टइंडीज का पहला विकेट 20वें ओवर में गिरा.

इसके बाद कुलदीप यादव ने अपने दूसरे स्पेल में बड़ी सफलता हासिल की. उन्होंने 34वें ओवर में वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप का विकेट लिया. फिर उन्होंने अपने आठवें ओवर में वेस्टइंडीज के दो बल्लेबाजों का शिकार किया. पहले उन्होंने शतकवीर जस्टिन ग्रीव्स को 101 रनों पर पवेलियन भेजा. इसके बाद, उन्होंने जेवेल एंड्रयू को भी आउट किया. 

बैटिंग पिच पर लिए 4 विकेट

इस तरह कुलदीप ने शानदार बॉलिंग करके मैच में भारत की वापसी कराई. एक समय वेस्टइंडीज की टीम 300 रनों के पार जाती दिख रही थी. ऐसा लग रहा था कि मेहमान टीम 300 का आंकड़ा पार कर लेगी. हालांकि, कुलदीप की बॉलिंग के चलते ऐसा नहीं हो सका. टीम ने 50 ओवर्स में 7 विकेट पर 295 रन बनाए. कुलदीप ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 10 ओवर में 40 रन देकर 4 विकेट लिए. तिरुअनंतपुरम की पिच बैटिंग फेवर थी. मैच में तीन बैटर्स ने शतक लगाए थे. यह कुलदीप की काबिलियत है कि उन्होंने बैटिंग पिच पर 4 विकेट हासिल किए. 

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माइकल क्लार्क भी कर चुके हैं तारीफ

कुलदीप ने अपनी बॉलिंग टैलेंट से कई बार साबित किया है कि करंट टाइम में उनके जैसा स्पिनर पूरी दुनिया में नहीं हैं. हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान माइकल क्लार्क ने कहा था कि अभी जितने भी स्पिनर ऑल फॉर्मेट में खेल रहे हैं, उनमें कुलदीप यादव बेस्ट हैं. अच्छे परफॉर्मेंस के बावजूद उन्हें टीम इंडिया में पर्याप्त मौके नहीं मिलते हैं. 

बुमराह जैसा कुशन क्यों नहीं मिला?

कुलदीप मैच विनर हैं इसमें कोई शक नहीं हैं. उन्होंने कई बार भारत को अपने दम पर मैच जिताया है. लेकिन, फिर भी उन्हें टीम इंडिया में लगातार जगह नहीं मिलती है. श्रीलंका टूर पर भी उन्हें एक टेस्ट में मौका मिला था. उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ T20 सीरीज में भी शामिल नहीं किया गया. कुलदीप को एशियन गेम्स के लिए भी टीम में शामिल नहीं किया गया. 

अक्सर, टीम की प्लेइंग-11 जब कोई बदलाव किया जाता है, तो कुलदीप यादव बलि का बकरा बनते हैं. टीम में जब एक्स्ट्रॉ बैटर या अतिरिक्त पेसर को जगह दी जाती है, तो कुलदीप को बाहर कर दिया जाता है. लेकिन, यह बात जसप्रीत बुमराह पर लागू नहीं होती. स्टार पेसर बुमराह भारत के लिए चुनिंदा सीरीज में ही खेलते हैं. टीम में अतिरिक्त पेसर आए या बैटर. बुमराह की जगह सुरक्षित है. लेकिन, कुलदीप के साथ ऐसा नहीं है. मैनेजमेंट बैटिंग में ज्यादा योगदान नहीं देने वाले बुमराह पर भरोसा करता है. लेकिन कुलदीप को विशुद्ध बॉलर प्लेइंग 11 में जगह नहीं मिलती है. कुलदीप भी बुमराह की तरह मैच का रुख बदल सकते हैं.  कुलदीप को भी बुमराह की तरह कुशन मिलना चाहिए. 

कुलदीप यादव टीम इंडिया के ऐसे बॉलर हैं, जिन्हें 'प्लेयर ऑफ मैच' मिलने के बावजूद, भी अगले मैच में टीम से बाहर कर दिया गया. बुमराह के साथ शायद ही कभी ऐसा हुआ हो. दिसंबर 2022 में कुलदीप यादव बांग्लादेश के खिलाफ चटगांव टेस्ट में 'प्लेयर ऑफ द' मैच रहे थे. लेकिन दूसरे टेस्ट से पहले टीम की प्लेइंग-11 में बदलाव हुआ, तो कुलदीप को बाहर कर दिया गया था. जिसकी काफी आलोचना हुई थी.

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वर्ल्ड कप 2027 में क्यों जरूरी हैं बुमराह?

कहा जाता हैं कि स्पिनर उम्र बढ़ने के साथ और ज्यादा खतरनाक हो जाते हैं. स्पिनर 30 और 35 साल के बीच सबसे ज्यादा खतरनाक होते हैं. कुलदीप 31 साल के हैं. कुलदीप की बॉलिंग में लगातार धार आ रही है. वह 2027 क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारत के लिए बड़े मैच विनर हो सकते हैं. 2027 का वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की मेजबानी में खेला जाएगा. लेकिन, वर्ल्ड कप के ज्यादातर मैच साउथ अफ्रीका में होंगे. दक्षिण अफ्रीका में ऐसे कई ग्राउंड हैं, जहां पर स्पिनर्स को मदद मिलती है. ऐसे में कुलदीप भारत के लिए वर्ल्ड कप में भी मैच विनर साबित हो सकते हैं. उनका भारत की वर्ल्ड कप टीम में रहना जरूरी है. 

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