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ईरान FIFA वर्ल्ड कप के लिए जाएगा अमेरिका, पर मेजबानों को माननी होंगी ये शर्तें!

FIFA वर्ल्ड कप 2026 : ईरानी फुटबॉल फेडरेशन FFIRI ने कंफर्म कर दिया कि उनकी टीम वर्ल्ड कप में भाग लेने के लिए तैयार है. हालांकि, FFIRI प्रमुख ने इसके लिए कुछ शर्तें भी रख दी हैं.

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ईरान की फुटबॉल टीम फीफा वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा लेगी. (फोटो-X)

फुटबॉल के महाकुंभ फीफा वर्ल्ड कप 2026 के आगाज में अब सिर्फ एक महीने बचा है. इस बार ये वर्ल्ड कप अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा में होना है. हालांकि, मैदान पर महामुकाबले की शुरुआत से पहले मैदान के बाहर पॉलिटिक्स गरम हो गई है.

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मामला ईरान से जुड़ा है. ईरान ने पहले टूर्नामेंट में पार्टि‍सिपेशन को लेकर सहमति नहीं जताई थी. हालांकि, 9 मई को कंफर्म कर दिया कि वो इस वर्ल्ड कप में हिस्सा लेगा. लेकिन, साथ ही कुछ शर्तें भी रख दी हैं.

दरअसल, ईरान के फुटबॉल फेडरेशन (FFIRI) ने मेजबान देशों को दो-टूक सुना दिया है कि मिडि‍ल ईस्ट के हालातों को देखते हुए उनकी मान-मर्यादा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए.

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क्या है पूरा मामला?

इस फसाद की शुरुआत पिछले महीने हुई थी. वर्ल्ड कप के को-होस्ट कनाडा ने जब ईरानी फुटबॉल फेडरेशन के चीफ की अपने देश में एंट्री पर रोक लगा दी थी. उनका कहना था कि फेडरेशन प्रमुख के तार इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े हैं.

IRGC ईरान की सेना की वो विंग है, जिसे कनाडा और अमेरिका ने आतंकवादी संगठन घोषि‍त कर दिया है. बस फिर क्या था. इस घटना ने ईरान की ईगो हर्ट कर दी. अब इसी को लेकर FFIRI प्रमुख मेहदी ताज ने साफ-साफ कह दिया है कि इस टूर्नामेंट में पार्टि‍सिपेट करने के लिए ईरान की कुछ शर्ते हैं. उनकी मुख्य मांगें कुछ इस प्रकार हैं -

  • वीजा की गारंटी : टीम के हर खिलाड़ी और स्टाफ को बिना किसी रुकावट के वीजा मिले.
  • IRGC वाला मुद्दा : ईरान ने साफ किया कि मेहदी तारेमी और एहसान हाजसफी जैसे खिलाड़ियों ने IRGC में अपनी अनिवार्य सैन्य सेवा दी है. उनके वीजा पर कोई किंतु-परंतु नहीं चलेगा.
  • झंडे और राष्ट्रगान का सम्मान : टूर्नामेंट के दौरान ईरानी झंडे और उनके राष्ट्रगान के साथ कोई बदतमीजी या विरोध बर्दाश्त नहीं होगा.
  • कड़ी सुरक्षा : होटल से लेकर स्टेडियम और एयरपोर्ट तक ईरानी टीम को टाइट सिक्योरिटी दी जाए.

ईरानी फुटबॉल फेडरेशन प्रमुख ने कहा,

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हम वर्ल्ड कप में हिस्सा लेंगे, लेकिन अपने विश्वासों, संस्कृति और मान्यताओं से बिना किसी समझौते के.

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अमेरिका का स्टैंड क्या है?

इधर, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने थोड़ा नरम-गरम रुख अपनाया है. रूबियो ने कहा कि ईरानी खिलाड़ियों का स्वागत है. लेकिन, उन्होंने एक चेतावनी भी चिपका दी. उन्होंने कहा कि अगर डेलिगेशन में किसी सदस्य का IRGC से एक्टिव लिंक मिला तो अमेरिका उसे बॉर्डर पर ही रोक सकता है.

ईरान ग्रुप जी में शामिल

हालांकि, तमाम ड्रामे के बीच FIFA प्रमुख जियानी इन्फेंटिनो ने कंफर्म किया है कि ईरान के मैच तय शेड्यूल के हिसाब से अमेरिका में ही होंगे. ईरान का बेस कैंप एरिज़ोना के टक्सन में होगा. वहीं, उन्हें वर्ल्ड कप के ग्रुप G में रखा गया है. इसमें ईरान के अलावा न्यूजीलैंड, बेल्जियम और मिस्र (Egypt) शामिल हैं. ईरान का पहला मुकाबला 15 जून को लॉस एंजिल्स में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ होगा.

ईरानी फुटबॉल फेडरेशन के चीफ ने याद दिलाते हुए कहा कि उनकी टीम ने अपनी काबिलियत पर टूर्नामेंट में क्वा‍लि‍फाई किया था. ऐसे में कोई भी बाहरी ताकत उनकी टीम को टूर्नामेंट में भाग लेने से रोक नहीं सकती. अब ये देखने लायक होगा कि संयुक्त मेजबान अमेरिका और कनाडा इन शर्तों को कितना सीरियसली लेते हैं.

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