RCB दूसरी बार IPL चैंपियन बनी. इस जीत से हर किसी ने अपने-अपने स्टार चुन लिए. किसी के लिए भुवी स्टार थे तो किसी के लिए विराट कोहली. कोई रजत पाटीदार की कप्तानी की तारीफ करता दिखा तो कोई जोश हेजलवुड की. लेकिन ये वे नाम हैं जो मैदान पर नजर आए. RCB की जीत के पीछे कई ऐसे नाम भी हैं जो आपकी टीवी स्क्रीन पर नजर नहीं आए. इन नामों का RCB की जीत की कहानी में बेहद अहम किरदार है. जीत के बाद रजत पाटीदार ने खुद ऐसे ही अनसंग हीरो की कहानी सुनाई और उन्हें जीत का श्रेय भी दिया.
फैन्स विराट कोहली को देखते रहे, RCB की सबसे बड़ी कमजोरी इस शख्स ने दूर की
RCB टीम सालों तक अपनी बल्लेबाजी के लिए जानी जाती थी. विराट कोहली, एबी डिविलियर्स, क्रिस गेल, शेन वॉटसन, फाफ डु प्लेसिस जैसे कई बड़े नाम टीम की बैटिंग यूनिट का हिस्सा रहे. इसके बावजूद आरसीबी कभी ट्रॉफी नहीं जीती.


RCB टीम सालों तक अपनी बल्लेबाजी के लिए जानी जाती थी. विराट कोहली, एबी डिविलियर्स, क्रिस गेल, शेन वॉटसन, फाफ डु प्लेसिस जैसे कई बड़े नाम टीम की बैटिंग यूनिट का हिस्सा रहे. इसके बावजूद आरसीबी कभी ट्रॉफी नहीं जीती. टीम की गेंदबाजी को इसका बड़ा कारण माना गया. टीम को लगभग आधे मैच चिन्नास्वामी स्टेडिम में खेलने होते थे जिसे बल्लेबाजों का स्वर्ग कहा जाता था. कमजोर बॉलिंग यूनिट ने टीम को काफी बार मुश्किल में डाला.
बीते दो सीजन में टीम ने अपनी इसी कमजोरी पर काम किया और फिर बैक टू बैक खिताब जीत लिया. लीग के लिए खतरनाक बॉलिंग लाइन अप तैयार करने के लिए रजत ने कोच ओमकार साल्वी को खास शुक्रिया कहा.
रजत पाटीदार ने साल्वी की तारीफ करते हुए कहा,
कौन हैं ओमकार साल्वी?मैंने अपने पहले रणजी सीजन [2015 में] से ही ओमकार साल्वी सर को देखा है. वह हर गेंदबाज के साथ अकेले में काफी समय बिताते हैं. साल्वी सर ने टीम के लिए बहुत ज्यादा मेहनत की है. आप उन्हें मीटिंग रूम में नहीं देखेंगे.
पूर्व क्रिकेटर साल्वी का कोचिंग करियर मुंबई के साथ शुरू हुआ. वह कई अलग-अलग टर्म में टीम के कोच रहे. साल 2023 में उन्हें टीम का हेड कोच बनाया गया. इस सीजन मुंबई ने रणजी ट्रॉफी का खिताब जीता था. ईरानी ट्रॉफी जीतने में भी कामयाब रहे. उनकी इसी कामयाबी को देखते हुए RCB ने उन्हें अपने साथ जोड़ने का फैसला किया.
साल्वी के आरसीबी से जुड़ने की बहुत चर्चा नहीं हुई. जब-जब टीम मैच जीतती तब-तब टीम के बॉलिंग अटैक की तारीफ होती, लेकिन ओमकार साल्वी का नाम कम ही सुनाई देता. IPL के कैमरे भी उनपर कम ही जाते थे. साल्वी लाइमलाइट से दूर रहते हुए काम करते रहे. उन्होंने टीम के पेस अटैक पर काफी मेहनत की. वो सीनियर और जूनियर खिलाड़ियों की उनकी जरूरत के हिसाब से मदद करते रहे. हर गेंदबाज के लिए उनके पास अलग प्लान तैयार था. इसका असर भी नजर आया. बीते सीजन जोश हेजलवुड पर्पल कैप की रेस में तीसरे नंबर पर रहे. उन्होंने 12 मैचों में 22 विकेट लिए. वहीं क्रुणाल पंड्या ने टीम के लिए 15 मैचों में 17 विकेट लिए.
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पूरे सीजन छाया रहा RCB बॉलिंग अटैकइस सीजन टीम का बॉलिंग अटैक और खतरनाक नजर आया. एक तरफ से भुवी की स्विंग तो दूसरी ओर से हेजलवुड की बाउंसर्स. बल्लेबाजों को समझ ही नहीं आ पाता था कि किसे अटैक करें और किसे छोड़ें. इस बीच युवा गेंदबाज रासिख सलाम ने भी अपनी अलग छाप छोड़ी.
जोश हेजलवुड ने 13 मैच में 15 विकेट लिए. वहीं रासिख सलाम ने 12 मैचों में 19 विकेट हासिल किए. फाइनल मुकाबले में सलाम के खाते में तीन विकेट आए. कीवी पेसर जैकब डफी का यह पहला IPL सीजन था. उन्होंने अपनी गेंदबाजी से काफी इंप्रेस किया. छह मैचों में डफी ने नौ विकेट लिए.
इसके अलावा स्विंग के किंग कहे जाने वाले भुवनेश्वर कुमार भले ही पर्पल कैप की रेस में पिछड़ गए हों लेकिन उनका प्रदर्शन कमाल का रहा. भुवी ने 16 मैचों में 28 विकेट झटके. इस दौरान उनका इकोनमी रेट 7.95 का रहा. कुल मिलाकर टीम का बॉलिंग अटैक लय में दिखा और एक बार फिर से टीम को खिताब दिला गया.
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