IPL का एल क्लासिको. यानी मुंबई इंडियंस (MI) vs चेन्नई सुपर किंग्स (CSK). 23 अप्रैल को वानखेड़े स्टेडियम में ये दोनों टीमें भिड़ीं. लगा था कि कांटे की टक्कर होगी, लेकिन मामला एकदम एकतरफा निकला. चेन्नई ने मुंबई को 103 रन के अंतर से कूट दिया. लेकिन मैच खत्म होने के बाद सोशल मीडिया पर भसड़ मैच के रिजल्ट की नहीं, बल्कि एक नियम को लेकर मची है.
चोट कंधे में तो कन्कशन सब्स्टीट्यूट कैसे? MI के कोच को देनी पड़ गई सफाई
IPL 2026 : CSK vs MI मुकाबले के दौरान 23 अप्रैल को विवाद हो गया. दरअसल, मैच के दौरान फील्डिंग करते वक्त Mitchell Santner चोटिल हो गए. चोट उनके कंधे में लगी, लेकिन Mumbai Indians ने उनके लिए कन्कशन सब्स्टीट्यूट की डिमांड कर ली. बैटिंग के दौरान उनकी जगह Shardul Thakur उतरे.


बवाल इस बात पर है कि जब खिलाड़ी को चोट कंधे पर लगी थी, तो सिर की चोट वाला कन्कशन नियम लगाकर सब्स्टीट्यूट कैसे ले लिया गया?
सैमसन का शतक और अकील का जलवावानखेड़े में संजू सैमसन ने शानदार शतक ठोककर पहले ही आधा काम कर दिया था. उनकी इस पारी की बदौलत CSK ने बोर्ड पर 207 रन टांग दिए. अब मुंबई को चाहिए थे 208. लेकिन शुरुआत में ही टीम ऐसे लड़खड़ाई कि पावरप्ले के अंदर ही तीन विकेट गिर गए.
तिलक वर्मा और सूर्यकुमार यादव ने 50 रन की पार्टनरशिप करके थोड़ी उम्मीद जरूर जगाई. लेकिन, कैरेबियाई बॉलर अकील हुसैन ने ऐसा जाल बिछाया कि 4 विकेट निकालकर मैच का रुख ही पलट दिया. पूरी मुंबई की टीम 104 रन पर सिमट गई और चेन्नई ने 103 रन की बड़ी जीत दर्ज की.
कन्कशन सब पर क्यों मचा हंगामा?हालांकि, मैच के दौरान असली ड्रामा तब शुरू हुआ जब फील्डिंग के दौरान मिचेल सैंटनर (Mitchell Santner) चोटिल हो गए. उन्हें मैदान छोड़कर जाना पड़ा. बाद में टीवी पर जो विजुअल्स दिखे, उसमें सैंटनर के कंधे पर पट्टी बंधी नजर आ रही थी. सबको लगा कि मामला कंधे की इंजरी का है.
लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आया जब उनकी जगह शार्दुल ठाकुर को मैदान में उतार दिया गया. वो भी कन्कशन सब्स्टीट्यूट के तौर पर. अब फैंस और क्रिकेट पंडितों का माथा ठनका. सवाल उठने लगे कि भाई, कन्कशन (सिर की चोट) का नियम कंधे की चोट पर कैसे लागू हो गया? क्या ये नियमों के साथ खिलवाड़ है?
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MI कोच जयवर्धने ने दी सफाईजब विवाद ने तूल पकड़ा तो MI के कोच महेला जयवर्धने को इस मामले पर सफाई देने के लिए सामने आना पड़ा. उन्होंने कहा,
क्या कहते हैं ICC के नियम?देखिए, सैंटनर जब गिरे तो सबसे पहले उनके सिर और गर्दन पर इम्पैक्ट आया था. उसके बाद कंधे पर असर पड़ा. उन्हें मैदान पर अस्थिर महसूस हो रहा था, इसलिए उन्हें तुरंत स्कैन के लिए भेजा गया. हमने कन्कशन सब्स्टीट्यूट की मांग जरूर की थी, लेकिन इसे मंजूरी देना पूरी तरह से मैच रेफरी और अंपायर्स के अधिकार में था.
ICC के नियमों के मुताबिक, कन्कशन सब्स्टीट्यूट का विकल्प तभी मिलता है जब किसी खिलाड़ी को सिर या गर्दन के हिस्से में चोट लगे. उसे कन्कशन माने चक्कर आने की शिकायत हो. इसके लिए सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी पहले से नामित होते हैं. लेकिन, सबसे अहम बात ये है कि इसका अंतिम फैसला पूरी तरह से मैच रेफरी का होता है. मेडिकल टीम की असेसमेंट के बाद ही रेफरी इसकी इजाज़त देता है.
स्पिरिट ऑफ क्रिकेट पर उठे सवालभले ही कोच ने सफाई दे दी हो, लेकिन सेंटनर की कंधे की चोट के विजुअल्स और कन्कशन सब के फैसले में जो विरोधाभास दिखा, उसने डिबेट खड़ी कर दी है. कई फैंस और एक्सपर्ट्स इसे खेल भावना के खिलाफ बता रहे हैं. कुल मिलाकर, ये सब्स्टीट्यूट वाला मामला IPL 2026 के सबसे चर्चित विवादों की लिस्ट में टॉप पर पहुंच गया है.
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