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नीलामी के पहले फेज में अनसोल्ड रहे इस धुरंधर ने बदल दी गुजरात टाइटंस की किस्मत!

साल 2013 से लेकर 2015 तक डेविड मिलर ने खूब धूम मचाया था. सामने कोई भी गेंदबाज हो वो सबको बराबरी से कूटते थे.

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जीरो से हीरो बना ये धुरंधर (PTI)

IPL... एक ऐसा प्लेटफॉर्म जहां आप कब फर्श से अर्श तक पहुंच जाए, कुछ पता नहीं चल पाता. कभी कोई अनकैप्ड खिलाड़ी हीरो बनकर उभर जाता है, तो कभी भुला दिया गया नाम भी फिर से सबकी जुबां पर छा जाता है. इसका सबसे जीता जागता उदाहरण है डेविड मिलर.

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डेविड मिलर. साल 2013 से लेकर 2015 तक इस खिलाड़ी ने खूब धूम मचाया था. सामने कोई भी गेंदबाज हो किलर मिलर सबको बराबरी से कूटता था. फिर साल 2015 के बाद वे अपने प्रदर्शन के कारण टीम से अंदर बाहर होते रहे. टीम बदली, बैटिंग पोजिशन बदला लेकिन वो लगातार संघर्ष ही करते रहे. फिर आया साल 2022. इस सीज़न मिलर फिर से किलर बने. फिर से वो उसी रंग में दिखे जिसके लिए वो जाने जाते हैं. फाइनल में राजस्थान के बॉलर्स को कूटकर मिलर ने गुजरात टाइटंस को पहले ही सीजन में खिताब दिलाने में अहम भूमिका अदा की.

मांजरेकर ने की तारीफ

मिलर के इस बेहतरीन प्रदर्शन को लेकर पूर्व भारतीय खिलाड़ी संजय मांजरेकर ने उनकी जमकर तारीफ की है. मांजरेकर के मुताबिक मिलर इस सीज़न के सबसे बड़े सरप्राइज रहे हैं. ESPNcricinfo से बात करते हुए मांजरेकर ने कहा,

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‘डेविड मिलर इस सीज़न के सबसे बड़े सरप्राइज रहे. पहले कुछ वर्षों के अलावा, बाकी सभी सीज़न में वो असफल साबित हुए थे. लेकिन इस साल एक नई फ्रेंचाइजी के लिए खेलते हुए वो अचानक एक बेहतरीन खिलाड़ी बनकर उभरे हैं. यह उनका सबसे बेहतरीन आईपीएल सीजन था. उन्होंने फाइनल में वास्तव में अच्छी बल्लेबाजी की और क्वालीफायर 1 में भी मैच जिताऊ पारी खेली थी.’

मिलर के लिए शानदार रहा सीज़न

डेविड मिलर ने इस सीज़न 16 मैचों में हिस्सा लिया. इसमें उन्होंने 68.71 की औसत से कुल 481 रन बनाए. इस दौरान उनकी स्ट्राइक रेट 142.72 रही. क्वालीफायर में उन्होंने राजस्थान के खिलाफ महज 38 गेंदों में नाबाद 68 रन की मैच जिताऊ पारी खेली थी. जबकि फाइनल में भी राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ उन्होंने 19 गेंदों में नाबाद 32 रनों का योगदान दिया.

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हुआ था बिडिंग वॉर

पिछले 2 सीजन में राजस्थान का हिस्सा रहे मिलर इस बार की नीलामी के पहले राउंड में अनसोल्ड रहे थे. जबकि दूसरी बार जब उनका नाम सामने आया तो उनकी बेस प्राइस (1 करोड़ रुपये) पर सबसे पहले राजस्थान ने बोली लगाई. बाद में गुजरात भी इस बोली का हिस्सा बन गई. दोनों फ्रेंचाइजी के बीच काफी देर तक ये बिडिंग वॉर चलने के बाद गुजरात ने आखिरकार 3 करोड़ रुपये में उन्हें अपने साथ जोड़ लिया.

राजस्थान में रहे थे फेल

राजस्थान रॉयल्स ने साल 2020 की नीलामी में डेविड मिलर को मात्र 75 लाख रुपये में अपनी टीम के साथ जोड़ा था. हालांकि वो टीम के लिए कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाए थे. दो सीजन मिलाकर वो कुल 10 मैच में ही टीम का हिस्सा रहे. इसमें उनके बल्ले से 24.8 की औसत से सिर्फ 124 रन ही निकले. इस दौरान स्ट्राइक रेट भी करीब 110 का रहा. इसके बाद राजस्थान ने नीलामी से पहले उन्हें रिलीज कर दिया था.

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