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कप्तानी के दबाव में बुरी तरह बिखरे इस खिलाड़ी का हाल देख रवि शास्त्री भी हुए निराश!

टूर्नामेंट में एक ओपनर के तौर पर शुरुआत करने वाले मयंक ने टीम संयोजन और अपने प्रदर्शन को देखते हुए खुद को मिडिल ऑर्डर में भी खिलाया, हालांकि उन्हें वहां भी निराशा ही हाथ लगी. कुछ एक खिलाड़ी को छोड़कर टीम का कोई भी बल्लेबाज कुछ खास असर नहीं छोड़ पाया. और इसमें सबसे पहला नाम कप्तान मयंक का ही है.

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शास्त्री ने जडेजा का भी उदाहरण दिया (PTI)

पंजाब किंग्स आईपीएल 2022 के ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई. आखिरी लीग मुकाबले में टीम ने हैदराबाद को 5 विकेट से हराकर अपने अभियान का अंत किया. नए कप्तान मयंक अग्रवाल की कप्तानी में टीम कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई. साथ ही साथ मयंक अग्रवाल ना तो कप्तानी और ना ही बल्लेबाज़ी में कोई खास असर छोड़ पाए.

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टूर्नामेंट में एक ओपनर के तौर पर शुरुआत करने वाले मयंक ने टीम संयोजन और अपने प्रदर्शन को देखते हुए खुद को मिडिल ऑर्डर में भी खिलाया, हालांकि उन्हें वहां भी निराशा ही हाथ लगी. कुछ एक खिलाड़ी को छोड़कर टीम का कोई भी बल्लेबाज कुछ खास असर नहीं छोड़ पाया. और इसमें सबसे पहला नाम कप्तान मयंक का ही है.

रवि शास्त्री हुए दुखी

मयंक के इस प्रदर्शन के बाद टीम इंडिया के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने दुख जताया है. शास्त्री के मुताबिक कप्तानी के दबाव के कारण मयंक अच्छा खेल दिखाने में असफल रहे और इसी वजह से शायद वो आगामी सीरीज के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं बना पाए. ESPNcricinfo से बात करते हुए शास्त्री ने कहा,

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'जिन लोगों ने कभी टीम की कप्तानी नहीं की है, आप उन्हें फ्रेंचाइजी की कप्तानी सौंप देते हो. मैं मयंक का कोई अपमान नहीं कर रहा, क्योंकि मैं उनको पसंद करता हूं. मैं जानता हूं कि वो अपनी क्रिकेट कैसे खेलता है और वो कितना अच्छा है. लेकिन अगर आप एक ऐसे खिलाड़ी को कप्तानी की जिम्मेदारी सौंप देते हो तो इससे काफी बड़ी समस्या हो सकती है. इस वजह से हो सकता है कि भारतीय टीम में अपनी जगह गंवा दें.  क्योंकि सेलेक्टर मौजूदा फॉर्म के आधार पर सेलेक्शन करेंगे.'

शास्त्री ने आगे कहा कि मयंक का हाल भी जडेजा की तरह हुआ है. बोले,

‘मयंक के साथ जो हो रहा है उससे मैं आहत हूं. क्योंकि मैं जानता हूं कि वे कितने अच्छे खिलाड़ी हैं. कप्तानी के दबाव से किसी के भी दिमाग में असर पड़ता है. आपने जडेजा के साथ देखा कि उनका प्रदर्शन कैसा रहा, यही मयंक अग्रवाल के साथ हुआ. ये फ्रेंचाइजियों के लिए भविष्य का एक संदेश भी है कि वो कप्तानी के चयन में थोड़ा स्मार्ट हो.’

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बेहद साधारण रहा प्रदर्शन

मयंक अग्रवाल ने इस सीजन खेले गए 13 मुकाबलों में महज 196 रन बनाए. इस दौरान उनका औसत 16.33 और स्ट्राइक रेट 122.50 का रहा. उनके बल्ले से इस सीज़न में 52 रनों की महज एक अर्धशतकीय पारी निकली. यही उनका बेस्ट स्कोर रहा. यही वजह रही कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाले 5 मैचों की टी20 सीरीज और इंग्लैंड के खिलाफ बचे 1 टेस्ट मैच के लिए उन्हें टीम में जगह नहीं दी गई.

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