गुजरात टाइटंस और पंजाब किंग्स. दो टीम्स, IPL2022 में जिनका भाग्य अलग-अलग चल रहा है. ऑक्शन के बाद खूब तारीफें बटोरने वाले पंजाब किंग्स प्लेऑफ की रेस में बहुत पिछड़ चुके हैं. तो वहीं ऑक्शन के बाद लोगों की हंसी का पात्र बनी गुजरात की टीम इस साल सबसे आगे चल रही है. 3 मई, मंगलवार को होने वाला ये मुकाबला पंजाब को हर हाल में जीतना ही होगा.
जब शुभमन और 'सुपरमैन' ने मिलकर पंजाब से छीन लिया जीता मैच!
गुजरात टाइटंस और पंजाब किंग्स. दो टीम्स, IPL2022 में जिनका भाग्य अलग-अलग चल रहा है. ऑक्शन के बाद खूब तारीफें बटोरने वाले पंजाब किंग्स प्लेऑफ की रेस में बहुत पिछड़ चुके हैं. तो वहीं ऑक्शन के बाद लोगों की हंसी का पात्र बनी गुजरात की टीम इस साल सबसे आगे चल रही है. 3 मई, मंगलवार को होने वाला ये मुकाबला पंजाब को हर हाल में जीतना ही होगा.


वहीं दूसरी ओर गुजरात की टीम अभी थोड़ा चिल कर सकती है. सिर्फ नौ मुकाबलों के बाद उनके 16 पॉइंट्स हो चुके हैं. यानी अगर वो बचे हुए सारे मैच हार भी जाएं तो भी प्लेऑफ तक जा सकते हैं. गुजरात की टीम इस सीजन अभी तक सिर्फ एक मैच हारी है. और उनकी फॉर्म को देखते हुए पंजाब के लिए चीजें आसान नहीं होंगी.
ये दोनों टीम इस सीजन दूसरी बार भिड़ेंगी. IPL2022 में ये पहली बार 8 अप्रैल को भिड़ी थीं. अंतिम गेंद पर फिनिश हुए उस मैच में राहुल तेवतिया ने आखिरी दो गेंदों पर छक्के मार गुजरात को जीत दिलाई थी. मैच में पहले बैटिंग करते हुए पंजाब ने 189 रन बनाए थे. पंजाब के लिए लियम लिविंग्सटन ने सिर्फ 27 गेंदों पर 64 रन की पारी खेली थी.
जवाब में गुजरात के लिए ओपनर शुभमन गिल ने सिर्फ 59 गेंदों पर 96 रन की पारी खेली. हालांकि इसके बाद भी गुजरात की टीम हारती दिख रही थी. उन्हें आखिरी तीन गेंदों पर 13 रन चाहिए थे. तभी बोलर ओडीन स्मिथ के एक ओवरथ्रो के चलते राहुल तेवतिया को स्ट्राइक मिली, और उन्होंने आखिरी दो गेंदों पर दो छक्के जड़ दिए.
#GTvsPBKS
अपने पहले ही सीजन में गुजरात ने गदर मचा रखा है. GT ने इस सीजन की दूसरी नई टीम लखनऊ सुपरजाएंट्स के खिलाफ़ जीत के साथ अपना सीजन शुरू किया. अगले दो मैच में उन्होंने दिल्ली और पंजाब को हराया. जिसके बाद उन्हें SRH के हाथों सीजन की पहली हार मिली. इस हार के बाद हार्दिक की टीम ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. उन्होंने राजस्थान रॉयल्स, चेन्नई सुपरकिंग्स, कोलकाता नाइटराइडर्स, सनराइजर्स हैदराबाद और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को मात दी.
गुजरात की टीम ऑक्शन के बाद सबसे कमजोर और खराब तरीके से चुनी गई टीम बताई जा रही थी. लेकिन इस टीम ने अपने प्रदर्शन से सबको हैरान किया है. टीम के ओपनर्स बहुत अच्छा नहीं कर रहे हैं. शुभमन गिल के साथ मैथ्यू वेड के बाद ऋद्धिमान साहा को भी ट्राई किया जा चुका है. लेकिन साहा के बल्ले से भी कुछ बहुत कमाल काम नहीं हुआ है. दूसरी ओर शुभमन के नाम भी दो-तीन ही अच्छी पारियां हैं.
टीम के मिडल ऑर्डर ने जरूर प्रभावित किया है. नंबर तीन की समस्या छोड़ दें, तो नंबर चार या उससे नीचे के प्लेयर्स ने लगभग हर बार ही जरूरत के वक्त अच्छा परफॉर्म किया है. फिर चाहे वो हार्दिक पंड्या हों, डेविड मिलर हों या फिर राहुल तेवतिया. इन प्लेयर्स ने जरूरत के वक्त हमेशा ही अच्छा परफॉर्म किया है. यहां तक कि राशिद खान भी इस सीजन कई बार बल्ले से कमाल कर चुके हैं.
और बोलिंग के मामले में तो ये टीम कमाल का प्रदर्शन कर ही रही है. मोहम्मद शमी, लॉकी फर्ग्युसन, राशिद खान के साथ मिलकर कभी प्रदीप सांगवान तो कभी यश दयाल टीम को विकेट्स दिला रहे हैं.
दूसरी ओर पंजाब की बात करें, तो उन्होंने ये सीजन RCB के खिलाफ़ 200 से ज्यादा रन की सफल चेज के साथ किया था. लेकिन अगले ही मैच में उन्हें कोलकाता से हार मिली. पंजाब ने अपने तीसरे मैच में चेन्नई को मात दी, जबकि चौथे मैच में उन्हें गुजरात से हार मिली. टीम ने पांचवें मैच में मुंबई इंडियंस को हराया. अगले दो मैच में उन्हें हैदराबाद और दिल्ली से मात मिली. जबकि इसके बाद उन्होंने फिर चेन्नई को मात दी और इसके बाद लखनऊ से हारे.
पंजाब की टीम ऑक्शन के बाद अच्छी बनी लग रही थी. लेकिन नए कप्तान के अंडर ये टीम लोगों की अपेक्षाओं पर खरी उतरती नहीं दिख रही. कप्तान मयंक अग्रवाल का बल्ला अभी तक नहीं चला है. इस टीम की बैटिंग अक्सर लियम लिविंग्सटन अकेले ही संभालते दिखते हैं. लिविंग्सटन के अलावा बस शिखर धवन के बल्ले से ही रन निकले हैं. यह दोनों सबसे ज्यादा रन बनाने वालों की लिस्ट में पहले और दूसरे नंबर पर हैं. भानुका राजपक्षा और जितेश शर्मा ने भी जरूरत के वक्त कुछ अच्छी पारियां खेली हैं.
टीम की बोलिंग भी बहुत अच्छा नहीं कर रही है. कगीसो रबाडा और राहुल चाहर के अलावा कोई भी बोलर विकेट्स नहीं निकाल पा रहा है. अर्शदीप सिंह बोलिंग बहुत अच्छी कर रहे हैं, लेकिन उन्हें विकेट्स नहीं मिल रहे.
# Superman Rahul Tewatia
अब बढ़ते हैं इस प्रीव्यू के उस सेक्शन की ओर जिसमें हम आपको सुनाते हैं इन टीम्स या प्लेयर्स से जुड़ा एक क़िस्सा. आज का हमारा क़िस्सा इसी सीजन से है. ब्रेबोर्न स्टेडियम में हार्दिक ने टॉस जीतकर पहले बोलिंग का फैसला किया. लिविंग्सटन की तूफानी पारी के दम पर पंजाब ने 20 ओवर्स में 189 रन बना डाले. जवाब में गुज़रात की शुरुआत अच्छी नहीं रही.
मैथ्यू वेड सिर्फ छह रन बनाकर आउट हो गए. तीसरे नंबर पर आए साई सुदर्शन ने 35 और हार्दिक पंड्या ने 27 रन बनाए. हालांकि इन सबके बीच शुभमन गिल एक छोर पकड़े रहे. तीसरे विकेट के रूप में आउट होने से पहले गिल ने सिर्फ 59 गेंदों पर 96 रन बनाए. गिल 19वें ओवर की पांचवीं गेंद पर आउट हुए. तब तक स्कोरबोर्ड पर 170 रन टंगे थे. यानी गुजरात को सात गेंदों पर 20 रन की जरूरत थी.
लेकिन ओडीन स्मिथ द्वारा फेंके जा रहे 20वें ओवर की पहली गेंद पर हार्दिक भी वापस लौट गए. अब डेविड मिलर का साथ देने आए राहुल तेवतिया. गुजरात को जीत के लिए पांच गेंदों में 18 रन बनाने थे. तेवतिया ने आते ही सिंगल लेकर स्ट्राइक डेविड मिलर को लौटाई. मिलर ने अगली गेंद पर चौका मारा. अब तीन गेंदों पर 13 रन चाहिए थे. और तभी ओडीन स्मिथ ने वो गलती कर दी, जिसने पंजाब को मैच हरा दिया.
दरअसल मिलर इस बैक ऑफ द लेंथ गेंद को वापस बोलर की तरफ ही खेल बैठे थे. और तेवतिया इस पर सिंगल लेना चाहते थे. इस सिंगल के चक्कर में वह काफी आगे भाग आए थे. और स्मिथ उन्हें रनआउट करने के चक्कर में अनावश्यक थ्रो कर बैठे. गेंद स्टंप से तो लगी नहीं, ओवरथ्रो का सिंगल जरूर खर्च हो गया. अब आखिरी दो गेंदों पर जीत के लिए 12 रन चाहिए थे.
ओवर की पांचवीं गेंद. तेवतिया ने डीप मिडविकेट की ओर उड़ा दी. हालांकि ये गेंद बहुत ऊंची नहीं गई. बाउंड्री पर खड़े प्लेयर ने लगभग इसे कैच ही कर लिया. हालांकि कैच करते ही वह गेंद लेकर बाउंड्री के बाहर निकल गए. और तेवतिया के खाते में छह रन और जुड़ गए. अब आखिरी गेंद पर गुजरात को जीत के लिए छह रन चाहिए थे.
अगली गेंद, तेवतिया चलते हुए ऑफ स्टंप के बाहर निकल गए और स्लॉग स्वीप के जरिए गेंद को लॉन्ग ऑन बाउंड्री के बाहर उछाल दिया. और गेंद के बाउंड्री पार करते ही ड्रेसिंग रूम की ओर देखते हुए सुपरमैन के अंदाज में खड़े हो गए. इस तरह तेवतिया ने असंभव को संभव करते हुए लगभग अकेले दम पर गुजरात को जीत दिला दी. अब पंजाब निश्चित तौर पर चाहेगी कि शुभमन और सुपरमैन तेवतिया दोबारा उनके पीछे ना पड़ें.
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