राजस्थान ने टॉस जीता और बेंगलोर को बैटिंग के लिए बुलाया. कप्तान कोहली और पार्थिव पटेल ने अच्छी शुरुआत दी. मैच का सातवां और अपना पहला ओवर करने आए श्रेयस. पहली गेंद पर पार्थिव ने सिंगल लिया और स्ट्राइक पर आए विराट. दूसरी गेंद पर श्रेयस ने एलबीडब्ल्यू की जोरदार अपील की. अंपायर ने अपील ठुकरा दी. श्रेयस ने कप्तान अजिंक्य रहाणे से बातचीत की और रिव्यू नहीं लेने का फैसला लिया. अगली गेंद पर श्रेयस ने विराट को बोल्ड कर दिया. गुगली पर विकेट लेने के बाद श्रेयस को खुद पर यकीन नहीं हो रहा था. श्रेयस अपने मुंह पर हाथ रख मैदान में दौड़ने लगे. वीडियो देखिए.
4 ओवर के बाद श्रेयस ने 12 रन दिए और 3 विकेट लिए. बेंगलोर की पारी में जब 4 विकेट गिरे उसमें श्रेयस के 3 थे. और तीनों शुरुआती विकेट थे. 15 अप्रैल 2018 को खेले गए आईपीएल मैच में भी श्रेयस गोपाल ने इन दोनों बैट्समैन को पवेलियन भेजा था. ऐसा दूसरी बार हुआ है.

जब आप एक ही मैच में विराट और एबीडी दोनों को आउट कर दें. (Twitter|rajasthanroyals)
मैच में बेंगलोर ने 158 रन बनाए जिसे राजस्थान ने एक गेंद रहते बना लिए और मैच जीत गई. शानदार बॉलिंग के श्रेयस को 'मैन ऑफ दी मैच' ख़िताब दिया गया. राजस्थान ने इस जीत के साथ अपना खाता खोला और बेंगलोर का खाता इस मैच के बाद भी नहीं खुल सका. दोनों टीम 4 मैच खेल चुकी है.
मैच के बाद श्रेयस ने कहा-
मैं इस वक्त थोड़ा भाग्यशाली महसूस कर रहा हूं. हर कोई जानता है कि कोहली और एबीडी वर्ल्ड-क्लास खिलाड़ी हैं. और मुझ जैसे युवा के लिए उन दोनों को आउट करना मेरी जर्नी के सबसे बड़े मोमेंट्स में से है.कौन हैं श्रेयस गोपाल?
श्रेयस को पहली बार मुंबई इंडियंस ने साल 2014 में हुए ऑक्शन में 10 लाख रुपए के बेस प्राइस पर खरीदा था. 2018 में राजस्थान ने श्रेयस को 20 लाख रुपए में खरीदा था और इस साल उन्हें अपनी टीम में बनाए रखा. इस आईपीएल में श्रेयस अब तक 6 विकेट लेकर संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं.
क्रिकेट के लिए क्लासेज बंक कर देते थे
4 सितंबर 1993 को बैंगलोर में पैदा हुए श्रेयस को स्पोर्ट्समैनशिप विरासत में मिली है. इनके पापा ने 20 साल तक क्लब क्रिकेट खेली है. मम्मी स्टेट लेवल वॉलीबॉल प्लेयर रह चुकी हैं. क्रिकेट के लिए इतने पैशनेट थे कि बचपन में क्रिकेट खेलने के चक्कर में स्कूल से क्लासेज बंक कर देते थे.
बैटिंग करने आए थे बॉलर बन गए
श्रेयस कर्नाटक की ओर से बतौर मिडिल आर्डर बैट्समैन आए थे जो लेग स्पिन बॉलिंग भी कर सकते थे. वक्त के साथ श्रेयस स्पिनर के रोल में ढलते चले गए और बाद में टीम के लीड स्पिनर बन गए. अपने पहले ही रणजी सीजन में उन्होंने 18.22 की औसत से 22 विकेट झटके थे. कुछ ही दिन बाद ईरानी ट्रॉफी में खेलने को मिला, तो वहां भी अपनी छाप छोड़ दी. रेस्ट ऑफ इंडिया के खिलाफ हैट-ट्रिक भी ले ली.

अक्टूबर 2015 में रणजी ट्रॉफी में बंगाल के खिलाफ श्रेयस ने 139 रन बनाए थे. (BCCI)
द्रविड़ से काफी कुछ सीखा है
राहुल द्रविड़ को अपना गुरू मानते हैं. कहते हैं, द्रविड़ का डिसिप्लिन और कमिटमेंट बहुत भाता है. द्रविड़ ने किसी लोकल टूर्नामेंट में श्रेयस को खेलते देखा था. एकदम इंप्रेस हो गए थे. इतने इंप्रेस कि 2011 में इंग्लैंड के खिलाफ खेले आखिरी मैच में जो किट इस्तेमाल की थी, वो श्रेयस को दे दी. इसमें कई बल्ले और पैड्स शामिल थे. श्रेयस ने अब तक इन बैट्स और पैड्स को संभाल कर रखा हुआ है.
एक इंटरव्यू में श्रेयस ने बताया था-
बतौर स्पिनर, अनिल कुंबले मेरे रोल मॉडल रहे हैं. बचपन में उनके एक्शन को कॉपी करने की कोशिश करता. लोग कहते हैं कि मैं अब भी उनकी तरह बॉलिंग करता हूं लेकिन मौजूदा वक्त में जैसे बॉलिंग करता हूं वह नेचुरल ज्यादा है और कॉपीड कम. मुंबई इंडियंस के कोच रहते हुए कुंबले से बहुत कुछ सीखा है जिसे लंबे वक्त तक संजो तक रखूंगा.
राजस्थान रॉयल्स के जनरल मैनेजर जेक लुश मैक्रम ने श्रेयस से मौज-मस्ती करते हुए बातचीत की है. इसे देखिए.
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