आईपीएल 2019. छठा मैच. किंग्स इलेवन पंजाब और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच. मैच था ईडेन गार्डेन्स में यानी केकेआर के घर में. चौथे मैच के दौरान खेल के नियमों और कायदे कानून की काफ़ी बात हुई थी. ये मैच था पंजाब और राजस्थान के बीच में. इस मैच में हुई एक हरकत ने दुनिया को भागों में बांट दिया था. वक वो जो आर अश्विन को सही मान रहे थे और दूसरे वो जो उन्हें ग़लत बता रहे थे. क्या क्रिकेट फैन्स और क्या करेंट और फॉर्मर क्रिकेटर्स. हर कोई अपनी एक ओपिनियन लेकर चल रहा था. इसी दौरान एक हल्की आवाज़ इस बारे में भी उठी थी कि आईपीएल में मैच ऑफिसियल्स का आखिर रोल है तो क्या? क्यूंकि आईपीएल के चेयरमैन ने ट्वीट कर के ये कह दिया था कि उन्होंने धोनी और कोहली की मौजूदगी में ये फ़ैसला लिया था कि टूर्नामेंट में कोई भी बॉलर किसी भी बैट्समैन को मांकड़ नहीं कर सकता है. यानी नॉन-स्ट्राइकिंग एंड से ज़रुरत से पहले ही निकल भागने पर उसे रन आउट नहीं कर सकता है. एक ऐसे टूर्नामेंट में जहां नियमों को भी बदला जाए और आउट करने के एक तरीके को, आपसी सहमति से सही, पूरी तरह से नेगलेक्ट कर दिया जाए तो फिर मैच के अधिकारियों और नियमों को लेकर एक क्वेश्चन मार्क ज़रूर ही उठेगा.
तो छठे मैच में किंग्स इलेवन पंजाब और कोलकाता नाइट राइडर्स आमने सामने थे और हम बात कर रहे हैं दूसरी इनिंग्स की जिसमें पंजाब की टीम बैटिंग कर रही थी. पहली इनिंग्स में कोलकाता ने 218 रन बोर्ड पर टांग दिए थे. बात है 16वें ओवर की. आख़िरी गेंद. गेंद थी पियूष चावला के हाथ में. सामने थे साउथ अफ़्रीका डेविड मिलर. डेविड लेफ़्ट हैंड से बैटिंग करते हैं और पियूष चावला ने उन्हें रॉन्ग वन फ़ेंकी. गेंद ऑफ स्टंप की लाइन में पड़ी और मिलर को छोड़ती हुई जा रही थी. मिलर ज़ोरदार शॉट मारना चाहते थे लेकिन बॉल कनेक्ट नहीं हुई. पीछे खड़े दिनेश कार्तिक ने अपील की और अम्पायर ने आउट दे दिया. मिलर ने तुरंत ही रिव्यू लिया. थर्ड अम्पायर ने बताया कि आउट नहीं था. फ़ैसला बदल दिया गया.

थर्ड अम्पायर ने फैसला बदल कर नॉट आउट दिया.
लेकिन असली समस्या यहीं आई. एक बार तस्वीर को फिर से देखिये. बॉल जब मिलर के पास से गुज़र रही है तो वो उनसे कितनी दूर है. साफ़ तौर पर मालूम चल रहा है कि ये एक वाइड बॉल है. और चूंकि टीवी रीप्ले में ये साफ़ मालूम चल चूका था कि मिलर के बल्ले से गेंद नहीं लगी है, ऐसे में इसे वाइड दिया जाना चाहिए. लेकिन अम्पायर विनीत कुलकर्णी ने इसे वाइड डिक्लेयर नहीं किया. ऐसा नहीं होना चाहिए था.

कायदे ये इस गेंद को वाइड दिया जाना चाहिए था, लेकिन अंपायर ने इस पर ध्यान नहीं दिया
ऐसा नहीं है कि ये वाइड बॉल अंत में जाकर मैच की हार या जीत की वजह बनी. लेकिन इतने बड़े लेवल पर ऐसी गलतियां थोड़ी अखरती हैं. और आईपीएल में ऐसा होता रहता है. इसी मैच में एक वाकया ऐसा भी हुआ था जिसमें पंजाब को थ्रो बाय के 4 रन एक्स्ट्रा मिल गए थे जबकि गेंद को नितीश राणा ने डेड हो जाने के बाद आंद्रे रसेल की तरफ़ उछाला था जिसे वो लाइट्स के चलते देख नहीं पाए और बॉल लुढ़कती हुई बाउंड्री के पार चली गई. उस वक़्त भी अम्पायर्स केकेआर के कप्तान कार्तिक और उथप्पा की बात सुनने को राज़ी ही नहीं थे.

केकेआर के कप्तान कार्तिक और उथप्पा अंपायर से बात करते हुए
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