आईपीएल 2019. 16वां मैच. डेल्ही कैपिटल्स और सनराइज़र्स हैदराबाद के बीच. खेला गया दिल्ली के फ़िरोज़शाह कोटला मैदान में. दोनों टीमें ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ों से भरी हुई. दोनों टीमें क्वालिटी बॉलर्स से भरी हुई. डेल्ही कैपिटल्स वही टीम है जिसने सुपर ओवर में 10 रन सेव कर लिए थे. सनराज़र्स हैदराबाद में भी बॉलर्स की कोई कमी नहीं थी. ऐसे में ये एक बैलेंस्ड मैच कहा जा सकता था. कम से कम दिखने में तो ऐसा ही था. लेकिन ऐसा हुआ नहीं. सनराइज़र्स हैदराबाद ने मैच बड़ी आसानी से जीत लिया. मैच में दिल्ली कभी भी दिखी ही नहीं. 5 विकेट से हैदराबाद की जीत और दिल्ली की हार से मिलने वाले कुछ मुख्य पॉइंट्स देखते हैं,
1. पार्टनरशिप की कमी

दिल्ली की टीम में कोई भी प्लानिंग नहीं दिखाई दे रही थी. ऐसा लग रहा था जैसे उनके सभी बल्लेबाज़ों की डिक्शनरी से पार्टनरशिप नाम का शब्द किसी ने काट दिया था. 14, 36, 52, 61, 75. ये स्कोर्स थे जब दिल्ली के विकेट्स गिरे. यहां कहीं भी कोई भी 30-40 रनों की बड़ी पार्टनरशिप नहीं दिखी. रेगुलर इंटरवल पर जब भी विकेट्स गिरते हैं, सामने वाली बैटिंग टीम कभी भी सेटल नहीं हो पाती है. और यही दिल्ली के साथ हुआ. श्रेयस अय्यर को छोड़ कर कोई भी बैट्समैन 25 के पार भी नहीं पहुंचा. अय्यर ने 43 रन बनाए. लेकिन उनकी इनिंग्स भी 41 गेंदों की थी. यानी एक स्लो इनिंग्स. पृथ्वी शॉ एक गैर ज़िम्मेदाराना शॉट खेल कर बोल्ड हुए और शिखर धवन पिछले मैचों की तरह इस बार नहीं चले.
2. अफग़ानी बॉलिंग

आईपीएल में या फिर कहीं और भी, जब-जब राशिद खान अच्छा परफॉर्म करते हैं, मुझे वो अमरीका के अहंकार भरे मुंह पर ज़ोरदार तमाचा मालूम देता है. लेकिन इस मैच में तो एक और अफ़ग़ान क्रिकेटर शामिल था जिसने बेहतरीन बॉलिंग की. मोहम्मद नबी. दोनों स्पिनर और दोनों 6 रन पर ओवर से कम के रेट पर बॉलिंग करने वाले बॉलर. नबी ने 4 ओवर में 21 रन दिए और 2 विकेट्स लिए. राशिद खान ने 4 ओवर में 18 रन दिए और उन्हें 1 विकेट मिला. इन दोनों ने दिल्ली की बैटिंग को बांधे रखा और हाथ खोलने का मौका ही नहीं दिया. दूसरे एंड से प्रेशर बढ़ता गया और यही वजह है कि दिल्ली के कई प्लेयर्स बड़े शॉट्स खेलने के चक्कर में आउट हुए.
3. हैदराबाद की ओपनिंग

सनराइज़र्स हैदराबाद एक परफेक्ट यूनिट दिखाई पड़ती है. पेस अटैक, स्पिन, बैटिंग, सभी फ़ील्ड्स में टीम के पास जवाब मौजूद है. डेविड वॉर्नर इस टूर्नामेंट के सबसे विस्फ़ोटक बैट्समैन दिखाई पड़ रहे हैं. हालांकि उन्होंने इस मैच में ज़्यादा रन नहीं बनाये लेकिन फिर भी वो 64 रनों की ओपनिंग पार्टनरशिप के हिस्सेदार रहे. यानी टार्गेट का लगभग 50% हिस्सा. इस दौरान बेयरस्टो का अटैक मोड ऑन था और वो 28 गेंदों में 48 रन बनाकर आउट हुए. उनका स्ट्राइक रेट था 171 का. अपनी इस इनिंग्स के दौरान बेयरस्टो ने 9 चौके और 1 छक्का मारा. इस पार्टनरशिप या फिर ये कहें कि बेयरस्टो की इस इनिंग्स का असर ये हुआ कि सनराइज़र्स की बैटिंग में आने वाले अगले 4 बल्लेबाज़ों ने 75 से 90 के बीच के स्ट्राइक रेट पर रन बनाए लेकिन हैदराबाद पर इसका कोई भी प्रेशर नहीं दिखाई दिया. पॉइंट्स टेबल में इस जीत के साथ सनराइज़र्स हैदराबाद टॉप पर पहुंच गए हैं. उनके 4 मैचों में 3 जीत के 6 पॉइंट्स हैं. डेल्ही कैपिटल्स पांचवे नंबर पर है. उसके 5 मैचों में 4 पॉइंट्स हैं. दूसरे नंबर पर किंग्स इलेवन पंजाब है और उसके बाद चेन्नई सुपर किंग्स है.