चेन्नई सुपर किंग्स वर्सेज़ डेल्ही कैपिटल्स. आईपीएल 2019 का पांचवां मैच. चेन्नई ने मैच जीत लिया. 2 गेंद बची थी. वैसे तो एक सिचुएशन में चेन्नई की टीम बड़े आराम से मैच जीतती दिख रही थी लेकिन फिर धोनी आये और मैच को रोमांचक स्थिति में पहुंचा दिए. बची-खुची कसरकेदार जाधव ने आख़िरी ओवर की पहली गेंद पर आउट होकर और फिर ब्रावो ने अगली दो गेंदें डॉट खेलकर पूरी कर दी. खैर, ब्रावो ने आख़िरी ओवर की चौथी गेंद पर चौका मारा और मैच जितवाया. चेन्नई की टीम पॉइंट्स टेबल में टॉप पर है. दिल्ली क्यूं हारी और चेन्नई क्यूं जीती?
1. दीपक चाहर

दीपक चाहर. राजस्थान का मीडियम पेसर जो कि चेन्नई के लिए खेलता है. ओपनिंग बॉलिंग इन्हीं के जिम्मे होती है. आज के मैच में लगातार गेंदें फ़ेंकी और 4 ओवर में मात्र 20 रन दिए. इसके साथ ही 1 विकेट जो कि था अच्छे शॉट्स लगा रहे पृथ्वी शॉ का. शॉ ने शारदुल ठाकुर को एक ओवर में लगातार 3 चौके मारे थे और अच्छी लय में दिख रहे थे. लेकिन चाहर ने उन्हें अपने तीसरे ओवर में निपटा दिया. चाहर ने कुल 12 डॉट बॉल्स फ़ेंकी और उन्हें सिर्फ़ 2 बाउंड्री पड़ीं.
2. न अय्यर चले न पंत

दिल्ली की टीम के दो अनमोल रतन हैं. श्रेयस अय्यर और ऋषभ पंत. पिछले आईपीएल को भी अगर देखें तो दिल्ली की टीम की बैटिंग इन्हीं दोनों के बल्लों पर टिकी हुई थी. आज के मैच में ये दोनों ही सस्ते में आउट हो गए. श्रेयस अय्यर जो कि तीसरे नंबर पर आये, 20 गेंदों में 18 रन बना कर आउट हो गए. ये बेहद दोयम बैटिंग है. इसके अलावा ऋषभ पंत अच्छा खासा फॉर्म में दिख रहे थे, गेंद मिडल कर रहे थे लेकिन बहुत देर तक नहीं टिके. हालांकि वो आज भी 192 से ऊपर की स्ट्राइक रेट से बैटिंग कर रहे थे लेकिन फिर भी वो सिर्फ़ 25 रन ही बना सके. इन दोनों के आउट होने से हुआ ये कि आख़िरी के पांच ओवर में दिल्ली की टीम मात्र 29 रन ही बना पाई. ये काफ़ी disappointing है. खासकर उस टीम के लिए जिसके पास अभी भी कोलिन इनग्राम बचा था और जिसकी बैटिंग विस्फ़ोट करने के लिए जानी जाती है. लेकिन दिल्ली की दुनाली (यानी पंत और अय्यर) पवेलियन में बैठी थी.
3. शेन वॉटसन

चेन्नई सुपर किंग्स के लिए ओपन करते हैं. ऑल राउंडर की हैसियत से टीम में हैं. पहले आरसीबी में दिखते थे. उससे पहले राजस्थान के साथ भी थे. खैर, आज ओपनिंग करने के लिए आये और भले ही उनका साथी यानी रायडू जल्दी आउट हो गया, वो टिके रहे और मात्र 26 गेंदों में 44 रन बनाए. उन्होंने कुछ ऐसे शॉट्स खेले जो कि किसी भी बॉलिंग अटैक का दिल बैठाने के लिए काफ़ी होते हैं. और ये तब जब दिल्ली की पिच स्लो थी यानी गेंद बल्ले पर उतने अच्छे से नहीं आ रही थी जितना उसे करारी बैटिंग के लिए आना चाहिए. रायडू के आउट होने के बाद सुरेश रैना आये और वॉटसन के साथ उनकी पार्टनरशिप ने ही दिल्ली से ये मैच छीना. दोनों ने मिलकर 52 रन बनाए. ये 52 रन मात्र 24 रन में बने.