भारतीय पेसर मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) को न्यूजीलैंड के खिलाफ ODI सीरीज में भी टीम में जगह नहीं मिली. टीम अनाउंसमेंट से पहले कई मीडिया रिपोर्ट्स में ये दावा किया गया था कि इस सीरीज के साथ शमी की इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी हो जाएगी. हालांकि, ऐसा नहीं हुआ. इसे लेकर जो रिपोर्ट सामने आ रही है वो शमी और उनके फैंस के लिए हार्टब्रेकिंग है. खबर है कि सेलेक्शन कमिटी की बैठक में शमी के नाम की भी चर्चा नहीं हुई. इसी के साथ शमी को लेकर सेलेक्टर्स का रुख भी अब साफ हो गया है.
शमी का करियर खत्म? टीम सेलेक्शन की इनसाइड स्टोरी सामने आई, उनके नाम की चर्चा तक नहीं हुई!
न्यूजीलैंड के खिलाफ ODI सीरीज के लिए 3 जनवरी को टीम इंडिया का एलान हो गया. इसमें एक बार फिर Md. Shami को शामिल नहीं किया गया. इससे पहले चर्चा थी कि उन्हें इस बार टीम में जगह मिल जाएगी.
.webp?width=360)

चीफ सेलेक्टर अजीत आगरकर साथी आरपी सिंह के साथ 3 जनवरी को जयपुर में थे. दोनों मुंबई और महाराष्ट्र के बीच विजय हजारे ट्रॉफी का मैच देखने पहुंचे थे. हालांकि, टीम सेलेक्शन की बैठक ऑनलाइन हुई. इसमें कप्तान शुभमन गिल भी जुड़े थे. इससे पहले, वह फूड पॉइज़निंग के कारण सिक्किम के खिलाफ पंजाब की विजय हजारे ट्रॉफी मैच में नहीं खेल पाए थे. खबर है कि इस मीटिंग में मोहम्मद शमी की वापसी का मामला एजेंडे में ही नहीं था. मतलब सीरीज में उनकी वापसी का तो सवाल ही नहीं उठता.
क्यों शमी की नहीं हो रही वापसी?इसके पीछे की वजह क्रिकेटिंग और व्यक्तिगत दोनों बताई जा रही हैं. सेलेक्टर्स और टीम मैनेजमेंट को यह भरोसा नहीं है कि 34 वर्षीय शमी हाई-इंटेंसिटी इंटरनेशनल क्रिकेट के लिए फिट हो चुके हैं. भले ही शमी लगातार घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. लेकिन, सेलेक्टर्स को लगता है कि उनका शरीर इंटरनेशनल क्रिकेट की इंटेंसिटी को झेलने में सक्षम नहीं है.
साथ ही शमी का आगरकर को लेकर दिया गया बयान भी उनके लिए मुश्किलें खड़ी कर रहा है. सीज़न की शुरुआत में जब आगरकर ने उनकी फिटनेस पर सवाल उठाया था, तब शमी ने कैमरे पर उनकी आलोचना कर दी थी. साथ ही सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से फिट घोषित होने के बावजूद टीम से बाहर रखने के लिए उनकी पारदर्शिता पर भी सवाल उठा दिए थे.
ये भी पढ़ें : शमी को नहीं मिली जगह, ODI सीरीज के लिए श्रेयस-सिराज की टीम में वापसी
अब वजह चाहे जो भी हो, शमी सेलेक्शन के लिए उपलब्ध प्लेयर्स के पूल में भी शामिल नहीं हैं. सेलेक्शन कमिटी टीम की बेंच स्ट्रेंथ से प्रभावित है. यही कारण है कि शमी को हर्षित राणा और प्रसिद्ध कृष्णा से बेहतर विकल्प नहीं माना जा रहा है. चाहें उनके घरेलू आंकड़े शानदार हों, पर अभी वो सेलेक्शन कमिटी की नज़रों में नहीं हैं.
अब इसे विंडबना कहें या कुछ और उन्हें ऐसे समय में नज़रअंदाज किया जा रहा है, जब वो लगातार घरेलू क्रिकेट में प्रभावित कर रहे हैं. विजय हजारे ट्रॉफी में उन्होंने अब तक बंगाल के लिए 5 मैचों में 11 विकेट चटकाए हैं. इससे पहले, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में 7 मैचों में उन्होंने 16 विकेट लिए थे. जबकि रणजी ट्राॅफी के शुरुआती 7 मुकाबलों में उनके नाम 20 विकेट हैं. कमाल की बात तो ये है कि शमी ने इस दौरान भारी घरेलू वर्कलोड भी झेला है. लेकिन, इसके बावजूद वो अब तक सेलेक्टर्स का ध्यान खींचने में नाकाम रहे हैं.
वीडियो: शमी को इंडिया टीम में भले ही जगह न मिल रही हो, लेकिन IPL की टीमों में उनके लिए होड़ लग रही













.webp)


.webp)


