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एडिलेड टेस्ट में काली पट्टी बांधकर क्यों उतरी ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट टीम?

एडिलेड का डे-नाइट टेस्ट. ऑस्ट्रेलियन प्लेयर्स इस मैच के पहले दिन बांह में काली पट्टी बांधकर उतरे. अगर आपको भी नहीं मालूम कि ऐसा क्यों था, तो चलिए बता देते हैं.

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एडिलेड में काली पट्टी बांधकर उतरे ऑस्ट्रेलियंस (AP)

एडिलेड टेस्ट. टॉस जीतकर भारत ने पहले बैटिंग चुनी. पारी की पहली की गेंद पर यशस्वी जायसवाल आउट हो गए. ऑस्ट्रेलियन टीम का सेलिब्रेशन देखने वालों ने इसी पल गौर किया होगा कि पूरी ऑस्ट्रेलियन टीम ने बांह पर काली पट्टी बांध रखी है. ऐसा देख मन में सबसे पहला सवाल यही आया होगा कि क्यों? तो चलिए इस सवाल का जवाब देते हैं.

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दरअसल ऑस्ट्रेलियन प्लेयर्स फिल ह्यू और इयन रेडपाथ के सम्मान में ये काली पट्टी बांधकर उतरे थे. साल 2014 के एक डोमेस्टिक फ़र्स्ट क्लास मैच में बाउंसर लगने से ह्यू की मृत्यु हो गई थी. एडिलेड टेस्ट की शुरुआत से पहले दोनों क्रिकेटर्स के सम्मान में एक मिनट का मौन भी रखा गया.

इस बारे में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के CEO निक हॉकली ने कहा था,

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'हम समझते हैं कि यह उन लोगों के लिए आत्मचिंतन का समय होगा जो फिलिप ह्यूज को जानते थे और उनका सम्मान करते हैं. हम यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि ह्यू परिवार, उनके बेटे को याद किए जाने वाले किसी भी समारोह से सहज हो. और हम फिलिप के जीवन और अविश्वसनीय उपलब्धियों का उचित ढंग से जश्न मनाएं.'

26 साल की उम्र में स्वर्गवासी हुए ह्यू ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 26 टेस्ट मैच खेले थे. अपनी मृत्यु के वक्त वह टीम के सबसे जरूरी सदस्यों में से एक थे. न्यू साउथ वेल्स के खिलाफ़ मैच में ह्यू साउथ ऑस्ट्रेलिया के लिए खेल रहे थे. तभी एक बाउंसर उनके गले पर लगी, दो दिन बाद अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई.

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ह्यू की मृत्यु ने पूरे क्रिकेट जगत को झकझोर दिया. सिर्फ़ 25 साल के ह्यू की मृत्यु ने ऑस्ट्रेलियन क्रिकेटर्स को बहुत प्रभावित किया. वह ऑस्ट्रेलियन स्क्वॉड को सबसे पॉपुलर और प्रॉमिसिंग प्लेयर्स में से एक थे. जबकि रेडपाथ ने 1964 से 1976 के बीच ऑस्ट्रेलिया के लिए 66 टेस्ट और पांच वनडे मैच खेले थे. उनका 83 साल की उम्र में बीमारी से निधन हुआ.

बात एडिलेड टेस्ट की करें तो भारत की पहली पारी 180 रन पर खत्म हुई. नितीश कुमार रेड्डी ने सबसे ज्यादा, 42 रन बनाए. केएल राहुल ने 37 और शुभमन गिल ने 31 रन जोड़े. जबकि रवि अश्विन और ऋषभ पंत ने 22, 21 रन का योगदान दिया. ऑस्ट्रेलिया के लिए स्टार्क सबसे सफल बोलर रहे. उन्होंने छह विकेट अपने नाम किए. जबकि पैट कमिंस और स्कॉट बोलैंड ने दो-दो विकेट निकाले.

भारतीय टीम पांच मैच की सीरीज़ में 1-0 से आगे है. इन्होंने पर्थ टेस्ट को 295 रन से अपने नाम किया था. उस जीत में यशस्वी जायसवाल और विराट कोहली ने शतक जड़े थे. जबकि केएल राहुल ने भी अच्छी बैटिंग की थी. दोनों पारियों में कमाल बोलिंग करने वाले जसप्रीत बुमराह को प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया था. बुमराह उस टेस्ट में भारत के कप्तान भी थे. पर्थ टेस्ट के बाद रोहित शर्मा वापस आ चुके हैं. अब वही टीम की कप्तानी संभाल रहे हैं.

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