भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने प्रो लीग के लंदन फेज में शानदार शुरुआत की है. पहले मुकाबले में उनका सामना पाकिस्तान से था. इस रोमांचक मैच में दोनों टीमों ने अपना जोर लगाया. आखिर में जीत टीम इंडिया के खाते में ही आई. उन्होंने 4-3 से यह मुकाबला अपने नाम किया. इस मैच पर ‘नो हैंड शेक’ पॉलिसी का असर नज़र नहीं आया. पहलगाम अटैक के बाद यह पहला मौका था, जब दोनों देशों की सीनियर टीमें आमने-सामने थीं. भारतीय हॉकी टीम ने यहां मैच शुरू होने से पहले पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाया.
पाकिस्तान को रोमांचक मुकाबले में भारत ने हराया, मैच से पहले हैंडशेक भी किया
भारत लगभग दो साल बाद पाकिस्तान का सामना कर रहा था. इससे पहले साल 2024 में चीन में दोनों टीमों का सामना हुआ. एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के उस मुकाबले में भारत ने 2-1 से मैच जीता था.


मैच की बात करें, तो पहला गोल पाकिस्तान ने किया. 8वें मिनट में नदीम अहमद ने पाकिस्तान को बढ़त दिलाई. लेकिन, यह लीड ज्यादा समय तक नहीं रही. 22वें मिनट में भारत की ओर से अभिषेक ने फील्ड गोल दाग दिया और स्कोर को 1-1 से बराबर कर दिया. पाकिस्तान इस गोल से संभलता उससे पहले ही 24वें मिनट में नीलाकांता शर्मा ने पेनल्टी कॉर्नर पर एक और गोल कर दिया. हाफटाइम तक भारत ने अपनी 2-1 की लीड बनाई रखी.
भारत ने बनाई बड़ी बढ़ततीसरे क्वार्टर में 10 मिनट का खेल शुरू हुआ ही था कि भारत ने एक और गोल कर दिया. इस बार सुखजीत सिंह ने यह कारनामा किया. मैच के 40वें मिनट में उन्होंने फील्ड गोल दागा. तीसरे क्वार्टर तक ऐसा लग रहा था कि भारत बेहद आसानी से यह मैच जीत जाएगा. लेकिन, आखिरी क्वार्टर में पाकिस्तान ने भारत को झटका दिया. चौथे क्वार्टर की शुरुआत में राजिंदर सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला और पाकिस्तान पर और ज्यादा दबाव बना दिया. लेकिन, फिर भारतीय डिफेंस थोड़ा रिलेक्स हो गया. आखिरी क्वार्टर में 53वें मिनट में महमूद अबू ने गोल किया. पाकिस्तान यहीं नहीं रुका. इसके बाद आखिरी मिनट में शकील मोईन ने पेनल्टी कॉर्नर पर तीसरा गोल कर दिया. लेकिन, तभी हूटर बज गया औऱ भारत 4-3 से ये रोमांचक मुकाबला जीत गया.
भारत लगभग दो साल बाद पाकिस्तान का सामना कर रहा था. इससे पहले, साल 2024 में चीन में दोनों टीमों का सामना हुआ. एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के उस मुकाबले में भारत ने 2-1 से मैच जीता था. आपको बता दें कि पाकिस्तान 10 साल पहले भारत से जीता था. साल 2016 में सैफ गेम्स में पाकिस्तान को यह जीत मिली थी. हालांकि, यह भारत ने अपने सीनियर टीम नहीं बल्कि बी टीम को भेजा था.
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भारत ने मैच तो जीत लिया लेकिन यह स्कोर लाइन टेंशन बढ़ाने वाली है. पॉइंट्स टेबल में आखिरी स्थान पर मौजूद टीम के खिलाफ अगर भारत का गोल अंतर महज एक गोल है तो आगे चीजें मुश्किल हो सकती हैं. कोच क्रेग फुल्टन इस पर काम करना चाहेंगे क्योंकि यह साल हॉकी के लिहाज से काफी अहम है. कॉमनवेल्थ गेम्स में हॉकी नहीं है. वहीं, एशियन गेम्स में टीम के पास गोल्ड मेडल जीतकर ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने का मौका होता है.
वहीं, इसी साल हॉकी वर्ल्ड कप का भी आयोजन होना है. इस टूर्नामेंट में भी भारत और पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में रखा गया है. भारत ने अब तक एक ही बार वर्ल्ड कप का खिताब जीता है. साल 1975 में टीम चैंपियन बनी थी.
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