रवि शास्त्री ने टीम इंडिया की जीत पर क्या कहा. फोटो: AP
भारतीय टीम ने लगातार दूसरी बार ऑस्ट्रेलिया में ऑस्ट्रेलिया को हराकर इतिहास रच दिया है. अजिंक्य रहाणे की कप्तानी वाली टीम ने 2020-21 सीरीज़ को 2-1 से जीतकर ऑस्ट्रेलिया में तिरंगा फहरा दिया है. ब्रिस्बेन में खेले गए सीरीज़ के आखिरी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने भारत के सामने 328 रनों का एक बड़ा लक्ष्य रखा था. आखिरी दिन भारत ने सबसे पहले शुभमन गिल के 91, फिर चेतेश्वर पुजारा की जुझारू 56 रनों की पारी और आखिर में ऋषभ पंत के नाबाद 89 रनों के साथ इस मैच और सीरीज़ को जीत लिया. टीम इंडिया की इस जीत के बाद टीम के कोच रवि सास्त्री का बयान भी आया है. रवि शास्त्री ने टीम के युवा खिलाड़ियों की तारीफ की. साथ ही विराट कोहली को भी इस जीत का श्रेय दिया.
आखिरी दिन के प्रेशर पर क्या बोले कोच शास्त्री:
रवि शास्त्री ने कहा,
''मैं इस तरह की परिस्थितियों से यूज़ टू हूं, ऐसी चीज़ें क्रिकेट में होती रहती हैं. जिस तरह का प्रदर्शन हुआ है, लड़कों ने मेरे बोलने के लिए कुछ छोड़ा ही नहीं है.''
रवि शास्त्री ने पहले मैच में टीम की हार का ज़िक्र करते हुए कहा,
''इस टीम का खुद में विश्वास बहुत मजबूत है, 36 रन पर आउट होने के बाद टीम ने ऐसी शानदार वापसी की है. जो कि एक मजबूत टीम ही कर सकती है.''
टीम के साथ थे विराट कोहली:
ऐसी मुश्किल स्थिति में भी टीम के लड़ने और जुझारूपन दिखाने के तरीके के लिए कोच शास्त्री ने विराट कोहली की तारीफ की. उन्होंने कहा,
''विराट हमारे साथ ऑस्ट्रेलिया में मौजूद नहीं था लेकिन वो हमारे साथ बना हुआ था. उनका लड़ने वाला ज़ज़्बा इस टीम ने भी दिखाया. वहीं रहाणे ऐसी परिस्थितियों को संभालने के लिए बहुत ही कूल कस्टमर हैं. लेकिन अंदर से वो भी असली फाइटर हैं. विराट के जाने के बाद जिस तरह से उन्होंने पूल को संभाला को वो बेहतरीन है.''
ऋषभ पंत पर क्या बोले कोच:
रवि शास्त्री ने कहा,
''ऋषभ पंत के बारे में मैं क्या ही बोलूं, हम उसे ओवरसीज़ में इसीलिए खिलाते हैं क्योंकि वो एक मैच विनर है. जब वो कीपिंग ठीक नहीं करता तो लोग उसके पीछे पड़ जाते हैं. लेकिन वो बेहतरीन खेल दिखाता है. शायद सिडनी में वो एक घंटा और रुकता तो हम वो मैच भी जीत जाते.''
युवाओं पर कोच की बात:
रवि शास्त्री ने युवा खिलाड़ियों पर कहा,
''वाशिंगटन सुंदर, मोहम्मद सिराज, टी नटराजन. इन तीनों ने दिखाया कि इनके पास कितना बढ़िया टेम्परामेंट है. नटराजन तो नेट बोलर थे, लेकिन जिस तरह से उन्होंने प्रदर्शन किया वो बेमिसाल है. वाशिंगटन जब खेल रहा था तो लग रहा था वो पहले ही 20 टेस्ट खेल चुका है. शार्दुल फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेला. उसे मौका मिला और उसने उसे दोनों हाथों से लपक लिया.''
आखिर में उन्होंने पूरी टीम की तारीफ की और कहा,
''ऑस्ट्रेलिया में लगभग जून के महीने में ही लॉकडाउन खुल गया था, उनके प्लेयर्स पार्क में घूम पा रहे थे. कुछ सीरीज़ भी खेल रहे थे. लेकिन हमारे कई ऐसे लड़के भी रहे हैं, जो उस वक्त अपने फ्लैट से बाहर भी नहीं निकले. सिर्फ IPL खेलने के बाद टीम का ये प्रदर्शन बेमिसाल है. हमारे मैदान पर उतरने वाले 11 के 11 खिलाड़ियों को पता है कि वो इंडिया के बैच के लिए खेल रहे हैं.''