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IND v AUS : मैदान में आते वक्त हूटिंग करने वालों को कोहली ने तगड़ा जवाब दिया

पहले दिन की वो 4 बातें भी जानें जो मैच जिताऊ साबित हो सकती हैं.

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पहले दिन के खेल के बाद भारत मजबूत स्थिति में है.
भारत वर्सेज ऑस्ट्रेलिया. तीसरा टेस्ट. मेलबर्न का मैदान. और इस मैच का पहला दिन रहा भारतीय टीम के नाम. हर पैमाने में. सबसे पहले भारतीय कप्तान विराट कोहली ने टॉस जीता. फिर ओपनर बदलने का फैसला भी चला. विराट कोहली और चेतेश्वर पुजारा तो है हीं राजा बाबू. और सबसे खास नजारा रहा मैच का पहला दिन खत्म होने पर दिखने वाला स्कोर बोर्ड. 215 रन पर सिर्फ 2 विकेट. आहाहाहा...वरना तो 90 ओवर तक बिना 7-8 विकेट खोए बिना टीम इंडिया का मन नहीं मानता था.
मैच की शुरू से बात करें तो जैसा कि हमने बताया. भारत ने टॉस जीता. फिर जाहिर सी बात है पहले बैटिंग का फैसला लिया. पर इस बार ओपनिंग जोड़ी बदली हुई थी. मुरली विजय और केएल राहुल की मुरली छीन ली गई थी. मैदान पर आया कर्नाटक का छोरा मयंक अग्रवाल. अपने ही कर्नाटक के दोस्त केएल राहुल की जगह खाकर. साथ देने आए हनुमा विहारी. दोनों के बीच भले 40 रनों की पार्टनरशिप हुई मगर पहला विकेट गिराने के लिए ऑस्ट्रेलिया को 19 ओवर इंतजार करना पड़ा. हनुमा विहारी तो एकदम राहुल द्रविड़ के चाचा बनके आए थे. भाई ने 66 बॉल पर 8 रन बनाए. हंफा दिया आस्ट्रेलियाई बॉलरों को.
मयंक अग्रवाल ने पहले ही मैच में मारा पचासा.
मयंक अग्रवाल ने पहले ही मैच में मारा पचासा.

दूसरी तरफ से मयंक अग्रवाल ने तगड़ा खेल दिखाया. अपने पहले ही मैच में पचासा जड़ दिया. और उनका भरपूर साथ दिया चेतेश्वर पुजारा ने. दूसरा विकेट गिराने में तो ऑस्ट्रेलिया को और लंबा इंतजार करना पड़ा. ये गिरा जाके 55वें ओवर में. 123 के स्कोर पर. मयंक शतक मारने से चूक गए. क्यूमिंस की बाउंस लेती बाहर जाती गेंद पर वो ग्लव्स छुआ बैठे. 76 रन बनाए. 161 बॉलों पर. 8 चौकों और 1 छक्के की मदद से. पर वो अपना काम काफी हद तक कर गए थे. पुजारा और अग्रवाल के बीच 83 रनों की पार्टनरशिप हुई.
अब मैदान पर थे टीम के दो सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज. विराट कोहली और चेतेश्वर पुजारा. कोहली तो जब मैदान में आ रहे थे तो ऑस्ट्रेलियन क्राउड ने हूटिंग भी की. पर इसका जवाब कोहली ने इस बार मुंह से या किसी से सीना लड़ाके नहीं दिया. बल्ले से दिया. आते ही उड़ाना शुरू कर दिया. शुरू में वो 100 के स्ट्राइक रेट से खेल रहे थे. 24 गेंदों में 24 रन थे. और दिन खत्म होने तक न कोहली आउट हुए और न पुजारा. कोहली 107 गेंद पर 47 रन बनाकर खेल रहे हैं. तो पुजारा 200 गेंदों पर 68 रन बनाकर खेल रहे हैं. दोनों के बीच 92 रन की पार्टनरशिप भी हो चुकी है. इंडिया की तरफ से सीरीज की सबसे बड़ी पार्टनरशिप. देखने वाला होगा कि ये और कितनी बड़ी हो पाती है.
विराट पुजारा के साथ टिके हुए हैं.
विराट पुजारा के साथ टिके हुए हैं.

कुल मिलाकर पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद टीम इंडिया एकदम जाबड़ पोजिशन में है. अगर पूछा जाए कि पहले दिन टीम इंडिया का हासिल क्या है. तो वो ये चीजे हैं -
1. दिन का सबसे बड़ा हासिल रहा एक मजबूत स्कोर. टीम इंडिया ने सिर्फ 2 विकेट खोए हैं. और थोड़ा धीमे ही सही 215 रन बन चुके हैं.
2. दूसरा हासिल रहा भविष्य. ओपनिंग का भविष्य. यानि मयंक अग्रवाल. मयंक ने 2017-18 के सीजन में जो 1100 से ज्यादा रन ठोंके थे और सेलेक्टरों का भरोसा जगाया था. उस पर वो खरे उतरे. पर एक इनिंग से कुछ नहीं होता. मयंक को अभी और बहुत कुछ साबित करना है. 
नाथन लायन कुछ खास नहीं कर सके.
नाथन लायन कुछ खास नहीं कर सके.

3. एक और हासिल है भारतीय बल्लेबाजों का ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों पर काबू पाना. नियंत्रण नहीं खोना. सबसे बड़ा पॉइंट तो था ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर नाथन लायन का न चलना. ये इस सीरीज में शायद पहली बार था जब लायन की क्लास लगी हो. उनका सबसे तगड़ा इम्तेहान लिया मयंक ने. जब-जब लायन आए तब मयंक ने आगे बढ़-बढ़के चौके मारे. फिर कोहली और लायन की रंजिश तो चल रही है. तो पहले दिन कोहली ही हावी दिखे.
4. कोहली और पुजारा डटे हुए हैं. 92 रन की पार्टनरशिप हो ही चुकी है. ये दोनों ही मैच का रुख तय कर सकते हैं.
तो देखने वाला होगा अब मैच का दूसरा दिन. क्या टीम इंडिया एक बड़े स्कोर तक पहुंच पाती है. क्या ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज वापसी कर पाते हैं. क्योंकि इसी से तय होगा मैच का भविष्य. सीरीज का भविष्य.


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