दिल्ली का अरुण जेटली स्टेडियम. बाउंड्री छोटी और सामने थे नामीबिया के बॉलर. टीम इंडिया ने शुरू के 6 ओवर में ऐसी कुटाई कि लगा स्कोर 250 पार जाएगा. पावरप्ले में ही 86 रन बन गए. ईशान किशन अलग मूड में नज़र आ रहे थे. 20 रन पूरा होते हर गेंद को स्टैंड्स में पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे. लेकिन, फिर आया स्पिन का वो स्पैल, जिसने टीम इंडिया की सुपरफास्ट गाड़ी में ब्रेक लगा दी.
इरास्मस के सामने संघर्ष करते दिखे भारतीय बैटर्स कैसे करेंगे उस्मान तारीक का सामना?
नामीबिया के कप्तान Gerhard Erasmus ने भारत के खिलाफ शानदार बॉलिंग की. उन्होंने अपने 4 ओवर के स्पैल में महज 20 रन देकर 4 विकेट चटकाए. उन्होंने जिस अंदाज में बॉलिंग की, उसने ये चिंता बढ़ा दी है कि भारतीय बैटर्स पाकिस्तानी मिस्ट्री स्पिनर Usman Tariq का सामना कैसे करेंगे?


8वें से 12वें ओवर के बीच. 30 गेंदों में टीम इंडिया महज 20 रन बना सकी. इस दौरान जिस एक बॉलर ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया, वो थे नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरास्मस. उन्होंने तो केदार जाधव की याद दिला दी. केदार की तरह ही बीच-बीच में वो राउंड आर्म बॉलिंग कर लेते.
वैसे तो उनका स्टॉक बॉल नॉर्मल एक्शन वाला ही था. लेकिन, राउंड आर्म एक्शन के दौरान उन्हें खेलने में भारतीय बैटर्स के पसीने छूट रहे थे. हाथ को वो साइड से लाते और इतनी कम हाइट से रिलीज करते कि बैटर्स के लिए उसके नीचे आना मुश्किल हो जाता. ईशान, तिलक, हार्दिक और अक्षर सब इसी में गच्चा खा गए. इरास्मस ने अपने 4 ओवर के स्पैल में महज 20 रन देकर 4 विकेट चटकाए.
लेकिन, ये बॉलर तो सिर्फ ट्रेलर था. असली पिक्चर तो भारतीय बैटर्स को कोलंबो में दिखेगी. 15 फरवरी को टीम इंडिया का सामना पाकिस्तान से होना है. इस बार पाकिस्तानी टीम के पास एक ऐसा ही बॉलर है, जो इरास्मस के कारनामे को दोहराने की क्षमता रखता है. नाम है उस्मान तारिक.
आप सोचेंगे कि हम ऐसा क्यों कह रहे कि वो भारतीय बैटर्स को तंग कर लेंगे. आइए इसे समझते हैं. दरअसल, उस्मान की कोहनी हाइपरमोबाइल है. यानी डबल जॉइंटेड है. जैसे मुथैया मुरलीधरन का हाथ मुड़ा हुआ लगता था. वैसा ही कुछ हाल इनका भी है. देखने वाले को भ्रम होता है कि वो चकिंग कर रहे हैं.
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तारिक जब बॉलिंग करते हैं, तो गेंद फेंकने से ठीक पहले क्रीज पर 2-3 सेकेंड का पॉज लेते हैं. बैटर बैट उठाए खड़ा रह जाता है और उसकी रिदम और टाइमिंग गड़बड़ा जाती है. साथ ही तारिक के तरकश में कई तीर भी हैं.
उस्मान कैरम बॉल और स्किडी आर्म बॉल दोनों करा सकते हैं. इस दौरान उनकी स्पीड रहती है 80-85 किलोमीटर प्रति घंटा. यानी न बहुत तेज, न बहुत धीरे.
कोलंबो में नहीं चलेगा ये कामअब आते हैं दिल्ली वाले मैच पर. टीम इंडिया ने दिल्ली में 209 रन जरूर बनाए, लेकिन अंत के 4 ओवरों में सिर्फ 25 रन जोड़कर 5 विकेट गंवा दिए. ये दिखाता है कि अगर स्पिनर 'अनऑर्थोडॉक्स' हो, तो हमारे बड़े-बड़े सूरमा भी फंस जाते हैं. भारत ये मुकाबला भी 93 रनों से जीत गया हो. लेकिन, इससे कोच की टेंशन कम नहीं हुई होगी.
भारत को अगला मुकाबला अब कोलंबो में खेलना है. वहां की पिच दिल्ली जैसी 'पाटा' नहीं होगी. वहां गेंद टर्न भी होगी. साथ ही पाकिस्तान वहां पहले से जमा हुआ है. ऐसे में उस्मान, अबरार और शादाब की तिकड़ी भारतीय बैटर्स को उलझा सकती है. उनके पास सैम अयूब के रूप में भी एक विकल्प मौजूद है.
दिल्ली की छोटी बाउंड्री से काम चल गया. लेकिन, कोलंबो के बड़े मैदान और पाकिस्तान के मिस्ट्री स्पिनर्स के सामने टीम इंडिया ने इसे नहीं सुधारा, तो 15 फरवरी भारी पड़ सकती है.
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