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डेढ़ साल से टीम से बाहर ईशान किशन को कैसे मिला सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट? BCCI का जवाब दिलचस्प है

बीसीसीआई ने जिस ताजा सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का ऐलान किया है, उसकी अवधि एक अक्टूबर 2024 से 30 सितंबर 2025 तक के लिए बताई गई है. ईशान किशन ने इस अवधि में एक भी मैच नहीं खेला है.

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इशान किशन ने भारत के लिए पिछला मैच नवंबर 2023 में खेला था.

BCCI ने सोमवार, 21 अप्रैल को नए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का ऐलान किया. नए कॉन्ट्रैक्ट में कई बदलाव हुए हैं जिसमें सबसे अहम थी विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन (Ishan Kishan) और बल्लेबाज श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) की एंट्री. दोनों खिलाड़ियों को पिछले साल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर किया गया था.  श्रेयस अय्यर ने बीते साल टीम इंडिया के लिए शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन ईशान किशन की वापसी को लेकर काफी सवाल उठ रहे हैं.

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बीसीसीआई ने जिस ताजा सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का ऐलान किया है, उसकी अवधि एक अक्टूबर 2024 से 30 सितंबर 2025 तक के लिए बताई गई है. ईशान किशन ने इस अवधि में एक भी मैच नहीं खेला है. उन्होंने टीम इंडिया के लिए पिछला मैच 28 नवंबर 2023 को खेला था. ऐसे में लोग सवाल कर रहे हैं कि जो खिलाड़ी डेढ़ साल से टीम इंडिया से बाहर है उसे अब यह करार कैसे मिला. बीसीसीआई के एक अधिकारी ने इसकी वजह बताई है.

पीटीआई के मुताबिक अधिकारी ने कहा,

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नए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की अवधि एक अक्टूबर 2024 से 30 सितंबर 2025 तक है. लेकिन इसके लिए एक अक्टूबर 2023 से 30 सितंबर 2024 तक के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया है. ईशान (2 विश्व कप मैच) और श्रेयस ने 2023-24 सीजन में 15 वनडे और कुछ टेस्ट मैच खेले और इसलिए उन्हें अपनी-अपनी कैटेगरी में जगह मिली.

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रोहित-कोहली अब भी A+ ग्रेड में शामिल

सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में टी20 फॉर्मेट को अलविदा कह चुके विराट कोहली, रोहित शर्मा और रविंद्र जडेजा को A+ ग्रेड में बनाए रखा है, जबकि नियम यह कहता है कि A+ ग्रेड में उन्हीं खिलाड़ियों को शामिल किया जाता है जो कि तीनों फॉर्मेट में टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व करते हैं. इसका  कारण भी यही बताया गया है. अधिकारी ने कहा कि कोहली, रोहित और जडेजा ने जून 2024 में टी20 विश्व कप फाइनल खेला था और इसलिए उस समय वे सभी फॉर्मेट में एक्टिव थे. इस तकनीकी आधार पर उन्हें ए+ श्रेणी में रखा जाना चाहिए.

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