पावरप्ले में ही हिमाचल ने ऐसी शुरुआत की कि तमिल नाडु का स्कोर चार विकेट खोकर 28 रन हो गया. लेकिन इसके बाद टीम के सीनियर बल्लेबाज़ दिनेश कार्तिक ने बाबा इंद्रजीत के साथ मिलकर टीम को मुश्किल से निकाल लिया. कार्तिक ने 103 गेंद पर 116 रन की लाजवाब पारी खेली. वहीं इंद्रजीत ने 80 रन बनाए. दोनों बल्लेबाज़ों ने 40 रन पर चार विकेट से टीम के स्कोर को 242 रन तक पहुंचाया. यानि दोनों ने कुल 202 रनों की पार्टनरशिप की. इस बेहतरीन पार्टनरशिप के बाद दिग्विजय रांगी ने इंद्रजीत को चलता कर दिया. जबकि सिद्धार्थ शर्मा ने दिनेश कार्तिक को भी वापसी का रास्ता दिखाया. टीम का स्कोर 247 रन पर छह विकेट हो गया. हालांकि अब भी टीम के सबसे बड़े स्टार शाहरुख का आना बाकी था. वो मैदान पर उतरे और टीम को 300 रन के पार ले गए. शाहरुख ने आखिरी पलों में 21 गेंदों में 42 रन की पारी खेली. पूरी टीम 49.4 ओवर में 314 रन बनाकर ऑल-आउट हो गई. पंकज जसवाल ने चार, कप्तान धवन ने तीन विकेट अपने नाम किए. अब हिमाचल के सामने 315 रन का बड़ा स्कोर था. हिमाचल के ओपनर प्रशांत चोपड़ा और शुभम अरोड़ा ने टीम को एक बढ़िया शुरुआत दिला दी. दोनों ने आउट होने से पहले 60 रन जोड़े. इसके बाद प्रशांत चोपड़ा 21 रन बनाकर साईं किशोर का शिकार बन गए. वहीं दिग्विजय रांगी शून्य पर वाशिंगटन को विकेट दे बैठे. 16वां ओवर आते-आते निखिल गंग्टा भी मुरुगन अश्विन की गेंद पर वापस चले गए. अच्छी शुरुआत के बावजूद 100 से पहले टीम के तीन विकेट गिर गए. अब क्रीज़ पर ओपनर शुभम अरोड़ा के साथ अमित कुमार मौजूद थे. दोनों ने यहां से वो ही काम किया जो दिनेश कार्तिक और इंद्रजीत ने तमिल नाडु के लिए किया था. दोनों ने चौथे विकेट के लिए 148 रन की पार्टनरशिप कर दी. इस दौरान शुभम ने बेहतरीन शतक पूरा किया और 136 रन बनाए. वहीं अमित ने 74 रनों की पारी खेली. 42वें ओवर में अमित कुमार अपराजित की गेंद पर LBW हुए. लेकिन यहां से कप्तान ऋषि धवन ने मोर्चा संभाल लिया. उन्होंने ताबड़तोड़ बैटिंग की और 23 गेंदों में 42 रन ठोक अपनी टीम का काम पूरा कर दिया. खराब रौशनी की वजह से अंपायर्स ने हिमाचल के 299 के स्कोर पर मैच को रोक दिया. इसके बाद VJD मैथड के जरिए हिमाचल को चैम्पियन घोषित कर दिया गया. ये जीत ऐतिहासिक है क्योंकि भारतीय डॉमेस्टिक क्रिकेट के इतिहास में पहली बार हिमाचल प्रदेश के खाते में कोई ट्रॉफी गई है.
हिमाचल प्रदेश टीम ने वो कमाल कर दिया जो पहले कभी नहीं हुआ!
भारतीय डॉमेस्टिक क्रिकेट का ऐतिहासिक दिन
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हिमाचल प्रदेश टीम. फोटो: BCCI Twitter
हिमाचल प्रदेश क्रिकेट फैंस के लिए आज बड़ा खुशी का दिन है. हिमाचल प्रदेश की टीम ने विजय हज़ारे ट्रॉफी में कमाल कर दिया है. हिमाचल की टीम ने तमिल नाडु को विजय हज़ारे ट्रॉफी के फाइनल में 11 रन से हराकर अपनी मेडन ट्रॉफी को जीत लिया है. इस मैच का नतीजा VJD मेथड के जरिये निकाला गया. मैच में एक वक्त पर खराब रौशनी के चलते मैच रोक दिया गया. उस वक्त 314 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही हिमाचल का स्कोर 299 रन था. लेकिन VJD मेथड के जरिये वो विनिंग स्कोर से आगे थी. जिसकी बदौलत इस टीम ने इतिहास रच दिया.
इस ऐतिहासिक मुकाबले में ऋषि धवन की कप्तानी वाली हिमाचल की टीम ने टॉस जीता और पहले बोलिंग चुनी. मैच की शुरुआत में ही पांचवी गेंद पर विनय गलटिया ने बाबा अपराजित को आउट कर हिमाचल को अच्छी शुरुआत दिला दी. इसके बाद कप्तान धवन ने भी पहली ही गेंद पर जगदीशन का विकेट लेकर मैच में टीम के शानदार खेल को जारी रखा.
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पावरप्ले में ही हिमाचल ने ऐसी शुरुआत की कि तमिल नाडु का स्कोर चार विकेट खोकर 28 रन हो गया. लेकिन इसके बाद टीम के सीनियर बल्लेबाज़ दिनेश कार्तिक ने बाबा इंद्रजीत के साथ मिलकर टीम को मुश्किल से निकाल लिया. कार्तिक ने 103 गेंद पर 116 रन की लाजवाब पारी खेली. वहीं इंद्रजीत ने 80 रन बनाए. दोनों बल्लेबाज़ों ने 40 रन पर चार विकेट से टीम के स्कोर को 242 रन तक पहुंचाया. यानि दोनों ने कुल 202 रनों की पार्टनरशिप की. इस बेहतरीन पार्टनरशिप के बाद दिग्विजय रांगी ने इंद्रजीत को चलता कर दिया. जबकि सिद्धार्थ शर्मा ने दिनेश कार्तिक को भी वापसी का रास्ता दिखाया. टीम का स्कोर 247 रन पर छह विकेट हो गया. हालांकि अब भी टीम के सबसे बड़े स्टार शाहरुख का आना बाकी था. वो मैदान पर उतरे और टीम को 300 रन के पार ले गए. शाहरुख ने आखिरी पलों में 21 गेंदों में 42 रन की पारी खेली. पूरी टीम 49.4 ओवर में 314 रन बनाकर ऑल-आउट हो गई. पंकज जसवाल ने चार, कप्तान धवन ने तीन विकेट अपने नाम किए. अब हिमाचल के सामने 315 रन का बड़ा स्कोर था. हिमाचल के ओपनर प्रशांत चोपड़ा और शुभम अरोड़ा ने टीम को एक बढ़िया शुरुआत दिला दी. दोनों ने आउट होने से पहले 60 रन जोड़े. इसके बाद प्रशांत चोपड़ा 21 रन बनाकर साईं किशोर का शिकार बन गए. वहीं दिग्विजय रांगी शून्य पर वाशिंगटन को विकेट दे बैठे. 16वां ओवर आते-आते निखिल गंग्टा भी मुरुगन अश्विन की गेंद पर वापस चले गए. अच्छी शुरुआत के बावजूद 100 से पहले टीम के तीन विकेट गिर गए. अब क्रीज़ पर ओपनर शुभम अरोड़ा के साथ अमित कुमार मौजूद थे. दोनों ने यहां से वो ही काम किया जो दिनेश कार्तिक और इंद्रजीत ने तमिल नाडु के लिए किया था. दोनों ने चौथे विकेट के लिए 148 रन की पार्टनरशिप कर दी. इस दौरान शुभम ने बेहतरीन शतक पूरा किया और 136 रन बनाए. वहीं अमित ने 74 रनों की पारी खेली. 42वें ओवर में अमित कुमार अपराजित की गेंद पर LBW हुए. लेकिन यहां से कप्तान ऋषि धवन ने मोर्चा संभाल लिया. उन्होंने ताबड़तोड़ बैटिंग की और 23 गेंदों में 42 रन ठोक अपनी टीम का काम पूरा कर दिया. खराब रौशनी की वजह से अंपायर्स ने हिमाचल के 299 के स्कोर पर मैच को रोक दिया. इसके बाद VJD मैथड के जरिए हिमाचल को चैम्पियन घोषित कर दिया गया. ये जीत ऐतिहासिक है क्योंकि भारतीय डॉमेस्टिक क्रिकेट के इतिहास में पहली बार हिमाचल प्रदेश के खाते में कोई ट्रॉफी गई है. 







