इंजमाम-उल-हक (Inzamam Ul haq). पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान. आए दिन इंजमाम किसी ना किसी बात को लेकर विवादों में रहते हैं. अब उनका एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जिसमें वो पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) और वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान ब्रायन लारा (Brian Lara) को लेकर कुछ बातें करते हुए दिख रहे हैं. वीडियो के वायरल होने के बाद हरभजन सिंह ने उनकी क्लास लगाई है.
इस वीडियो में इंजमाम कहते हैं,
इंजमाम ने मौलाना वाली बात कही थी, भज्जी ने तगड़ा सुना दिया!
Inzamam Ul haq ने हरभजन सिंह और ब्रायन लारा को लेकर बयान दिया था. जिसके बाद पूर्व इंडियन स्पिनर ने उनकी क्लास लगा दी.


"हमारे पास एक कमरा था जहां प्रार्थना की जाती थी. मौलाना तारिक जमील हर दिन के समय हमसे मिलने आते थे और हमें नमाज पढ़ाते थे. और थोड़ी देर हमसे बात करते थे. कुछ समय बाद वहां इरफान पठान, मोहम्मद कैफ और जहीर खान भी आने लगे थे. जबकि चार और भारतीय क्रिकेटर बैठकर हमें देखते रहते थे. ऐसे में वहां मौजूद हरभजन सिंह तारिक जमील की बात से काफी प्रभावित हुए. उन्हें ये नहीं पता था कि ये आदमी मौलाना है. एक दिन हरभजन ने हमसे कहा कि दिल करता है कि मैं इस आदमी की बात मान लूं.''
ये भी पढ़ें: इंजमाम उल हक को इस्तीफा देने से ज्यादा दुख तो इस ट्वीट को देखकर होगा!
इंजमाम का ये वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हुआ. जिसके बाद इसको लेकर इंडियन ऑफ स्पिनर का तीखा रिएक्शन सामने आया. हरभजन ने वायरल वीडियो पर कमेंट करते हुए लिखा,
लारा को लेकर भी दिया विवादित बयान‘’ये आदमी कौन सा नशा पीकर बात कर रहा है? मैं एक एक प्राउड भारतीय और प्राउड सिख हूं..ये बकवास लोग कुछ भी बोलते हैं.''
इंजमाम ने इसके साथ-साथ वेस्टइंडीज के दिग्गज क्रिकेटर ब्रायन लारा को लेकर भी अजीबो-गरीब बात की. इंजमाम ने कहा,
‘कराची में टेस्ट मैच हो रहा था तो मोहम्मद यूसुफ ने ब्रायन लारा को खाने पर दावत दी. उनको दीन की दावत दी. उनको अपने अल्लाह की बातें बताईं और इस्लाम के बारे में बताया. ब्रायन लारा ये सब सुनकर खामोश हो गए और कहा कि जिंदगी ऐसे ही गुजारनी चाहिए जैसे मुसलमान जीते हैं.’
बताते चलें कि इंजमाम ने 30 अक्टूबर को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चीफ सेलेक्टर पद से अपना इस्तीफा दे दिया. इंजमाम-उल-हक पर अपने भतीजे इमाम-उल-हक को फेवर करने का आरोप लग रहा था. साथ ही उन पर निजी हित के लिए फैसले लेने का आरोप लगा था.
वीडियो: रचिन रविंद्र का नाम राहुल-सचिन के नाम पर नहीं रखा गया?






















