'हम दोनों को जान से मारने की धमकियां मिलीं, मुझे और अंपायर को. हम दोनों को लंबे वक्त तक जान से मारने की धमकियां मिलती रहीं. मुझे ट्विटर पर धमकियां मिली और टकर को तो लोगों ने घर पर चिट्ठियां लिखकर धमकी दी. लोग लिखते थे- तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई सचिन को आउट देने की? बॉल लेग स्टंप के बाहर जा रही थी. मैं कुछ महीनों बाद टकर से मिला और उन्होंने कहा- यार, मुझे अपनी सुरक्षा के लिए गार्ड तैनात करने पड़े थे. ऑस्ट्रेलिया में उन्हें पुलिस प्रोटेक्शन मिली थी.'
'वह 99 इंटरनेशनल सेंचुरी मार चुके थे और इस सीरीज में DRS भी नहीं था क्योंकि BCCI को यह पसंद नहीं था. यह सीरीज का आखिरी टेस्ट था जो कि ओवल में खेला जा रहा था. यह बॉल शायद लेग स्टंप के बाहर जा रही थी और ऑस्ट्रेलिया के अंपायर हिल टकर ने उन्हें आउट दे दिया. वह 80 से ऊपर (91 रन) खेल रहे थे और निश्चित तौर पर अपना सौवां शतक मार देते. लेकिन वह आउट हो गए और सीरीज जीतकर हम वर्ल्ड नंबर वन बन गए.'आखिरकार सचिन ने साल 2012 में अपना सौवां शतक मार ही दिया. उन्होंने 16 मार्च, 2012 को एशिया कप के मैच में बांग्लादेश के खिलाफ 114 रन की पारी खेली. हालांकि, इस मैच में भारत पांच विकेट से हार गया था.
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