ईरान के लिए फीफा वर्ल्ड कप 2026 एक बुरे सपने की तरह रहा है. ग्रुप जी के अंतिम मुकाबले में भी ईरान की टीम जीत दर्ज नहीं कर सकी. 27 जून की सुबह खेले गए मुकाबले में मिस्र के साथ उन्होंने 1-1 से ड्रॉ खेला. कप्तान मेहदी तरेमी की अगुवाई वाली टीम इसी के साथ 3 ड्रॉ खेलकर नंबर 3 पर रही. गोल डिफरेंस के हिसाब से टीम मौजूदा रैंकिंग में टॉप फिनिश करने वाली नंबर 3 टीमों की रेस में 5वें नंबर पर है. टीम नॉकआउट स्टेज में पहुंचने के लिए अगर-मगर की गणित में फंस गई है.
'ये वर्ल्ड कप बेकार है!', ईरान के कप्तान का FIFA पर फूटा गुस्सा
FIFA World Cup 2026 : ईरान के कप्तान Mehdy Taremi ने FIFA पर अपना गुस्सा निकाला. उन्होंने इसके साथ ही अमेरिकी सरकार को भी निशाने पर लिया है. उनके मुताबिक, ये वर्ल्ड कप बेकार है.


लगातार ट्रैवल और निराशाजनक प्रदर्शन से फ्रस्ट्रेट हो चुके ईरान के कप्तान तरेमी ने फीफा के रवैये पर सवाल उठा दिया है. इस वर्ल्ड कप को उन्होंने बेकार तक बता दिया. ईरान की टीम ने अपने ग्रुप में नंबर 3 पर फिनिश किया. वो नॉकआउट में पहुंचेंगे या नहीं ये 28 जून को सारे ग्रुप स्टेज मुकाबलों के बाद ही पता लग पाएगा. इसी बीच, टीम के कप्तान ने फीफा के रवैये पर बेहद नाराजगी जाहिर की है.
मैच के बाद तिजुआना करना पड़ता है ट्रैवलदरसअल, ईरान की टीम को वर्ल्ड कप के लिए एरिजोना के टक्सन में कैंप करना था. लेकिन, अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग के कारण अमेरिकी सरकार ने उन्हें यूएस में अपना बेस बनाने से इन्कार कर दिया. नतीजतन, उन्हें मेक्सिको के तिजुआना में कैंप लगाना पड़ा.
टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती ट्रैवलिंग है. इस बार तीन देश मिलकर वर्ल्ड कप होस्ट कर रहे हैं. अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा. ईरान को अपने सारे ग्रुप स्टेज मैच अमेरिका में खेलने थे. लेकिन, मैच के तुरंत बाद अमेरिकी सरकार के आदेश के कारण उन्हें शहर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ रहा था.
ईरान के कप्तान मेहदी तरेमी इसके कारण हो रही लॉजिस्टिक समस्याओं से तंग आ गए हैं. उन्होंने इसके लिए अमेरिकी सरकार और फीफा दोनों पर गुस्सा निकाला है. गुस्से में उन्होंने वर्ल्ड कप को डिजास्टर तक बता दिया.
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मिस्र के खिलाफ मुकाबले के बाद तरेमी ने कहा,
ये वर्ल्ड कप बिल्कुल बेकार है. फीफा को मुश्किलें हल करनी थीं. लेकिन, दुर्भाग्यवश वो शुरू से ही कुछ नहीं कर पा रहे हैं. फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फैंटिनो न्यूज़ीलैंड के खिलाफ पहले मैच के बाद हमारे चेंजिंग रूम में आए थे. उन्होंने कहा था कि शुरू में थोड़ी सी समस्या है. कल ग्रुप स्टेज खत्म हो जाएगा. लेकिन, कुछ नहीं बदला.
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग के कारण वर्ल्ड कप से पहले ये तय नहीं था कि ईरान इसमें हिस्सा लेगा या नहीं. ईरानी टीम को वीजा भी वर्ल्ड कप शुरू होने के 10 दिन पहले ही दिया गया. अमेरिकी सरकार और फीफा के साथ बातचीत के बाद कोच आमिर घलेनोई की अगुवाई वाली टीम मेक्सिको के तिजुआना में पहुंची थी.
लेकिन, न्यूजीलैंड के खिलाफ लॉस एंजिलिस में मैच के ठीक बाद ईरानी टीम को कहा गया कि वो उसी रात अमेरिका से निकल जाएं. यही हाल बेल्जियम के खिलाफ लॉस एंजिलिस में हुए मैच के बाद भी हुआ था. ईरानी टीम को उसी रात मेक्सिको रवाना होने के लिए मजबूर किया गया था. ईरान के लिए ये अब तक सबसे बड़ी चुनौती रही है.
ईरान की टीम हो सकती है बाहरकप्तान तरेमी के मुताबिक, लॉजिस्टिक्स टीम के बिना उन्हें काफी मुश्किलें हो रही हैं. साथ ही उनकी समस्याएं सुनने वाला भी कोई नहीं है. दरअसल, ईरान की लॉजिस्टिक्स टीम को वीजा नहीं मिला है. तिजुआना से ट्रैवल करना उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण हो रहा है. इसी को लेकर तरेमी ने कहा कि ये फेयरप्ले नहीं है.
तरेमी ने कहा कि शायद फीफा नहीं चाहता कि हम आगे क्वालिफाई करें. अगर वो यही चाहते हैं तो ठीक है. लेकिन, ये फेयर बिल्कुल नहीं है. हमें मदद करने वाला भी कोई साथ नहीं होता. बोल-बोलकर थक गए पर कोई सुनने वाला नहीं है.
ईरान को आगे बढ़ने के लिए ये मनाना है कि अल्जीरिया और ऑस्ट्रिया का मैच ड्रॉ न रहे. अगर ग्रुप जे का ये मैच ड्रॉ होता है. साथ ही डीआर कांगो उज्बेकिस्तान को हरा देती है तो टीम की मुश्किलें बढ़ जाएंगी. वहीं, इनके अलावा, क्रोएशिया अगर घाना से ड्रॉ खेलता है तो ईरान की टीम नंबर 3 की लिस्ट में टॉप 8 से बाहर हो जाएगी. माने उरुग्वे के बाद साउथ कोरिया और स्कॉटलैंड के साथ ईरान नंबर 3 पर रहने के बावजूद बाहर होने वाली चौथी टीम बन जाएगी.
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