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तेरहवीं में मालपुआ नहीं बनवा पाए, 'पंचों' ने 40 परिवारों का राशन-पानी बंद कर दिया

Rajasthan में अंतिम संस्कार के भोज में 'मालपुआ' न परोसने पर बुजुर्गों ने 40 से ज्यादा परिवारों का बहिष्कार कर दिया. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

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राजस्थान में मालपुआ न बांटने पर परिवारों का बहिष्कार कर दिया गया. (फोटो- आज तक)

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  • राजस्थान के सिरोही जिले के मंडवारिया गांव में अंतिम संस्कार के भोज में मालपुआ न बांटने पर 42 परिवारों को सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है।
  • इस विवाद की पृष्ठभूमि एक कमजोर परिवार द्वारा आखिरी संस्कार भोज में पारंपरिक मालपुआ न परोसने से स्थानीय बुजुर्ग वर्ग में असंतोष और पुराने विवाद हैं।
  • प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और पुलिस ने FIR दर्ज करने को कहा है, जबकि प्रभावित परिवारों ने लॉक-आउट और सुविधाओं से वंचित होने की शिकायत दर्ज कराई है।

राजस्थान में अंतिम संस्कार के भोज से जुड़ा एक अजीब मामला सामने आया है. एक गांव के 40 से ज्यादा परिवारों का कथित तौर पर सामाजिक बहिष्कार किया गया है. बताया गया कि ये सभी परिवार उस शख्स के घर अंतिम संस्कार में शामिल हुए, जिसने ‘मृत्युभोज’ (तेरहवीं) में मालपुआ नहीं बांटा था. जिले के DM ने मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं. पुलिस ने भी मामले की जांच के बाद FIR दर्ज करने की बात कही है. मामला सिरोही जिले के मंडवारिया गांव का बताया जा रहा है. 

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Deccan Herald की रिपोर्ट के मुताबिक, बारलूट पुलिस स्टेशन इलाके में मंडवारिया गांव में एक आर्थिक रूप से कमजोर परिवार ने अंतिम संस्कार में सादे भोजन की व्यवस्था की थी. रिपोर्ट के मुताबिक, परिवार ने ऐसे भोज में पारंपरिक तौर पर परोसे जाने वाले घी से बने मालपुए का इंतजाम नहीं किया था. इससे उनके समुदाय से जुड़े करीब 1 दर्जन से ज्यादा बुजुर्ग नाराज हो गए. इसके बाद उन्होंने 18 जून को होने वाले इस प्रोग्राम में शामिल हुए 42 परिवारों के सामाजिक बहिष्कार का ऐलान कर दिया.

जरूरी सुविधाएं नहीं मिल रहीं

इस बहिष्कार से प्रभावित परिवारों का आरोप है कि उन्हें उनकी जरूरत की सुविधाएं नहीं मिल पा रही है. इसकी वजह से स्थानीय दुकानदार उन्हें राशन नहीं दे रहे हैं. गांव के कुएं से पानी नहीं भरने दिया जा रहा. यहां तक की खेतों को मालिक उन्हें काम पर भी नहीं रख रहे हैं.

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शादी में शामिल नहीं हो पाए लोग

बहिष्कार से प्रभावित लोगों ने पत्रकारों से बात की और बताया कि हालात बहुत खराब हो गए हैं. हमें राशन नहीं दिया जा रहा है. कुएं से पानी भी नहीं ले पा रहे. एक और पीड़ित ने बताया कि ‘पंचों’ के इस बहिष्कार की वजह से वो अपने रिश्तेदार की शादी में नहीं शामिल हो पाए. क्योंकि बहिष्कार का उल्लंघन करने वाले को 11 हजार की जुर्माना देना होगा. बहिष्कार से प्रभावित परिवारों ने 20 जून को थाने में शिकायत दर्ज कराई है. परिवारों का आरोप है कि अभी भी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है. गुरुवार, 25 जून को सभी प्रभावित परिवारों ने DM से इस मामले की शिकायत की है. DM ने मामले में कार्रवाई करने का आदेश दिया.

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वहीं, बारलूट पुलिस स्टेशन के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर रमेश कुमार ने बताया कि यह मामला पुरानी रंजिश से जुड़ा हुआ लग रहा है. जांच के बाद ही FIR दर्ज की जाएगी.

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