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T20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी और टीम इंडिया के बीच क्या ऑफस्पिनर्स खड़े हैं?

विरोधी टीमें इसे समझ चुकी हैं. वो जानबूझकर ऑफ-स्पिनर्स से बॉलिंग करा रही हैं. फिर चाहे पाकिस्तान वाले मैच में सलमान आगा का खुद को लाना हो. या नीदरलैंड्स के स्पिनर आर्यन दत्त की बॉलिंग हो. इंडियन बैटर्स इनके सामने स्ट्रगल करते दिखे हैं.

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इस वर्ल्ड कप में ग्रुप स्टेज में भारत ने सबसे ज्यादा ऑफस्पिन गेंदें खेली हैं. (फोटो- PTI)

T20 World Cup में भारत की विनिंग स्ट्रीक जारी है. टीम ने ग्रुप स्टेज में 4 में से चारों मैच जीते हैं. टीम सुपर-8 में पहुंच चुकी है. लेकिन एक सवाल अभी भी फैन्स और क्रिकेट एक्सपर्ट्स के मन में है, क्या भारत को ऑफ स्पिनर्स को खेलने में समस्या हो रही है? नीदरलैंड्स के खिलाफ आखिरी ग्रुप मैच में भी ये देखने को मिला. टीम ‘नॉट-सो रेगुलर’ ऑफ स्पिनर्स के खिलाफ भी फंसती नज़र आई.

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क्या मिडिल ऑर्डर में लेफ्टी बैटर्स होने से टीम को घाटा हो रहा है? या बैटर अपने आप को अप्लाई नहीं कर पा रहे हैं? आइए समझते हैं.

भारत की बैटिंग लाइन-अप में क्या खास है?

भारत के टॉप ऑर्डर और मिडिल ऑर्डर में ज्यादातर लेफ्ट-हैंड बैटर हैं. पहले 8 बल्लेबाजों में से 6 लेफ्ट-हैंडर हैं. मसलन, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, तिलक वर्मा, अक्षर पटेल और शिवम दुबे. लेफ्ट-हैंड बल्लेबाजों के लिए ऑफ स्पिनर्स को खेलना कभी-कभी मुश्किल होता है. ऑफ स्पिनर की गेंद बाहर से अंदर आती है. और स्टंप्स की तरफ जाती गेंद को खेलना वैसे भी थोड़ा कठिन होता है.

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इंडियन बैटर्स ऑफस्पिन के सामने स्ट्रगल करते दिखे हैं.

विरोधी टीमें इसे समझ चुकी हैं. वो जानबूझकर ऑफ-स्पिनर्स से बॉलिंग करा रही हैं. फिर चाहे पाकिस्तान वाले मैच में सलमान आगा का खुद को लाना हो. या नीदरलैंड्स के स्पिनर आर्यन दत्त की बॉलिंग हो. इंडियन बैटर्स इनके सामने स्ट्रगल करते दिखे हैं.

ग्रुप स्टेज में आंकड़े क्या बताते हैं?

इस वर्ल्ड कप में ग्रुप स्टेज में भारत ने सबसे ज्यादा ऑफस्पिन गेंदों को खेला है. टोटल 102 गेंदें. ये टूर्नामेंट में किसी भी टीम से कहीं ज्यादा है. इन 102 गेंदों पर भारत का स्कोरिंग रेट हर ओवर में सिर्फ 6.23 का रहा है. T20 के हिसाब से ये काफी धीमा है.

टूर्नामेंट में कम से कम 6 ओवर ऑफस्पिन खेलने वाली 13 टीमों में से सिर्फ नेपाल (5.25) और ओमान (5.42) से भारत का रन रेट बेहतर है. बाकी सभी टीमें 8 या उससे ज्यादा के रन रेट से रन बना रही हैं.

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नामीबिया का रन रेट 6.80 का है. जो भारत से ज्यादा है. इतना ही नहीं, इंडियन टीम ने विकेट्स भी ज्यादा लूज किए हैं. ऑफस्पिन के खिलाफ भारत का औसत सिर्फ 13.25 का रहा है. माने, हर 13-14 रन पर विकेट गिर रहा है.

ये आंकड़े बताते हैं कि ऑफस्पिन भारत के लिए एक समस्या है. जिसे टीम सुपर-8 से पहले सुधारना चाहेगी.

नीदरलैंड्स मैच में क्या हुआ?

भारत के खिलाफ नीदरलैंड्स के ऑफ स्पिनर आर्यन दत्त ने शानदार बॉलिंग की. उनकी लाइन-लेंथ. कंट्रोल. और स्पीड वेरिएशन. सब ऑन पॉइंट था. उन्होंने 4 ओवर में सिर्फ 19 रन दिए और 2 विकेट लिए. आर्यन की बॉल पिच पर स्किड हो रही थी और कभी-कभी टर्न भी ले रही थी.

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भारत के खिलाफ नीदरलैंड्स के ऑफस्पिनर आर्यन दत्त ने शानदार बॉलिंग की.

दूसरी तरफ, कोलिन एकरमैन ने भी सधी हुई बॉलिंग कराई. लेकिन लेंथ में उन्होंने गलती की, जिससे भारत ने उन पर 3 छक्के जड़े. दत्त की बॉलिंग ने दिखाया कि एक अच्छा ऑफस्पिनर भारतीय बैटर्स को रन बनाने से रोक सकता है.

अभिषेक शर्मा ने ऑफस्पिन के खिलाफ अटैक करने की कोशिश की. पर वो अपना विकेट दे गए. पाकिस्तान के कप्तान सलमान आगा ने भी उनके सामने नई गेंद से ऑफस्पिन डाली थी. और अभिषेक को आउट भी किया. ईशान किशन को भी आर्यन दत्त ने आउट किया था.

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ईशान किशन को भी आर्यन दत्त ने आउट किया था.
कौन-कौन से बल्लेबाज परेशान हुए?

तिलक वर्मा ने अब तक ऑफस्पिन पर 31 गेंदों में सिर्फ 26 रन बनाए हैं. उन्होंने एक बार ऑफस्पिनर को अपना विकेट भी दिया है. लेकिन पेसर्स के खिलाफ उनका रिकॉर्ड काफी शानदार है. पहले 10 ओवर में उन्होंने पेस बॉलिंग पर 41 गेंदों में 62 रन बनाए हैं. यानी तिलक पेस के खिलाफ अच्छा खेल रहे हैं. स्पिनर्स पर उनकी कमजोरी दिखी है.

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तिलक वर्मा ने अब तक ऑफस्पिन पर 31 गेंदों में सिर्फ 26 रन बनाए हैं. 

कप्तान सूर्यकुमार यादव का ऑफस्पिनर्स के खिलाफ इस टूर्नामेंट में हाल कुछ अच्छा नहीं है. 27 गेंदों में वो 28 रन ही बना पाए हैं. एक बार विकेट भी दिया है. पेसर्स खिलाफ SKY का रिकॉर्ड पहले 10 ओवरों में तिलक से भी नीचे है. उन्होंने टूर्नामेंट में पेसर्स की 26 गेंदें खेली, और सिर्फ 29 रन बनाए हैं. लेकिन सूर्या का रिकॉर्ड डेथ ओवर्स में गजब है. SKY इस फेज में हर ओवर में 10 से ज्यादा रन स्कोर करते हैं. पेसर्स के खिलाफ डेथ में वो 15+ के ओसत से रन बनाते हैं.

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 सूर्यकुमार यादव का ऑफस्पिनर्स के खिलाफ इस टूर्नामेंट में हाल कुछ अच्छा नहीं है.

पर ये पैटर्न क्या इंडियन बैटर्स के साथ ही है? नहीं. दक्षिण अफ्रीका के क्विंटन डी कॉक ने इस टूर्नामेंट में ऑफस्पिनर्स की सबसे ज्यादा बॉल्स खेली हैं. 35 गेंदों में उन्होंने मात्र 40 रन बनाए हैं.

लेकिन असल बात ये है कि भारत के लेफ्ट-हैंडर्स ऑफ-स्पिनर्स के सामने ज्यादा स्ट्रगल करते दिख रहे हैं. सुपर-8 में ये खतरा और बढ़ सकता है. भारत के ग्रुप में दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे, वेस्ट इंडीज जैसी टीमें हैं. और ये सभी टीमें इस स्ट्रैटजी पर काम करके आएंगी. और इंडियन बैटर्स को फंसाने की कोशिश करेंगे. इन टीमों के पास अपने असलहे भी मौजूद हैं.

दक्षिण अफ्रीका के पास ऑफस्पिनर के रूप में एडेन मार्कराम हैं. जिम्बाब्वे की टीम से सिकंदर रजा नई बॉल से बॉलिंग करा चुके हैं. और वेस्ट इंडीज के पास रोस्टन चेस का ऑप्शन है.

भारत क्या कर सकता है?

ये बात तो साफ है कि भारत की टीम इसे नजरअंदाज नहीं कर रही है. नेट्स में प्रैक्टिस के दौरान भी टीम इस पर काम करती है. जैसे उस्मान तारिक को काउंटर करने के लिए टीम ने उसी तरह से प्रैक्टिस की थी. सूर्यकुमार यादव उसी एक्शन से नेट्स में बैटिंग प्रैक्टिस करता दिखे थे.

पर इंडियन टीम ने इससे निपटने के लिए अभी तक कोई बड़ा बदलाव नहीं किया. कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि नंबर तीन पर तिलक वर्मा और चार पर सूर्यकुमार यादव आते हैं. इनकी पोजीशन स्वैप की जा सकती है. तिलक पेसर्स के सामने अच्छे से खेलते हैं. जबकि सूर्या डेथ ओवर्स में पावर दिखाते हैं.

लेकिन क्रिकेट सिर्फ डेटा भर नहीं है. रियल टाइम मैच कंडीशन और प्लेयर्स की फॉर्म भी मायने रखती है. फिलहाल इंडियन टीम का टेम्प्लेट अच्छा चल रहा है. इसलिए बड़े बदलाव से टीम बच रही है. जो कि एक पॉजिटिव साइन भी है.

शिवम दुबे ने नीदरलैंड्स के खिलाफ अच्छी पारी खेली और टीम को मुश्किल सिचुएशन से निकाला. लेकिन अगर सुपर-8 में ऑफस्पिन से परेशानी बढ़ी, तो टीम को कुछ आउट ऑफ द बॉक्स सोचना और करना होगा.

जब तक रिजल्ट मिल रहे हैं तो ‘सब चंगा सी’ है. टीम ग्रुप मैचों में लगभग हर मैच में फंसी है. लेकिन हर बार किसी न किसी प्लेयर ने टीम के लिए परफॉर्म किया है. बड़े टूर्नामेंट के हिसाब से ये एक बढ़िया साइन है. क्योंकि टीम गेम में कोई एक प्लेयर आपको मैच जिता सकता है, टूर्नामेंट नहीं.

वीडियो: T20 World Cup 2026: सूर्यकुमार यादव ने पाकिस्तान के साथ हैंडशेक पर क्या कहा?

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