"जब मैं बैटिंग को पहुंचा तब चीजें आसान नहीं थीं. मेरे पास और कोई चॉइस नहीं थी सिवाय संभल के लगातार बैटिंग करने के. हमने दूसरी पारी में पहली पारी से बेहतर खेल दिखाया. विजय शंकर ने शानदार बैटिंग की लेकिन वह दुर्भाग्यवश आउट हो गए. धोनी और केदार जल्दी आउट हो गए.आखिरी ओवरों में बॉलिंग पर कोहली ने बताया,
विजय से मैं 46वां ओवर कराना चाहता था. इसको लेकर धोनी और रोहित से बात की तो उन्होंने शमी और बुमराह से बॉलिंग करने को कहा क्योंकि कुछ विकेट अगर जाते तो चीजें आसान हो जाती. और ऐसा ही हुआ. विजय ने सिंपल स्टंप-टू-स्टंप बॉलिंग की और यह काम कर गया."बुमराह तो चैम्पियन हैं बुमराह को लेकर कोहली ने कहा, 'वो तो चैंपियन हैं. एक ओवर में दो विकेट लेकर मैच ही बदल दिया. उनका हमारी टीम में होना अच्छा है. इस तरह की चीजों से कॉन्फिडेंस बढ़ता है. हमें इस बात का गर्व है कि वो हमारे साथ खेल रहे हैं. यह महत्वपूर्ण है कि कई बार मैच हाथ से जाता हुआ लगता है लेकिन उन मुकाबले में जीत जाते हैं. वर्ल्ड कप में यदि इसी तरह कम स्कोर रहा तो हमें आख़िरी गेंद तक संघर्ष करना होगा और उस वक्त के लिए यह मैच एग्जापल सेट कर सकता है.' 40वें शतक को लेकर कोहली ने कहा-
हंड्रेड लगाकर आपको अच्छा लगता है लेकिन यह तो बस एक नंबर है. अच्छा लगता है जब भारत के लिए मैच जीतते हैं.मैच के बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान आरोन फिंच ने कहा,
खिलाड़ियों को अच्छी शुरुआत मिली लेकिन हम उसे बड़ी इनिंग में नहीं बदल सके, जैसा कि कोहली ने किया. कोहली की पारी ने दोनों टीम के बीच अंतर पैदा किया. खासकर एक विकेट जल्दी गिरने के बाद हमें पार्टनरशिप की जरुरत थी. हमारे टॉप के बैट्समैन ने अगर 80-100 बनाए होते तो हम मैच जीत सकते थे. 20-30 रन कम रह गए. लेकिन हमारे गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया.
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