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पंचर कार, गंजा सर, कोकीन और जेल, इस 'फेल्ड क्रिकेटर' की कहानी में सब है!

क़िस्से, अगले बॉथम बताए गए क्रिस लूईस के.

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क्रिस लुईस (फोटो - Getty Images)

साल 2009. मई का महीना. भारत से हजारों किलोमीटर दूर इंग्लैंड की एक कोर्ट. सजा सुनाते हुए जज साब बोले,

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'न्याय से भागने की कायराना कोशिश में, आप दोनों ने उस अपराध को एक-दूसरे पर डालने की कोशिश की. जो आपने एकसाथ मिलकर किया था. ड्रग स्मगलर्स किसी निर्दोष इंसान के सामान में इतना कीमती सामान नहीं रखेंगे. आप अपने प्रोफेशन के टॉप पर गए. लेकिन यह लालच था और मुझे यकीन है कि आपने ये रिस्क उठाया क्योंकि आपको लगा कि इसे उठाया जा सकता है. क्योंकि इसके पीछे मिलने वाला इनाम संतोषजनक था. आप जानबूझकर और अपनी मर्ज़ी से एक बड़े संगठित अपराध में शामिल हुए.'

सजा, जो अपराध करने पर मिलती है. अपराध, जिसे करने वाले को अपराधी बुलाते हैं. आज सिली पॉइंट में बात ऐसे ही एक अपराधी की. जिसे एक वक्त में इंग्लैंड की अगली पीढ़ी का सबसे बड़ा ऑलराउंडर बताया गया था. कहते थे कि सर इयन बॉथम की जगह यही बंदा भरेगा. लेकिन ऐसा हुआ नहीं. क्यों नहीं हुआ? यही तो बताएंगे. चलिए, आगे बढ़ते हैं.

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14 फरवरी 1968. कैरेबियन देश गयाना के जॉर्जटाउन में एक लड़के का जन्म हुआ. नाम रखा गया क्लेयरमोंटे क्रिस्टोफर लुईस. आगे चलकर दुनिया ने इसे क्रिस लुईस के नाम से पहचाना. 6 फीट दो इंच का क्रिस दाहिने हाथ का मीडियम पेस बोलर और इसी हाथ से बैटिंग करने वाला ऑलराउंडर था. क्रिस की फील्डिंग भी कमाल थी.

और ये तीनों चीजें इतनी परफेक्ट थीं कि लोगों को क्रिस से शुरू में ही बहुत उम्मीद हो गई. 1992 के वर्ल्ड कप में क्रिस ने अच्छी बोलिंग भी की. लेकिन जब इंग्लैंड को ज्यादा जरूरत होती, क्रिस का सारा टैलेंट तिलंडे में चला जाता. जरूरत के वक्त क्रिस बमुश्किल ही कभी परफॉर्म कर पाया. अपने करियर में क्रिस ने कभी लेस्टरशॉ तो कभी नॉटिंघम और कभी सरी के लिए काउंटी क्रिकेट खेली.

और वह लगातार छह टूर्स पर इंग्लैंड के ड्रेसिंग रूम में भी रहा. लेकिन इन टूर्स में 1992-93 में मद्रास टेस्ट में आई सेंचुरी हटा दें, तो क्रिस का प्रदर्शन भुलाने लायक रहा. लेकिन क्रिस की यही खासियत थी, आप उससे नफरत कर सकते थे, प्यार कर सकते थे, लेकिन उसे इग्नोर नहीं कर सकते थे. क्रिस था ही इतना अतरंगी.

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तभी तो, 1993-94 के वेस्ट इंडीज़ के टूर पर पहुंचते ही क्रिस ने सोचा कि बाल कटाए जाएं. बंदा सलून भी नहीं गया. साथी डेवन मैल्कम से कहा- गंजा कर दो. यही नहीं, अभी और सुनिए. गंजा होकर भी इन्हें संतोष नहीं. भाईसाब ने दिन में दो बार शेव करके कंफर्म किया, कि बाल कहीं उगने ना पाएं. गंजे सर के साथ हफ्ते भर ट्रेनिंग. वो भी बिना हैट. फिर आया टूर का पहला मैच. एंटीगा XI के खिलाफ़. भाईसाब सनस्ट्रोक के चलते मैच से बाहर. क्रिकइंफो के मुताबिक, फ्रस्ट्रेटेड इंग्लिश फिजियो डेव रॉबर्ट्स बोले- 'मैं हफ्ते भर से इसे हैट पहनने के लिए बोल रहा था.'

इस टूर पर उनके चुने जाने ने भी बहुत चर्चा बटोरी थी. क्योंकि 1993 की एशेज के पहले दो टेस्ट में क्रिस ने कुल 52 रन बनाए थे. और अपने दो विकेट्स के लिए 238 रन खर्चे थे. फिर टीम से निकाले गए तो एक फीमेल मैग्जीन के लिए न्यूड मॉडल बन बैठे. और इन कर्मों के बाद जब उन्हें चुना गया तो टाइम्स में एलन ली ने लिखा,

'खेल के सबसे क्रुद्ध करने वाली पहेलियों में से एक को इंग्लैंड ने गाजर पकड़ा दी. जबकि यहां डंडा ज्यादा सही पड़ता. वह खुद को देश के सबसे लकी क्रिकेटर्स में से एक मान सकता है.'

विंडीज़ टूर पर क्या हुआ आप जानते ही हैं. लेकिन इससे बाहर बैठे लोगों को हैरानी नहीं हुई. क्योंकि क्रिस पहले भी कई दफ़ा लास्ट मोमेंट पर बीमारी के चलते मैच से बाहर बैठ चुके थे. लेकिन टीम के साथ मौजूद लोग इस बात से बहुत गुस्सा हुए. टीम के कोच ने कहा,

'वो मूर्ख जाकर क्लू-बॉल खेल रहा है.'

लेकिन क्रिस को इन बातों से जैसे कोई फ़र्क ही नहीं पड़ता. उन्होंने मीडिया से कहा,

'कुछ लोग अपनी हेयरस्टाइल बदलते हैं. मैं बालों से तंग आ चुका हूं.'

तंग तो ख़ैर लोग भी क्रिस से आ चुके थे. तभी तो कैप्टन माइक आर्थटन ने टूर के बाद लिखा,

'बाकी कप्तानों की तरह, मैंने भी पहेली जैसे लूईस से उनका बेस्ट निकालने की कोशिश की. और बाकी कप्तानों की तरह मैं भी फेल रहा. अंत में आप एक प्लेयर को सिर्फ कुएं तक ले जा सकते हो, आप उसके लिए पानी नहीं पी सकते.'

ख़ैर, टूर खत्म हुआ. और इस टूर पर क्रिस लूईस की सबसे बड़ी अचीमेंट रही सेंट जॉन्स के मैदान पर खेली गई 75 रन की नाबाद पारी. लेकिन इस पारी को खुद क्रिस भी नहीं याद करते होंगे? पता है क्यों? क्योंकि ये उसी मैच में आई थी जिसमें ब्रायन चार्ल्स लारा ने 375 कूटे थे. और पारी में इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा क्रिस ही पिटे थे.

क्रिस का करियर आगे सात टेस्ट और आठ वनडे तक ही चला. इसके बाद सेलेक्टर्स ने उनकी ओर से नज़रें फेर लीं. क्यों फेरीं? ये क़िस्सा भी दिलचस्प है. 1996 में ओवल में एक टेस्ट मैच होना था. इस मैच के लिए क्रिस भी टीम में थे. लेकिन वो प्रैक्टिस के लिए समय पर नहीं पहुंचे. कारण पूछने पर उन्होंने कहा- मेरी गाड़ी पंचर हो गई थी.

हालांकि इस घटना के बाद भी क्रिस ने इंग्लैंड के लिए कुछ वनडे मैच खेले. लेकिन इन मैचेज में उन्हें खिलाना शायद इंग्लैंड की मजबूरी थी. तभी तो पहला मौका मिलते ही इंग्लैंड ने क्रिस को किनारे लगा दिया. साल 1998 में वह आखिरी बार इंटरनेशनल क्रिकेट खेले. साल 2008 में क्रिस ने 40 साल की उम्र में वापसी की. सरी के साथ जुड़े.

शर्त थी कि जितने मैच खेलेंगे, उतने पैसे मिलेंगे. लेकिन ये वापसी लंबी नहीं चल पाई. इसी साल दिसंबर में पुलिस ने क्रिस को गिरफ़्तार कर लिया. सेंट लूसिया से लौट रहे क्रिस के पास तीन किलो कोकीन मिली. ये कोकीन फ्रूट जूस के केन्स में लिक्विड फॉर्म में रखी थी. और इस अपराध में क्रिस के साथ पूर्व बास्केटबॉल प्लेयर चैड किर्नन को भी दोषी पाया गया.

अदालत ने दोनों को 13 साल की सजा सुनाई. सजा सुनाते वक्त जज ने क्या कहा, वो हमने आपको पहले ही बता दिया था. हालांकि बाद में क्रिस को छह साल बाद ही छोड़ दिया गया. जेल से छूटने के बाद लूईस प्रोफेशनल क्रिकेटर्स असोसिएशन के साथ मिलकर काम करने लगे. लूईस ने बाद में स्वीकारा कि एकाएक पैसों का रास्ता बंद होने के चलते उनसे गलतियां हुईं. और वह इन गलतियों के लिए शर्मिंदा हैं.

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