ब्रायन बैनेट. द न्यू सेंसेशन ऑफ क्रिकेट. जी हां, जिम्बाब्वे के इस प्लेयर को ये तमगा देना कतई ओवरबोर्ड जाना नहीं कहलाएगा. 22 साल का ये लड़का जिम्बाब्वे का ऐसा हीरो बन गया है कि T20 World Cup में सब इसके चर्चे कर रहे हैं. जिम्बाब्वे भले ही टूर्नामेंट से बाहर हो गई है, लेकिन बुमराह, चक्रवर्ती, अर्शदीप, अक्षर जैसे स्टार्स के सामने बैनेट ने जो किया वो टैलेंट ही करा सकता है. इतना ही नहीं, इस बैटर को टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका और भारत जैसी टीमें आउट तक नहीं कर पाई हैं.
277 एवरेज! जिम्बाब्वे के इस बैटर को ऑस्ट्रेलिया-भारत जैसी टीमें आउट तक नहीं कर पाई हैं
T20 World Cup में अभी तक उन्होंने कोई सिक्स नहीं मारा था, लेकिन इंडिया के खिलाफ 6 छक्के लगा दिए. जिम्बाब्वे के पूर्व क्रिकेटर और बैनेट के कोच टेलर कहते हैं कि वो खुद ब्रायन से सीख रहे हैं.


बैनेट ने इंडिया के खिलाफ नॉट आउट 97 रनों की पारी खेली. सिर्फ 59 बॉलों पर. उनका इस पूरे टूर्नामेंट में एवरेज 277 का है. सुन के बिलीव तो नहीं होगा, पर ये सच है. वो T20 वर्ल्ड के इस एडिशन में चार बार नॉट आउट रहे हैं. सिर्फ वेस्टइंडीज के खिलाफ आउट हुए थे.

ब्रायन का जन्म 10 नवंबर 2003 को हुआ. जिम्बाब्वे में. लेकिन उनकी पढ़ाई-लिखाई और क्रिकेट की शुरुआती काफी पॉश रही. पीटरहाउस स्कूल में पढ़ाई. जो जिम्बाब्वे के सबसे नामी बॉयज बोर्डिंग स्कूलों में से एक है. वहां से कई बड़े क्रिकेटर्स निकले हैं. मसलन, गैरी बैलेंस और रयान बर्ल.
स्कूल के बाद ब्रायन ने एक साल साउथ अफ्रीका के किंग्सवुड कॉलेज में बिताया. जहां पूर्व फर्स्ट-क्लास क्रिकेटर एंड्रयू बर्च ने उन्हें कोच किया. परिवार ने प्राइवेट कोचिंग के लिए पैसे लगाए. ब्रेंडन टेलर जैसे लीजेंड से भी उन्होंने ट्रेनिंग ली.
बैनेट ने अभी तक सिर्फ 77 इंटरनेशनल मैच खेले हैं. उन्होंने चार सेंचुरी और 13 फिफ्टी लगा दी हैं. T20I में जिम्बाब्वे के ऑल-टाइम टॉप रन-स्कोरर्स की लिस्ट में वो चौथे नंबर पर पहुंच गए हैं. उनके कोच टेलर कहते हैं,
"इस लड़के में कुछ अलग है, जो जिम्बाब्वे क्रिकेट में सालों बाद दिखा. रिएक्टिव बैटर है, हर गेंद पर शॉट्स लगाता है, और नर्वस नहीं होता. क्रिकेट में शांत रहना उसकी सबसे बड़ी ताकत है, जो पूरी टीम को प्रभावित करती है."

T20 वर्ल्ड कप 2026 की बात करें तो बैनेट ने शुरू से ही कमाल दिखा दिया था. ओमान के खिलाफ मैच में 48 रन बनाए. मात्र 36 बॉल्स पर. अपर कट और पैडल स्वीप जैसे शॉट्स लगाए.
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में उन्होंने कूल माइंड दिखाया. पहली 12 बॉल पर 5 रन बनाए. इसके बाद जब सेट हो गए तो 64 रन नॉट आउट बना गए. सिर्फ 56 बॉल्स पर. इतना ही नहीं, इस मैच में जिम्बाब्वे को ऐतिहासिक जीत भी दिलाई.
श्रीलंका के खिलाफ मैच में 180 चेज करने थे. बैनेट ने क्लिनिकल इनिंग खेलते हुए नॉट आउट 63 रन बनाए. और फिर इंडिया के सामने. 257 का टारगेट. लेकिन ब्रायन ने ओपनिंग करते हुए 97 रन बना दिए. 8 चौके, 6 छक्के, स्ट्राइक रेट 164 का. इस मैच में भी इंडियन बॉलर्स उन्हें आउट नहीं कर पाए. एक छक्का तो उन्होंने बुमराह की बॉल पर लगाया.

इस पूरे टूर्नामेंट में अभी तक उन्होंने कोई सिक्स नहीं मारा था, लेकिन इंडिया के खिलाफ 6 छक्के लगा दिए. जिम्बाब्वे के पूर्व क्रिकेटर और बैनेट के कोच टेलर कहते हैं कि वो खुद ब्रायन से सीख रहे हैं. टेलर बताते हैं,
“हम सब इस लड़के से कुछ न कुछ सीख सकते हैं. उसका बैटिंग अप्रोच कमाल का है. जिम्बाब्वे क्रिकेट के लिए ये कुछ स्पेशल होने वाला है."
22 साल का ये लड़का अब जिम्बाब्वे का फ्यूचर स्टार है. नॉट आउट रहना, नर्वस न होना, हर सिचुएशन में एडजस्ट करना. ये सब उसे अलग बनाता है. क्रिकेट में कहा जाता है कि कुछ टूर्नामेंट्स फ्यूचर शेप करते हैं. शायद ब्रायन के लिए T20 World Cup 2026 फ्यूचर डिसाइडिंग है. और बड़ी टीमों के लिए एक चेतावनी, कि इस क्रिकेटर को फ्यूचर में हल्के में ना लें.
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