# मामला क्या था?
दरअसल अपनी किताब में स्टोक्स ने रोहित और कोहली की बैटिंग को संदेहास्पद करार दिया है. जबकि धोनी और जाधव के बारे में उन्होंने साफ लिखा है कि उन दोनों ने जीत की इच्छा ही नहीं दिखाई. बर्मिंघम में हुए इस मैच में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग का फैसला किया. जॉनी बैरिस्टो की सेंचुरी के दम पर अंग्रेजों ने सात विकेट खोकर 337 रन बनाए. जवाब में भारतीय टीम पांच विकेट खोकर 306 रन ही बना पाई. धोनी और जाधव नाबाद लौटे. इस मैच के बारे में स्टोक्स ने लिखा,‘जब धोनी बैटिंग के लिए आए, तब 11 ओवर में 112 रन चाहिए थे. जाहिर तौर पर उन्होंने जिस तरह बैटिंग की, वह काफी अजीब था. उन्होंने छक्कों की जगह सिंगल्स लेने में ज्यादा इंट्रेस्ट दिखाया. मैच में जब सिर्फ 12 बॉल बची थी, तब भी भारत जीत सकता था. लेकिन धोनी और उनके पार्टनर केदार जाधव ने जरा-सा या फिर एकदम से इंट्रेस्ट नहीं दिखाया. मेरे लिए जब तक जीत संभव हो, तब तक आप प्रयास करते हैं.’स्टोक्स ने यह भी लिखा कि उनकी टीम को लगा था कि धोनी जान-बूझकर मैच को खींच रहे थे, जिससे रन-रेट पर प्रभाव न पड़े. धोनी ने इस मैच में 31 बॉल पर 42 रन बनाए. हालांकि उन्होंने तेजी से रन आखिरी ओवर्स में बनाए, जब मैच भारत की पकड़ से दूर जा चुका था. धोनी ने अपनी आखिरी सात बॉल पर 13 रन बनाए, जबकि पहली 24 बॉल पर उनके नाम 29 रन थे. स्टोक्स ने लिखा,
‘हमारे कैंप की सोच थी कि धोनी का खेलने का तरीका हमेशा ही सेम रहा है. अगर भारत मैच न भी जीत पाए, वह मैच को लास्ट तक ले जाकर रन रेट सही रखने की कोशिश करता है. उनकी सबसे बड़ी बात हमेशा से यही रही है कि वह खुद को अंतिम ओवर तक क्रीज पर रखकर जीतने का मौका देना चाहते हैं. लेकिन वह चाहते हैं कि हार के वक्त भी वह अंत तक रहें और लक्ष्य के जितना करीब हो सके, जाएं.’स्टोक्स ने रोहित और कोहली की बैटिंग पर भी अचरज जताया. उन्होंने लिखा,
‘रोहित शर्मा और विराट कोहली जिस तरह से खेले, वह रहस्यमय था. मुझे पता है कि हमारे बोलर्स ने बेहतरीन बोलिंग की, लेकिन वे जिस तरह से बैटिंग कर रहे थे, यह अजीब था. उन्होंने अपनी टीम को मैच में काफी पीछे होने दिया. उन्होंने हमारी टीम पर प्रेशर डालने की कोई कोशिश की नहीं की.’इस मैच में रोहित ने 102 और कोहली ने 66 रन बनाए थे. इन दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 128 रन की पार्टनरशिप की, लेकिन इसके लिए उन्होंने लगभग 26 ओवर खेले.
बेन स्टोक्स का दावा, 'वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ जीतना ही नहीं चाहते थे धोनी, कोहली और रोहित'
























