पाकिस्तान के लिए श्रीलंका के खिलाफ करो या मरो का मुकाबला है. सुपर-8 के अंतिम मैच में उन्हें सिर्फ जीत की दरकार नहीं है. बल्कि उन्हें श्रीलंकाई टीम को 65 रनों से हराना है. ऐसा इसलिए क्योंकि टॉस जीतकर श्रीलंकाई कप्तान दासुन शनाका ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया है.
क्यों ड्रॉप हुए बाबर आजम? पाकिस्तान के कोच ने चला बड़ा दांव
श्रीलंका के खिलाफ पाकिस्तान सेमीफाइनल की उम्मीदों को जीवंत रखने के इरादे से उतरा है. इस अहम मुकाबले में पाकिस्तानी टीम के सबसे अनुभवी बैटर Babar Azam को टीम से ड्रॉप कर दिया गया है.
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हालांकि, इस अहम मुकाबले में पाकिस्तानी कोच माइक हेसन ने सबको हैरान कर दिया. उन्होंने इस अहम मुकाबले में तीन बदलाव कर दिए. उन्होंने ओपनर सैम अयूब, बाबर आजम और सलमान मिर्जा को इस मुकाबले से बाहर कर दिया. वहीं, उनकी जगह ख्वाजा नफे, अबरार अहमद और नसीम शाह को टीम में शामिल किया गया है. बाबर आजम को लेकर कोच हेसन ने इससे पहले कहा था कि अगर जरूरत पड़ी तो वो उन्हें बाहर कर सकते हैं. अब इस अहम मुकाबले में उन्होंने ऐसा करके भी दिखा दिया है.
बाबर, सैम क्यों हुए ड्रॉप?सैम अयूब के लिए बॉल से भले ही टूर्नामेंट अच्छा रहा हो. लेकिन, वो बैट से कुछ खास योगदान नहीं कर सके. अब उनकी जगह एक बार फिर फखर जमां को टॉप ऑर्डर में शामिल कर लिया गया है. हालांकि, कोच का ये दांव बहुत सही काम कर गया. श्रीलंका के खिलाफ फखर जमां और साहिबजादा फरहान ने पहले विकेट के लिए 176 रनों की पार्टनरशिप की और एक बड़े टोटल की नींव रख दी.
वहीं, बाबर आजम को ड्रॉप करने के पीछे टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन भी है. उन्हें इस वर्ल्ड कप में नंबर 4 की जगह दी गई थी. लेकिन, छह मुकाबलों में बाबर सिर्फ 91 रन ही जोड़ पाए. इस दौरान उनका औसत 22.75 और स्ट्राइक रेट महज 112 का रहा. यही कारण है कि नामीबिया के खिलाफ मुकाबले में भी बाबर को बैटिंग के लिए भेजा भी नहीं गया.
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क्या है सेमीफाइनल का गणित?वहीं, सेमीफाइनल के गणित की बात करें तो, पाकिस्तान को क्वालिफाई करने के लिए कम से कम 65 रनों से ये मुकाबला जीतना होगा. तभी वो नेट रन रेट के मामले में न्यूजीलैंड को पछाड़ पाएंगे. पहली इनिंग में पाकिस्तानी टीम नेे 20 ओवर में 8 विकेट पर 212 रन बनाए. यानी अब उन्हें श्रीलंका को 147 रन के भीतर ऑलआउट करना होगा. या उन्हें इतने रन बनाने से रोकना होगा. वैसे मैच में ओस का भी बड़ा फैक्टर होगा. लेकिन, बड़े टोटल को चेज करने की कोशिश में पिछले मुकाबलों की तरह श्रीलंकाई टीम एक बार फिर कोलैप्स हो सकती है.
वहीं, श्रीलंकाई टीम की बात करें तो, उन्होंने भी दो बदलाव किए. उन्होंने कमिल मिशारा को चोटिल कुसल मेंडिस की जगह शामिल किया. वहीं, जनिथ लियानागे ने दुष्मंत हेमंता की जगह ली. श्रीलंका के लिए ये मुकाबला डेड रबर है. क्योंकि वो पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुके हैं. ये मुकाबले के दौरान उनकी बॉडी लैंग्वेज देखकर भी लग रहा था. श्रीलंका वैसे सम्मान के साथ विदा लेने के लिए जीत के साथ अपना अभियान खत्म करना चाहेगा.
वीडियो: बाबर आजम के बैटिंग पर किसने सवाल उठाए?











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