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रणजी के बाद विजय हजारे चैंपियन भी बना विदर्भ

हर्ष दुबे की कप्तानी में विदर्भ ने पहली बार यह खिताब अपने नाम किया विदर्भ मौजूदा रणजी चैंपियन भी है.

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विदर्भ ने रणजी ट्रॉफी का खिताब भी जीता है. (Photo-PTI)

विदर्भ ने विजय हजारे ट्रॉफी 2026 (Vijay Hazare Trophy) अपने नाम कर ली. फाइनल में टीम का सामना सौराष्ट्र से था. विदर्भ की ओर से अथर्व तायडे ने शानदार शतक लगाया. इसके दम पर टीम ने 317 रन का स्कोर खड़ा किया. हालांकि, सौराष्ट्र की टीम 48.5 ओवर में 279 रन पर ऑल आउट हो गई. इसके साथ ही विदर्भ ने पहली बार यह खिताब अपने नाम किया. विदर्भ मौजूदा रणजी चैंपियन भी है. 

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तायडे का शानदार शतक

विदर्भ की टीम पहले बल्लेबाजी करने उतरी. आर्थव तायडे और अमन मोखाड़े ने पहले विकेट के लिए 80 रन की साझेदारी की. अमन 45 बॉल्स में 33 रन बनाकर अंकुल पंवार की गेंद पर बोल्ड हो गए. अर्थव तायडे ने मैदान के चारों ओर शॉट लगाते हुए सौराष्ट्र के गेंदबाजों को परेशान किया. 25 साल के खिलाड़ी ने 66 गेंद में सात चौके से 50 रन बनाए. इसके बाद उनके अगले 50 रन सिर्फ 31 गेंद में बने. इसमें पांच चौके और दो छक्के शामिल थे. यह उनका तीसरा लिस्ट ए शतक था. तायडे ने 128 रन बनाए, जिसमें 15 चौके और तीन छक्के शामिल रहे.

तायडे ने यश राठौड़ (54) के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 18 ओवर में 133 रन जोड़े. तायडे ने अमन मोखाड़े (33) के साथ पहले विकेट के लिए 80 रन की पार्टनरशिप भी की. टीम का स्कोर जब 213 रन के स्कोर पर पहुंचा, तब तायडे आउट हुए. हालांकि, इसके बाद मीडिल ऑर्डर बल्लेबाजों ने टीम के स्कोर को 300 रन के आंकड़े को पार कराया.

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सौराष्ट्र की खराब शुरुआत

317 रन के जवाब में सौराष्ट्र की शुरुआत अच्छी नहीं रही. सौराष्ट्र ने 30 रन पर दो विकेट गिरने के बावजूद काफी देर तक संघर्ष किया. 112 रन तक पहुंचते-पहुंचते टीम ने चार विकेट खो दिए थे. सौराष्ट्र के लिए प्रेरक मांकड़ (88) और चिरागानी (64) ने अर्धशतक जमाए. इन दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए 93 रन की पार्टनरशिप हुई. इस साझेदारी में विदर्भ का ज्यादा बड़ा रोल था. क्योंकि उन्होंने काफी खराब फील्डिंग की.

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मांकड़ को मिला जीवनदान

मांकड़ को 70 रन पर हर्ष दुबे की गेंद पर मिड-विकेट पर जीवनदान मिला. वहीं, जानी को 14 रन के निजी स्कोर पर जीवनदान मिला. मांकड़ के आउट होने के साथ ही सौराष्ट्र की उम्मीद खत्म हो गईं. दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने बाएं हाथ के स्पिनर दुबे (59 रन देकर एक विकेट) की गेंद पर कट करने की कोशिश की. लेकिन, एलबीडब्ल्यू  हो गए. तेज गेंदबाज दर्शन नालकंडे ने जल्द ही जानी को आउट कर दिया. इसके बाद तेज गेंदबाज यश ठाकुर (50 रन देकर चार विकेट) और नचिकेत भुते (46 रन देकर तीन विकेट) ने पुछल्ले  बल्लेबाजों को आउट करके टीम की जीत तय की.

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